नवादा में पुलिस पर हमले का मुख्य आरोपी गिरफ्तार:30 आरोपियों की गिरफ्तारी, 20 बाइक, 2 स्कॉर्पियो और ट्रैक्टर जब्त

नवादा में पुलिस पर हमले का मुख्य आरोपी गिरफ्तार:30 आरोपियों की गिरफ्तारी, 20 बाइक, 2 स्कॉर्पियो और ट्रैक्टर जब्त

नवादा के नारदीगंज थाना क्षेत्र में पंचाने नदी से हो रहे अवैध बालू खनन के खिलाफ पुलिस लगातार कार्रवाई कर रही है। पुलिस टीम पर जानलेवा हमला कर ट्रैक्टर चढ़ाने के मामले में एसआईटी ने बड़ी सफलता हासिल करते हुए मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। वहीं, लगातार दबिश और गिरफ्तारी के भय से ट्रैक्टर मालिक ने न्यायालय में आत्मसमर्पण कर दिया। इस पूरे मामले की निगरानी नवादा एसपी अभिनव विमान के नेतृत्व में की जा रही थी। एसडीपीओ राहुल सिंह के नेतृत्व में गठित एसआईटी लगातार छापेमारी और तकनीकी अनुसंधान कर रही थी। पुलिस की इस कार्रवाई को जिले में सक्रिय बालू माफियाओं के खिलाफ अब तक की सबसे सख्त कार्रवाई माना जा रहा है। सूचना मिलते ही गठित की गई विशेष टीम पुलिस के अनुसार 13 मई 2026 की सुबह करीब पांच बजे नारदीगंज थानाध्यक्ष को सूचना मिली थी कि मधुबन क्षेत्र स्थित पंचाने नदी में ट्रैक्टरों के माध्यम से अवैध बालू खनन किया जा रहा है। सूचना की पुष्टि होते ही थानाध्यक्ष के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई। टीम ने पथरा-केसौरिया इलाके में छापेमारी शुरू की। इसी दौरान दो ट्रैक्टर बालू अनलोड कर मौके से भागने की कोशिश कर रहे थे। पुलिस टीम ने जब ट्रैक्टरों को रोकने का प्रयास किया तो मामला अचानक हिंसक हो गया। ट्रैक्टर चालक ने पुलिस अधिकारी पर चढ़ा दिया वाहन छापेमारी के दौरान पुलिस उप-निरीक्षक नरेन्द्र कुमार ने ट्रैक्टर रोकने का प्रयास किया। आरोप है कि चालक ने जानबूझकर ट्रैक्टर उन पर चढ़ा दिया। इस हमले में एसआई नरेन्द्र कुमार गंभीर रूप से घायल हो गए। घायल अधिकारी को तत्काल नवादा सदर अस्पताल पहुंचाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए पटना रेफर कर दिया गया। घटना के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया और जिले भर में सघन छापेमारी शुरू कर दी गई। 30 आरोपियों की गिरफ्तारी, कई वाहन जब्त घटना के बाद नारदीगंज थाना कांड संख्या 158/2026 दर्ज किया गया। इसके बाद एसआईटी ने लगातार छापेमारी करते हुए अब तक 30 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने कार्रवाई के दौरान 20 मोटरसाइकिल, 2 स्कॉर्पियो वाहन और एक ट्रैक्टर भी जब्त किया है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार अवैध बालू खनन से जुड़े नेटवर्क को तोड़ने के लिए तकनीकी निगरानी और ह्यूमन इंटेलिजेंस का सहारा लिया जा रहा है। मैसकौर से पकड़ा गया मुख्य आरोपी पुलिस ने बताया कि मुख्य आरोपी अजीत कुमार को 19 मई को मैसकौर थाना क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया। उसकी गिरफ्तारी तकनीकी अनुसंधान और मानव खुफिया तंत्र के आधार पर की गई। पूछताछ में आरोपी ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अजीत कुमार इस पूरे नेटवर्क में सक्रिय भूमिका निभा रहा था और घटना के दिन ट्रैक्टर चालक के रूप में मौजूद था। पुलिस दबाव में ट्रैक्टर मालिक ने किया सरेंडर वहीं इस मामले में ट्रैक्टर मालिक पिंटु कुमार ने भी न्यायालय में आत्मसमर्पण कर दिया। बताया गया कि वह लखन राजवंशी का पुत्र है और पथरा गांव का निवासी है। पुलिस लगातार उसके संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही थी। गिरफ्तारी की आशंका बढ़ने के बाद उसने न्यायालय में सरेंडर करना बेहतर समझा। दोनों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। बालू माफियाओं पर लगातार कस रहा शिकंजा नवादा पुलिस का कहना है कि पंचाने नदी क्षेत्र में लंबे समय से अवैध बालू खनन का कारोबार चल रहा था। इस धंधे से जुड़े लोग प्रशासनिक कार्रवाई का विरोध करने के लिए संगठित रूप से सक्रिय रहते हैं। हालिया कार्रवाई के बाद पुलिस ने संकेत दिए हैं कि अवैध खनन में शामिल अन्य लोगों की पहचान की जा चुकी है और जल्द ही उनकी गिरफ्तारी भी होगी। एसआईटी लगातार क्षेत्र में छापेमारी कर रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि बिहार सरकार और पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर अवैध बालू खनन के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति अपनाई जा रही है। ऐसे मामलों में किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा। जिले में हुई इस कार्रवाई के बाद बालू माफियाओं में हड़कंप मचा हुआ है। पुलिस अब पूरे नेटवर्क की आर्थिक और आपराधिक गतिविधियों की भी जांच कर रही है, ताकि अवैध खनन के इस संगठित कारोबार पर पूरी तरह लगाम लगाई जा सके। नवादा के नारदीगंज थाना क्षेत्र में पंचाने नदी से हो रहे अवैध बालू खनन के खिलाफ पुलिस लगातार कार्रवाई कर रही है। पुलिस टीम पर जानलेवा हमला कर ट्रैक्टर चढ़ाने के मामले में एसआईटी ने बड़ी सफलता हासिल करते हुए मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। वहीं, लगातार दबिश और गिरफ्तारी के भय से ट्रैक्टर मालिक ने न्यायालय में आत्मसमर्पण कर दिया। इस पूरे मामले की निगरानी नवादा एसपी अभिनव विमान के नेतृत्व में की जा रही थी। एसडीपीओ राहुल सिंह के नेतृत्व में गठित एसआईटी लगातार छापेमारी और तकनीकी अनुसंधान कर रही थी। पुलिस की इस कार्रवाई को जिले में सक्रिय बालू माफियाओं के खिलाफ अब तक की सबसे सख्त कार्रवाई माना जा रहा है। सूचना मिलते ही गठित की गई विशेष टीम पुलिस के अनुसार 13 मई 2026 की सुबह करीब पांच बजे नारदीगंज थानाध्यक्ष को सूचना मिली थी कि मधुबन क्षेत्र स्थित पंचाने नदी में ट्रैक्टरों के माध्यम से अवैध बालू खनन किया जा रहा है। सूचना की पुष्टि होते ही थानाध्यक्ष के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई। टीम ने पथरा-केसौरिया इलाके में छापेमारी शुरू की। इसी दौरान दो ट्रैक्टर बालू अनलोड कर मौके से भागने की कोशिश कर रहे थे। पुलिस टीम ने जब ट्रैक्टरों को रोकने का प्रयास किया तो मामला अचानक हिंसक हो गया। ट्रैक्टर चालक ने पुलिस अधिकारी पर चढ़ा दिया वाहन छापेमारी के दौरान पुलिस उप-निरीक्षक नरेन्द्र कुमार ने ट्रैक्टर रोकने का प्रयास किया। आरोप है कि चालक ने जानबूझकर ट्रैक्टर उन पर चढ़ा दिया। इस हमले में एसआई नरेन्द्र कुमार गंभीर रूप से घायल हो गए। घायल अधिकारी को तत्काल नवादा सदर अस्पताल पहुंचाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए पटना रेफर कर दिया गया। घटना के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया और जिले भर में सघन छापेमारी शुरू कर दी गई। 30 आरोपियों की गिरफ्तारी, कई वाहन जब्त घटना के बाद नारदीगंज थाना कांड संख्या 158/2026 दर्ज किया गया। इसके बाद एसआईटी ने लगातार छापेमारी करते हुए अब तक 30 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने कार्रवाई के दौरान 20 मोटरसाइकिल, 2 स्कॉर्पियो वाहन और एक ट्रैक्टर भी जब्त किया है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार अवैध बालू खनन से जुड़े नेटवर्क को तोड़ने के लिए तकनीकी निगरानी और ह्यूमन इंटेलिजेंस का सहारा लिया जा रहा है। मैसकौर से पकड़ा गया मुख्य आरोपी पुलिस ने बताया कि मुख्य आरोपी अजीत कुमार को 19 मई को मैसकौर थाना क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया। उसकी गिरफ्तारी तकनीकी अनुसंधान और मानव खुफिया तंत्र के आधार पर की गई। पूछताछ में आरोपी ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अजीत कुमार इस पूरे नेटवर्क में सक्रिय भूमिका निभा रहा था और घटना के दिन ट्रैक्टर चालक के रूप में मौजूद था। पुलिस दबाव में ट्रैक्टर मालिक ने किया सरेंडर वहीं इस मामले में ट्रैक्टर मालिक पिंटु कुमार ने भी न्यायालय में आत्मसमर्पण कर दिया। बताया गया कि वह लखन राजवंशी का पुत्र है और पथरा गांव का निवासी है। पुलिस लगातार उसके संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही थी। गिरफ्तारी की आशंका बढ़ने के बाद उसने न्यायालय में सरेंडर करना बेहतर समझा। दोनों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। बालू माफियाओं पर लगातार कस रहा शिकंजा नवादा पुलिस का कहना है कि पंचाने नदी क्षेत्र में लंबे समय से अवैध बालू खनन का कारोबार चल रहा था। इस धंधे से जुड़े लोग प्रशासनिक कार्रवाई का विरोध करने के लिए संगठित रूप से सक्रिय रहते हैं। हालिया कार्रवाई के बाद पुलिस ने संकेत दिए हैं कि अवैध खनन में शामिल अन्य लोगों की पहचान की जा चुकी है और जल्द ही उनकी गिरफ्तारी भी होगी। एसआईटी लगातार क्षेत्र में छापेमारी कर रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि बिहार सरकार और पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर अवैध बालू खनन के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति अपनाई जा रही है। ऐसे मामलों में किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा। जिले में हुई इस कार्रवाई के बाद बालू माफियाओं में हड़कंप मचा हुआ है। पुलिस अब पूरे नेटवर्क की आर्थिक और आपराधिक गतिविधियों की भी जांच कर रही है, ताकि अवैध खनन के इस संगठित कारोबार पर पूरी तरह लगाम लगाई जा सके।  

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