गयाजी के गुरुआ प्रखंड का ढिबरा गांव आज पूरी तरह से भक्तिमय माहौल में डूबा नजर आया। गांव स्थित स्टेडियम परिसर में 11 दिवसीय श्री श्री 108 श्री महारुद्र महायज्ञ का भव्य शुभारंभ हुआ। वैदिक मंत्रोच्चार, शंखनाद और हर-हर महादेव के जयघोष से पूरा इलाका गूंज उठा। हाथी, घोड़े और ऊंट के साथ निकली विशाल कलश यात्रा लोगों के आकर्षण का केंद्र बनी रही। हजारों की संख्या में महिलाएं और श्रद्धालु कलश यात्रा में शामिल हुए। बाबा बैजूधाम से कलश यात्रा निकाली सुबह बाबा बैजूधाम से कलश यात्रा निकाली गई। माथे पर कलश लेकर महिलाएं भक्ति गीतों के साथ आगे बढ़ती रहीं। यात्रा गांव के अलग-अलग मार्गों से गुजरते हुए यज्ञ स्थल पहुंची। रास्ते में जगह-जगह श्रद्धालुओं ने पुष्प वर्षा कर यात्रा का स्वागत किया। पूरा माहौल भक्तिमय बना रहा। आयोजन स्थल को भी आकर्षक तरीके से सजाया गया है। रंग-बिरंगी लाइट, धार्मिक झांकियां और पूजा पंडाल लोगों को अपनी ओर खींचते नजर आए। गुरुआ विधायक उपेंद्र दांगी भी कलश यात्रा में शामिल हुए। उन्होंने कहा कि यज्ञ सिर्फ धार्मिक आयोजन नहीं बल्कि समाज में शांति और सकारात्मक ऊर्जा फैलाने का माध्यम है। उन्होंने कहा कि सनातन परंपरा में यज्ञ का विशेष महत्व रहा है। इससे वातावरण शुद्ध होता है और समाज में भाईचारा मजबूत होता है। महायज्ञ लगातार 11 दिनों तक चलेगा आयोजन समिति से जुड़े अतिपिछड़ा आयोग के सदस्य अमित दांगी ने बताया कि महायज्ञ लगातार 11 दिनों तक चलेगा। इस दौरान रामलीला, प्रवचन, भजन-कीर्तन और कई धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। अयोध्या और वृंदावन से साधु-संत, आचार्य और कलाकार यहां पहुंच रहे हैं। शाम से ही धार्मिक कार्यक्रमों की शुरुआत हो जाएगी। उन्होंने कहा कि आयोजन का उद्देश्य सनातन संस्कृति को मजबूत करना और नई पीढ़ी को धर्म एवं संस्कारों से जोड़ना है। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद है। इसके लिए व्यापक तैयारी की गई है। महायज्ञ को लेकर राजनीतिक हलचल भी तेज हो गई है। आयोजक अमित दांगी ने बताया कि कई बड़े नेताओं को आमंत्रित किया गया है। बिहार के मुख्यमंत्री को भी निमंत्रण दिया गया है। मुख्यमंत्री के संभावित आगमन की चर्चा से प्रशासनिक स्तर पर भी हलचल बढ़ गई है। गुरुआ में फिलहाल हर तरफ महायज्ञ और हर-हर महादेव की गूंज सुनाई दे रही है। गयाजी के गुरुआ प्रखंड का ढिबरा गांव आज पूरी तरह से भक्तिमय माहौल में डूबा नजर आया। गांव स्थित स्टेडियम परिसर में 11 दिवसीय श्री श्री 108 श्री महारुद्र महायज्ञ का भव्य शुभारंभ हुआ। वैदिक मंत्रोच्चार, शंखनाद और हर-हर महादेव के जयघोष से पूरा इलाका गूंज उठा। हाथी, घोड़े और ऊंट के साथ निकली विशाल कलश यात्रा लोगों के आकर्षण का केंद्र बनी रही। हजारों की संख्या में महिलाएं और श्रद्धालु कलश यात्रा में शामिल हुए। बाबा बैजूधाम से कलश यात्रा निकाली सुबह बाबा बैजूधाम से कलश यात्रा निकाली गई। माथे पर कलश लेकर महिलाएं भक्ति गीतों के साथ आगे बढ़ती रहीं। यात्रा गांव के अलग-अलग मार्गों से गुजरते हुए यज्ञ स्थल पहुंची। रास्ते में जगह-जगह श्रद्धालुओं ने पुष्प वर्षा कर यात्रा का स्वागत किया। पूरा माहौल भक्तिमय बना रहा। आयोजन स्थल को भी आकर्षक तरीके से सजाया गया है। रंग-बिरंगी लाइट, धार्मिक झांकियां और पूजा पंडाल लोगों को अपनी ओर खींचते नजर आए। गुरुआ विधायक उपेंद्र दांगी भी कलश यात्रा में शामिल हुए। उन्होंने कहा कि यज्ञ सिर्फ धार्मिक आयोजन नहीं बल्कि समाज में शांति और सकारात्मक ऊर्जा फैलाने का माध्यम है। उन्होंने कहा कि सनातन परंपरा में यज्ञ का विशेष महत्व रहा है। इससे वातावरण शुद्ध होता है और समाज में भाईचारा मजबूत होता है। महायज्ञ लगातार 11 दिनों तक चलेगा आयोजन समिति से जुड़े अतिपिछड़ा आयोग के सदस्य अमित दांगी ने बताया कि महायज्ञ लगातार 11 दिनों तक चलेगा। इस दौरान रामलीला, प्रवचन, भजन-कीर्तन और कई धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। अयोध्या और वृंदावन से साधु-संत, आचार्य और कलाकार यहां पहुंच रहे हैं। शाम से ही धार्मिक कार्यक्रमों की शुरुआत हो जाएगी। उन्होंने कहा कि आयोजन का उद्देश्य सनातन संस्कृति को मजबूत करना और नई पीढ़ी को धर्म एवं संस्कारों से जोड़ना है। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद है। इसके लिए व्यापक तैयारी की गई है। महायज्ञ को लेकर राजनीतिक हलचल भी तेज हो गई है। आयोजक अमित दांगी ने बताया कि कई बड़े नेताओं को आमंत्रित किया गया है। बिहार के मुख्यमंत्री को भी निमंत्रण दिया गया है। मुख्यमंत्री के संभावित आगमन की चर्चा से प्रशासनिक स्तर पर भी हलचल बढ़ गई है। गुरुआ में फिलहाल हर तरफ महायज्ञ और हर-हर महादेव की गूंज सुनाई दे रही है।


