बहुजन मुक्ति पार्टी ने बुधवार को रसोई गैस की बढ़ती कीमतों और महंगाई के विरोध में बालाघाट कलेक्ट्रेट के मुख्य द्वार पर प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने कलेक्ट्रेट गेट पर ही लकड़ी का चूल्हा जलाकर चाय और रोटी बनाई। इस ‘चूल्हा जलाओ आंदोलन’ के माध्यम से पार्टी ने केंद्र सरकार की आर्थिक नीतियों और पेट्रोलियम पदार्थों के बढ़ते दामों पर आक्रोश व्यक्त किया। महंगाई और ईवीएम के खिलाफ उठाई आवाज पार्टी ने केवल रसोई गैस ही नहीं, बल्कि पेट्रोल-डीजल की महंगाई, बेरोजगारी और स्मार्ट मीटर के मुद्दे पर भी सरकार को घेरा। इसके साथ ही कार्यकर्ताओं ने ईवीएम मशीन पर प्रतिबंध लगाने की मांग करते हुए नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि बढ़ती कीमतों के कारण गरीब परिवार वापस पुराने दौर में लौटने को मजबूर हैं। सरकार की गलत नीतियों के खिलाफ जनजागरण पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष करनसिंह नगपुरे ने बताया कि यह आंदोलन भाजपा सरकार की जनविरोधी नीतियों के खिलाफ लोगों को जागरूक करने के लिए है। उन्होंने बताया कि चूल्हा जलाकर वे यह दिखाना चाहते हैं कि गैस सिलेंडर आम आदमी की पहुंच से बाहर हो चुका है। पार्टी ने स्पष्ट किया कि जब तक कीमतों में कमी नहीं आती, उनका विरोध जारी रहेगा। 31 मई को होगा ‘दे धक्का आंदोलन’ बहुजन मुक्ति पार्टी ने अपने चरणबद्ध आंदोलन की रूपरेखा भी साझा की। नगपुरे ने घोषणा की कि 31 मई को आंदोलन के तीसरे चरण में ‘दे धक्का आंदोलन’ आयोजित किया जाएगा। कार्यकर्ताओं ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने महंगाई और अन्य प्रमुख मांगों पर ध्यान नहीं दिया, तो आने वाले दिनों में प्रदर्शन को और उग्र बनाया जाएगा।


