सरपंच रोशन आरा ने बताया कि घेराबाड़ी आदिवासी टोला में सड़क, बिजली और विद्यालय जैसी बुनियादी सुविधाओं की काफी कमी है। इस संबंध में कई बार विभागीय अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों को आवेदन दिया गया, लेकिन अब तक कोई ठोस पहल नहीं हो सकी है। उन्होंने कहा कि आदिवासी समाज के लोग वर्षों से मूलभूत सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रहे हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से जल्द विकास कार्य शुरू कराने और टोला में सड़क, बिजली एवं विद्यालय की व्यवस्था कराने की मांग की है। भास्कर न्यूज | बैसा प्रखंड के चंदवार पंचायत अंतर्गत घेराबाड़ी आदिवासी टोला आज भी विकास की मुख्यधारा से काफी दूर है। टोला में आदिवासी समाज के करीब 50 परिवारों की लगभग 250 आबादी निवास करती है, लेकिन आज तक यहां सड़क, बिजली और शिक्षा जैसी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध नहीं हो सकी हैं। ग्रामीणों ने बताया कि टोला तक पहुंचने के लिए आज भी पगडंडी का सहारा लेना पड़ता है। बरसात में यह रास्ता कीचड़ और जलजमाव से भर जाता है, जिससे आवागमन बाधित हो जाता है। मरीजों को अस्पताल पहुंचाने और बच्चों को स्कूल जाने में भारी परेशानी होती है। ग्रामीण सकलू सुरेन, अकलू मुर्मु, झपन मरांडी, झाल किस्कू, मोनो टुडू, हीरामणि मरांडी, मानकों मरांडी, लुखकी मुर्मू एवं तालामई किस्कू ने बताया कि शाम ढलते ही पूरा टोला अंधेरे में डूब जाता है। बिजली नहीं रहने से बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होती है और मोबाइल चार्ज करने तक के लिए दूसरे गांव जाना पड़ता है। ग्रामीणों ने कहा कि चुनाव के समय जनप्रतिनिधि वादे करते हैं, लेकिन बाद में कोई उनकी समस्याओं की सुध लेने नहीं आता। सड़क नहीं होने से गर्भवती महिलाओं, बुजुर्गों और मरीजों को अस्पताल पहुंचाने में भी दिक्कत होती है। जल्द ही सड़क निर्माण को लेकर की जाएगी पहल ^योजनाओं के लिए प्रयास किया प्रखंड स्तरीय जो भी योजना है इस गांव में दिया जा रहा है। बाकि योजनाओं के लिए प्रयास किया जा रहा है। जल्द ही सड़क निर्माण को लेकर पहल की जाएगी। -राजकुमार चौधरी, बीडीओ बैसा सरपंच रोशन आरा ने बताया कि घेराबाड़ी आदिवासी टोला में सड़क, बिजली और विद्यालय जैसी बुनियादी सुविधाओं की काफी कमी है। इस संबंध में कई बार विभागीय अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों को आवेदन दिया गया, लेकिन अब तक कोई ठोस पहल नहीं हो सकी है। उन्होंने कहा कि आदिवासी समाज के लोग वर्षों से मूलभूत सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रहे हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से जल्द विकास कार्य शुरू कराने और टोला में सड़क, बिजली एवं विद्यालय की व्यवस्था कराने की मांग की है। भास्कर न्यूज | बैसा प्रखंड के चंदवार पंचायत अंतर्गत घेराबाड़ी आदिवासी टोला आज भी विकास की मुख्यधारा से काफी दूर है। टोला में आदिवासी समाज के करीब 50 परिवारों की लगभग 250 आबादी निवास करती है, लेकिन आज तक यहां सड़क, बिजली और शिक्षा जैसी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध नहीं हो सकी हैं। ग्रामीणों ने बताया कि टोला तक पहुंचने के लिए आज भी पगडंडी का सहारा लेना पड़ता है। बरसात में यह रास्ता कीचड़ और जलजमाव से भर जाता है, जिससे आवागमन बाधित हो जाता है। मरीजों को अस्पताल पहुंचाने और बच्चों को स्कूल जाने में भारी परेशानी होती है। ग्रामीण सकलू सुरेन, अकलू मुर्मु, झपन मरांडी, झाल किस्कू, मोनो टुडू, हीरामणि मरांडी, मानकों मरांडी, लुखकी मुर्मू एवं तालामई किस्कू ने बताया कि शाम ढलते ही पूरा टोला अंधेरे में डूब जाता है। बिजली नहीं रहने से बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होती है और मोबाइल चार्ज करने तक के लिए दूसरे गांव जाना पड़ता है। ग्रामीणों ने कहा कि चुनाव के समय जनप्रतिनिधि वादे करते हैं, लेकिन बाद में कोई उनकी समस्याओं की सुध लेने नहीं आता। सड़क नहीं होने से गर्भवती महिलाओं, बुजुर्गों और मरीजों को अस्पताल पहुंचाने में भी दिक्कत होती है। जल्द ही सड़क निर्माण को लेकर की जाएगी पहल ^योजनाओं के लिए प्रयास किया प्रखंड स्तरीय जो भी योजना है इस गांव में दिया जा रहा है। बाकि योजनाओं के लिए प्रयास किया जा रहा है। जल्द ही सड़क निर्माण को लेकर पहल की जाएगी। -राजकुमार चौधरी, बीडीओ बैसा


