बिहार सरकार ने नेशनल हाईवे पर बढ़ते अतिक्रमण, अनधिकृत पार्किंग और असुरक्षित व्यावसायिक गतिविधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की है। शुक्रवार सुबह पटना के कुर्जी मोड़ स्थित निशान और किया के शोरूम पर जिला प्रशासन द्वारा बुलडोजर चलाया गया। सुबह के 6 बजे से नगर निगम की टीम द्वारा बुलडोजर कार्रवाई की जा रही है। Kia शोरूम के जनरल मैनेजर विवेक कुमार ने बताया कि लगभग 50 करोड़ का नुकसान हुआ है। बिना समय दिये सुबह 6 बजे से 200 फोर्स पहुंची और बुलडोजर चलाना शुरू कर दिया। पटना में NISSAN और KIA के शोरूम पर चला बुलडोजर, देखिए तस्वीर… सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद कार्रवाई तेज सड़क दुर्घटनाओं में लगातार हो रही बढ़ोतरी और सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बाद राज्य सरकार ने राष्ट्रीय राजमार्गों को सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने की दिशा में व्यापक कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी है। इस संबंध में आज मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत की अध्यक्षता में बिहार सड़क सुरक्षा परिषद की उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई। बैठक में परिवहन विभाग, पथ निर्माण विभाग, एनएचएआई, सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय, नगर विकास एवं आवास विभाग तथा पुलिस मुख्यालय सहित कई विभागों के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। बैठक में बताया गया कि नवंबर 2025 में राजस्थान के फलोदी और तेलंगाना के रंगारेड्डी जिले में राष्ट्रीय राजमार्गों पर अतिक्रमण और अवैध पार्किंग की वजह से भीषण सड़क दुर्घटनाएं हुई थीं, जिनमें 34 लोगों की मौत हो गई थी। इन घटनाओं पर स्वतः संज्ञान लेते हुए सुप्रीम कोर्ट ने सभी राज्यों को राष्ट्रीय राजमार्गों को अतिक्रमण मुक्त बनाने और सड़क सुरक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए थे। इसी के अनुपालन में बिहार सरकार ने अब राज्यभर में विशेष अभियान चलाने का निर्णय लिया है। हाईवे किनारे अवैध पार्किंग पर पूरी तरह रोक सरकार ने राष्ट्रीय उच्च पथों के राइट ऑफ वे (ROW) क्षेत्र में भारी और व्यावसायिक वाहनों की अनधिकृत पार्किंग पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने का फैसला किया है। अब ट्रक, बस और अन्य भारी वाहन केवल निर्धारित ट्रक ले-बाय और वे-साइड अमेनिटी क्षेत्रों में ही पार्क किए जा सकेंगे। सरकार ने स्पष्ट किया है कि नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों और संचालकों के खिलाफ जुर्माना सहित अन्य कानूनी कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन का मानना है कि सड़क किनारे बेतरतीब खड़े वाहनों के कारण दुर्घटनाओं का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। 20 दिनों के भीतर हटाने होंगे अवैध ढाबे और होटल बैठक में राष्ट्रीय राजमार्गों के राइट ऑफ वे क्षेत्र में बने अवैध ढाबों, होटलों और अन्य व्यावसायिक संरचनाओं को 20 दिनों के भीतर हटाने का निर्देश दिया गया। यदि तय समयसीमा के भीतर अतिक्रमण नहीं हटाया गया, तो संबंधित जिलाधिकारी की अध्यक्षता में गठित डिस्ट्रिक्ट हाईवे सेफ्टी टास्क फोर्स संयुक्त कार्रवाई करेगी। इस अभियान में जिला प्रशासन, पुलिस, एनएचएआई, पथ निर्माण विभाग और स्थानीय निकाय मिलकर अवैध निर्माण हटाएंगे। नए ढाबा और व्यावसायिक निर्माण पर रोक राज्य सरकार ने राष्ट्रीय राजमार्गों के राइट ऑफ वे क्षेत्र में किसी भी नए ढाबा, होटल या व्यावसायिक निर्माण पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है। अब किसी भी प्रकार का निर्माण कार्य शुरू करने से पहले संबंधित विभाग से अनापत्ति प्रमाण-पत्र (NOC) लेना अनिवार्य होगा। सरकार का कहना है कि बिना अनुमति बनाए गए ढाबे और व्यवसायिक प्रतिष्ठान सड़क सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बनते जा रहे हैं। सीधे हाईवे से प्रवेश वाले प्रतिष्ठानों पर भी कार्रवाई बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि जिन ढाबों, होटलों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों का प्रवेश सीधे राष्ट्रीय राजमार्ग से है, उन्हें वैकल्पिक पहुंच पथ (एक्सेस रोड) बनानी होगी। अगर संबंधित प्रतिष्ठान ऐसा नहीं करते हैं तो उनके खिलाफ “कंट्रोल ऑफ नेशनल हाईवे एक्ट, 2002” के तहत कार्रवाई की जाएगी। सरकार का उद्देश्य हाईवे पर अचानक वाहनों की आवाजाही को नियंत्रित कर दुर्घटनाओं को कम करना है। हाईवे सेफ्टी जोन में भी NOC जरूरी पथ निर्माण विभाग ने स्पष्ट किया है कि राष्ट्रीय राजमार्गों के राइट ऑफ वे क्षेत्र के बाहर स्थित, लेकिन हाईवे सेफ्टी जोन के भीतर आने वाली संरचनाओं के लिए भी NOC लेना अनिवार्य होगा। सरकार के अनुसार आवासीय क्षेत्रों के लिए 40 मीटर तथा व्यावसायिक क्षेत्रों के लिए 75 मीटर तक के दायरे को हाईवे सेफ्टी जोन माना जाएगा। इस दायरे में निर्माण कार्य के लिए संबंधित विभाग की अनुमति आवश्यक होगी। आम लोग भी दे सकेंगे शिकायत बिहार सरकार ने आम नागरिकों से भी इस अभियान में सहयोग की अपील की है। राष्ट्रीय राजमार्गों पर अतिक्रमण, अवैध पार्किंग या सड़क सुरक्षा से जुड़ी किसी भी समस्या की सूचना टोल-फ्री नंबर 1033 और ‘राजमार्ग यात्रा’ ऐप के माध्यम से दी जा सकेगी। राज्य सरकार का मानना है कि राष्ट्रीय राजमार्गों पर अनधिकृत पार्किंग, सड़क किनारे अवैध ढाबे और अतिक्रमण सड़क दुर्घटनाओं की बड़ी वजह बन रहे हैं। ऐसे में यह अभियान सड़क सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। बिहार सरकार ने नेशनल हाईवे पर बढ़ते अतिक्रमण, अनधिकृत पार्किंग और असुरक्षित व्यावसायिक गतिविधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की है। शुक्रवार सुबह पटना के कुर्जी मोड़ स्थित निशान और किया के शोरूम पर जिला प्रशासन द्वारा बुलडोजर चलाया गया। सुबह के 6 बजे से नगर निगम की टीम द्वारा बुलडोजर कार्रवाई की जा रही है। Kia शोरूम के जनरल मैनेजर विवेक कुमार ने बताया कि लगभग 50 करोड़ का नुकसान हुआ है। बिना समय दिये सुबह 6 बजे से 200 फोर्स पहुंची और बुलडोजर चलाना शुरू कर दिया। पटना में NISSAN और KIA के शोरूम पर चला बुलडोजर, देखिए तस्वीर… सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद कार्रवाई तेज सड़क दुर्घटनाओं में लगातार हो रही बढ़ोतरी और सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बाद राज्य सरकार ने राष्ट्रीय राजमार्गों को सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने की दिशा में व्यापक कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी है। इस संबंध में आज मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत की अध्यक्षता में बिहार सड़क सुरक्षा परिषद की उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई। बैठक में परिवहन विभाग, पथ निर्माण विभाग, एनएचएआई, सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय, नगर विकास एवं आवास विभाग तथा पुलिस मुख्यालय सहित कई विभागों के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। बैठक में बताया गया कि नवंबर 2025 में राजस्थान के फलोदी और तेलंगाना के रंगारेड्डी जिले में राष्ट्रीय राजमार्गों पर अतिक्रमण और अवैध पार्किंग की वजह से भीषण सड़क दुर्घटनाएं हुई थीं, जिनमें 34 लोगों की मौत हो गई थी। इन घटनाओं पर स्वतः संज्ञान लेते हुए सुप्रीम कोर्ट ने सभी राज्यों को राष्ट्रीय राजमार्गों को अतिक्रमण मुक्त बनाने और सड़क सुरक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए थे। इसी के अनुपालन में बिहार सरकार ने अब राज्यभर में विशेष अभियान चलाने का निर्णय लिया है। हाईवे किनारे अवैध पार्किंग पर पूरी तरह रोक सरकार ने राष्ट्रीय उच्च पथों के राइट ऑफ वे (ROW) क्षेत्र में भारी और व्यावसायिक वाहनों की अनधिकृत पार्किंग पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने का फैसला किया है। अब ट्रक, बस और अन्य भारी वाहन केवल निर्धारित ट्रक ले-बाय और वे-साइड अमेनिटी क्षेत्रों में ही पार्क किए जा सकेंगे। सरकार ने स्पष्ट किया है कि नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों और संचालकों के खिलाफ जुर्माना सहित अन्य कानूनी कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन का मानना है कि सड़क किनारे बेतरतीब खड़े वाहनों के कारण दुर्घटनाओं का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। 20 दिनों के भीतर हटाने होंगे अवैध ढाबे और होटल बैठक में राष्ट्रीय राजमार्गों के राइट ऑफ वे क्षेत्र में बने अवैध ढाबों, होटलों और अन्य व्यावसायिक संरचनाओं को 20 दिनों के भीतर हटाने का निर्देश दिया गया। यदि तय समयसीमा के भीतर अतिक्रमण नहीं हटाया गया, तो संबंधित जिलाधिकारी की अध्यक्षता में गठित डिस्ट्रिक्ट हाईवे सेफ्टी टास्क फोर्स संयुक्त कार्रवाई करेगी। इस अभियान में जिला प्रशासन, पुलिस, एनएचएआई, पथ निर्माण विभाग और स्थानीय निकाय मिलकर अवैध निर्माण हटाएंगे। नए ढाबा और व्यावसायिक निर्माण पर रोक राज्य सरकार ने राष्ट्रीय राजमार्गों के राइट ऑफ वे क्षेत्र में किसी भी नए ढाबा, होटल या व्यावसायिक निर्माण पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है। अब किसी भी प्रकार का निर्माण कार्य शुरू करने से पहले संबंधित विभाग से अनापत्ति प्रमाण-पत्र (NOC) लेना अनिवार्य होगा। सरकार का कहना है कि बिना अनुमति बनाए गए ढाबे और व्यवसायिक प्रतिष्ठान सड़क सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बनते जा रहे हैं। सीधे हाईवे से प्रवेश वाले प्रतिष्ठानों पर भी कार्रवाई बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि जिन ढाबों, होटलों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों का प्रवेश सीधे राष्ट्रीय राजमार्ग से है, उन्हें वैकल्पिक पहुंच पथ (एक्सेस रोड) बनानी होगी। अगर संबंधित प्रतिष्ठान ऐसा नहीं करते हैं तो उनके खिलाफ “कंट्रोल ऑफ नेशनल हाईवे एक्ट, 2002” के तहत कार्रवाई की जाएगी। सरकार का उद्देश्य हाईवे पर अचानक वाहनों की आवाजाही को नियंत्रित कर दुर्घटनाओं को कम करना है। हाईवे सेफ्टी जोन में भी NOC जरूरी पथ निर्माण विभाग ने स्पष्ट किया है कि राष्ट्रीय राजमार्गों के राइट ऑफ वे क्षेत्र के बाहर स्थित, लेकिन हाईवे सेफ्टी जोन के भीतर आने वाली संरचनाओं के लिए भी NOC लेना अनिवार्य होगा। सरकार के अनुसार आवासीय क्षेत्रों के लिए 40 मीटर तथा व्यावसायिक क्षेत्रों के लिए 75 मीटर तक के दायरे को हाईवे सेफ्टी जोन माना जाएगा। इस दायरे में निर्माण कार्य के लिए संबंधित विभाग की अनुमति आवश्यक होगी। आम लोग भी दे सकेंगे शिकायत बिहार सरकार ने आम नागरिकों से भी इस अभियान में सहयोग की अपील की है। राष्ट्रीय राजमार्गों पर अतिक्रमण, अवैध पार्किंग या सड़क सुरक्षा से जुड़ी किसी भी समस्या की सूचना टोल-फ्री नंबर 1033 और ‘राजमार्ग यात्रा’ ऐप के माध्यम से दी जा सकेगी। राज्य सरकार का मानना है कि राष्ट्रीय राजमार्गों पर अनधिकृत पार्किंग, सड़क किनारे अवैध ढाबे और अतिक्रमण सड़क दुर्घटनाओं की बड़ी वजह बन रहे हैं। ऐसे में यह अभियान सड़क सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।


