मां के नाम पर खाता खुलवाकर साइबर फ्रॉड के 5.72 करोड़ रुपए डाले, फिर निकाले, केस दर्ज

मां के नाम पर खाता खुलवाकर साइबर फ्रॉड के 5.72 करोड़ रुपए डाले, फिर निकाले, केस दर्ज

पटना | पोस्टल पार्क में रहने वाले साइबर अपराधी रितेश कुमार ने अपनी मां मृदुला रानी के नाम पर एचडीएफसी बैंक की पोस्टल पार्क ब्रांच में खाता खुलवया। उस खाते में छह महीने में साइबर फ्रॉड के 5.72 करोड़ डलवाए। खाते से रकम धीरे-धीरे निकल गई, तब बैंक को पता चला। 25 हजार में बचत खाता 1 जुलाई 2025 को खुला था। छह महीने से ट्रांजेक्शन हो रहा था। शेयर ट्रेडिंग के नाम पर एक पीड़ित से ठगे गए 93.56 लाख रुपए इसी खाते में ट्रांसफर किए गए थे। इस खाते पर पहली शिकायत 9 अप्रैल को दर्ज हुई थी। बैंक मैनेजर रितेश कुमार सिन्हा ने साइबर थाने में रितेश पर केस दर्ज कराया है। साइबर थाने के डीएसपी नीतीश चंद्र धारिया ने बताया कि पुलिस आरोपियों के घर पर गई थी। दोनों फरार हैं। तीन महीने में रकम दोगुनी करने का लालच शेयर बाजार और स्टॉक ट्रेडिंग में निवेश के नाम पर लोगों से ठगी की गई थी। तीन माह के भीतर निवेश की गई रकम को दोगुना करने का झांसा दिया था। ठगी की रकम को छिपाने के लिए अपराधियों ने लेयरिंग (पैसे को अलग-अलग खातों में घुमाना) का सहारा लिया था। यह खाता लेयर-2 के रूप में इस्तेमाल हो रहा था। लेयर टू का मतलब होता है एक बार ठगी की रकम जब एक खाते में जाती है, फिर दूसरे के खाते में चली जाती है। मृदुला के खाते में बिहार के अलावा बंगाल, झारखंड समेत 10 राज्यों में खुले खातों से पैसा आया है। पटना | पोस्टल पार्क में रहने वाले साइबर अपराधी रितेश कुमार ने अपनी मां मृदुला रानी के नाम पर एचडीएफसी बैंक की पोस्टल पार्क ब्रांच में खाता खुलवया। उस खाते में छह महीने में साइबर फ्रॉड के 5.72 करोड़ डलवाए। खाते से रकम धीरे-धीरे निकल गई, तब बैंक को पता चला। 25 हजार में बचत खाता 1 जुलाई 2025 को खुला था। छह महीने से ट्रांजेक्शन हो रहा था। शेयर ट्रेडिंग के नाम पर एक पीड़ित से ठगे गए 93.56 लाख रुपए इसी खाते में ट्रांसफर किए गए थे। इस खाते पर पहली शिकायत 9 अप्रैल को दर्ज हुई थी। बैंक मैनेजर रितेश कुमार सिन्हा ने साइबर थाने में रितेश पर केस दर्ज कराया है। साइबर थाने के डीएसपी नीतीश चंद्र धारिया ने बताया कि पुलिस आरोपियों के घर पर गई थी। दोनों फरार हैं। तीन महीने में रकम दोगुनी करने का लालच शेयर बाजार और स्टॉक ट्रेडिंग में निवेश के नाम पर लोगों से ठगी की गई थी। तीन माह के भीतर निवेश की गई रकम को दोगुना करने का झांसा दिया था। ठगी की रकम को छिपाने के लिए अपराधियों ने लेयरिंग (पैसे को अलग-अलग खातों में घुमाना) का सहारा लिया था। यह खाता लेयर-2 के रूप में इस्तेमाल हो रहा था। लेयर टू का मतलब होता है एक बार ठगी की रकम जब एक खाते में जाती है, फिर दूसरे के खाते में चली जाती है। मृदुला के खाते में बिहार के अलावा बंगाल, झारखंड समेत 10 राज्यों में खुले खातों से पैसा आया है।  

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