खजाने पर पहला हक आपदा पीड़ितों का, इसी हिसाब से राहत का इंतजाम हो : सम्राट

खजाने पर पहला हक आपदा पीड़ितों का, इसी हिसाब से राहत का इंतजाम हो : सम्राट

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि खजाने पर पहला हक आपदा पीड़ितों का है। इसी हिसाब से राहत एवं बचाव का इंतजाम रहे। वे गुरुवार को संभावित बाढ़ व सूखा से निपटने की तैयारियों की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने कई निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बाढ़ की आशंका वाले इलाकों में बांध तथा सड़कों का निर्माण 31 मई से पहले पूरा किया जाए। मुख्यमंत्री ने बाढ़ और सुखाड़ की संभावनाओं के मद्देनजर सभी विभाग के अफसरों व डीएम को पूरी तरह अलर्ट रहने को कहा। बोले- आपदा को विपदा नहीं बनने दें। लोगों को आपदा की स्थिति में पूरा सहयोग करें। सरकार लोगों के साथ है। बिहार सरकार बाढ़ व सुखाड़ में पीड़ितों को हरसंभव मदद करती है। इसे ध्यान में रखते हुए सभी संबद्ध विभाग व अफसर सतर्क रहें। पीड़ितों को कोई कठिनाई नहीं हो। सभी इंतजाम समय पर रहें। पशुओं के लिए सूखा चारा रहे। इस वर्ष गर्मी ज्यादा है। इसी हिसाब से तैयारी हो। सभी अफसर-कर्मी मुस्तैदी से लगे रहेंगे, तो आपदा की स्थिति में लोगों को राहत मिलेगी। दक्षिण बिहार में औसत से कम और उत्तर बिहार में सामान्य वर्षा की संभावना बिहार मौसम सेवा केंद्र के अफसर ने इस वर्ष मानसून में होने वाली बारिश की जानकारी दी। कहा- जून तथा जुलाई में सामान्य से कम, अगस्त में सामान्य तथा सितंबर में सामान्य से कम वर्षा होने की संभावना है। दक्षिण बिहार में औसत से कम तथा उत्तर बिहार में सामान्य वर्षा की संभावना है। बैठक में उप मुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी व बिजेंद्र प्रसाद यादव, मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल, निशांत, नीतीश मिश्रा, र|ेश सादा, कुमार शैलेंद्र, नंद किशोर राम, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार, विकास आयुक्त मिहिर कुमार सिंह, डीजीपी विनय कुमार, मुख्यमंत्री के सचिव संजय कुमार सिंह, ओएसडी डॉ. गोपाल सिंह आदि मौजूद थे। वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से सभी जिलों के डीएम, एसएसपी, एसपी जुड़े हुए थे। मुख्यमंत्री के निर्देश बाढ़ की आशंका वाले इलाकों में बांध व सड़कों का निर्माण 31 मई से पहले पूरा हो। जिलों के प्रभारी मंत्री आैर सचिव अपने क्षेत्रों में समय से पहले तैयारी सुनिश्चित करें। भू-जल स्तर पर नजर रहे, शुद्ध पेयजल की व्यवस्था रहे। सभी विभागों के अधिकारी व डीएम पूरी तरह अलर्ट रहें। आपदा को विपदा न बनने दें, पीड़ितों का पूरा सहयोग करें। अफसरों ने अपने विभाग की तैयारियां बताईं बैठक में आपदा प्रबंधन विभाग के प्रधान सचिव संतोष कुमार मल्ल ने बताया कि मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) के अनुसार बाढ़ पूर्व सभी आवश्यक तैयारियां की जा रही हैं। उन्होंने नाव संचालन, पॉलीथिन शीट, राहत सामग्री की उपलब्धता, दवा, पशु चारा, बाढ़ आश्रय स्थल, सामुदायिक रसोई, ड्राई राशन पैकेट्स/फूड पैकेट्स, जिला आपातकालीन संचालन केंद्र आदि के बारे में बताया। नगर विकास एवं आवास विभाग के प्रधान सचिव विनय कुमार, कृषि विभाग के प्रधान सचिव नर्मदेश्वर लाल, पथ निर्माण विभाग के सचिव पंकज कुमार पाल, स्वास्थ्य विभाग के सचिव कुमार रवि, जल संसाधन विभाग के सचिव डॉ. चंद्रशेखर सिंह, डेयरी मत्स्य एवं पशुपालन विभाग के सचिव शीर्षत कपिल अशोक तथा लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग के सचिव राजेश कुमार ने अपने-अपने विभागों की तैयारियों के बारे में बताया। बिहार आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के उपाध्यक्ष डॉ. उदय कांत ने आपदाओं के बारे में लोगों को जागरूक करने तथा किए गए काम बताए। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि खजाने पर पहला हक आपदा पीड़ितों का है। इसी हिसाब से राहत एवं बचाव का इंतजाम रहे। वे गुरुवार को संभावित बाढ़ व सूखा से निपटने की तैयारियों की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने कई निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बाढ़ की आशंका वाले इलाकों में बांध तथा सड़कों का निर्माण 31 मई से पहले पूरा किया जाए। मुख्यमंत्री ने बाढ़ और सुखाड़ की संभावनाओं के मद्देनजर सभी विभाग के अफसरों व डीएम को पूरी तरह अलर्ट रहने को कहा। बोले- आपदा को विपदा नहीं बनने दें। लोगों को आपदा की स्थिति में पूरा सहयोग करें। सरकार लोगों के साथ है। बिहार सरकार बाढ़ व सुखाड़ में पीड़ितों को हरसंभव मदद करती है। इसे ध्यान में रखते हुए सभी संबद्ध विभाग व अफसर सतर्क रहें। पीड़ितों को कोई कठिनाई नहीं हो। सभी इंतजाम समय पर रहें। पशुओं के लिए सूखा चारा रहे। इस वर्ष गर्मी ज्यादा है। इसी हिसाब से तैयारी हो। सभी अफसर-कर्मी मुस्तैदी से लगे रहेंगे, तो आपदा की स्थिति में लोगों को राहत मिलेगी। दक्षिण बिहार में औसत से कम और उत्तर बिहार में सामान्य वर्षा की संभावना बिहार मौसम सेवा केंद्र के अफसर ने इस वर्ष मानसून में होने वाली बारिश की जानकारी दी। कहा- जून तथा जुलाई में सामान्य से कम, अगस्त में सामान्य तथा सितंबर में सामान्य से कम वर्षा होने की संभावना है। दक्षिण बिहार में औसत से कम तथा उत्तर बिहार में सामान्य वर्षा की संभावना है। बैठक में उप मुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी व बिजेंद्र प्रसाद यादव, मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल, निशांत, नीतीश मिश्रा, र|ेश सादा, कुमार शैलेंद्र, नंद किशोर राम, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार, विकास आयुक्त मिहिर कुमार सिंह, डीजीपी विनय कुमार, मुख्यमंत्री के सचिव संजय कुमार सिंह, ओएसडी डॉ. गोपाल सिंह आदि मौजूद थे। वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से सभी जिलों के डीएम, एसएसपी, एसपी जुड़े हुए थे। मुख्यमंत्री के निर्देश बाढ़ की आशंका वाले इलाकों में बांध व सड़कों का निर्माण 31 मई से पहले पूरा हो। जिलों के प्रभारी मंत्री आैर सचिव अपने क्षेत्रों में समय से पहले तैयारी सुनिश्चित करें। भू-जल स्तर पर नजर रहे, शुद्ध पेयजल की व्यवस्था रहे। सभी विभागों के अधिकारी व डीएम पूरी तरह अलर्ट रहें। आपदा को विपदा न बनने दें, पीड़ितों का पूरा सहयोग करें। अफसरों ने अपने विभाग की तैयारियां बताईं बैठक में आपदा प्रबंधन विभाग के प्रधान सचिव संतोष कुमार मल्ल ने बताया कि मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) के अनुसार बाढ़ पूर्व सभी आवश्यक तैयारियां की जा रही हैं। उन्होंने नाव संचालन, पॉलीथिन शीट, राहत सामग्री की उपलब्धता, दवा, पशु चारा, बाढ़ आश्रय स्थल, सामुदायिक रसोई, ड्राई राशन पैकेट्स/फूड पैकेट्स, जिला आपातकालीन संचालन केंद्र आदि के बारे में बताया। नगर विकास एवं आवास विभाग के प्रधान सचिव विनय कुमार, कृषि विभाग के प्रधान सचिव नर्मदेश्वर लाल, पथ निर्माण विभाग के सचिव पंकज कुमार पाल, स्वास्थ्य विभाग के सचिव कुमार रवि, जल संसाधन विभाग के सचिव डॉ. चंद्रशेखर सिंह, डेयरी मत्स्य एवं पशुपालन विभाग के सचिव शीर्षत कपिल अशोक तथा लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग के सचिव राजेश कुमार ने अपने-अपने विभागों की तैयारियों के बारे में बताया। बिहार आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के उपाध्यक्ष डॉ. उदय कांत ने आपदाओं के बारे में लोगों को जागरूक करने तथा किए गए काम बताए।  

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