अलवर पुलिस की नाक में दम करने वाले और अपराध की दुनिया में ‘दानव’ के नाम से मशहूर बदमाश अभयराज को आखिरकार पुलिस ने दबोच लिया है। सीआईडी क्राइम ब्रांच की स्पेशल टीम ने एक महीने की कड़ी मशक्कत, रेकी और तकनीकी निगरानी (सर्विलांस) के बाद इस शातिर अपराधी को जयपुर के राजापार्क इलाके से धर दबोचा। आरोपी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम को करीब 500 किलोमीटर तक उसका पीछा करना पड़ा, क्योंकि वह गिरफ्तारी से बचने के लिए लगातार यूपी, उत्तराखंड, दिल्ली और जयपुर के ग्रामीण इलाकों में छिपता फिर रहा था। गिरफ्तारी के बाद अलवर पुलिस ने आरोपी को कोर्ट में पेश किया, जहां से अदालत ने उसे जेल भेज दिया है।
कई मामले हैं दर्ज
सीआईडी क्राइम ब्रांच के एडीजी बिपिन कुमार पाण्डेय ने इस बड़ी कामयाबी की जानकारी देते हुए बताया कि आरोपी अभयराज उर्फ दानव अलवर शहर के कोतवाली थाना क्षेत्र में हुए एक जानलेवा हमले और एससी-एसटी एक्ट के मामले में काफी समय से फरार चल रहा था। उसकी लगातार बढ़ती आपराधिक गतिविधियों को देखते हुए अलवर पुलिस अधीक्षक (SP) ने उस पर 10 हजार रुपये का इनाम भी घोषित किया हुआ था।
यह पूरा मामला 30 अगस्त 2023 की रात का है। पीड़ित हरनेक सिंह उर्फ पप्पी और उसका चचेरा भाई प्रदीप सिंह उर्फ मांगली बाइक पर सवार होकर अलवर के नंगली सर्किल से त्रिपोलिया मंदिर की तरफ जा रहे थे। तभी पुरानी दुश्मनी के चलते आरोपी अभयराज और उसके साथी अप्पू राजा ने अपनी बाइक से उन्हें टक्कर मारकर गिराने की कोशिश की। अपनी जान बचाने के लिए प्रदीप सिंह भागकर पास की पुरुषार्थी धर्मशाला की तरफ भागा, लेकिन वहां पहले से ही हथियारों से लैस बदमाशों ने उसे चारों तरफ से घेर लिया।
वहां मौजूद बदमाशों ने प्रदीप पर जानलेवा हमला बोल दिया। आरोप है कि अभयराज उर्फ दानव ने तलवार से सीधे प्रदीप के सिर पर वार किया। प्रदीप ने अपनी जान बचाने के लिए जैसे ही हाथ आगे किया, तलवार के जोरदार वार से उसके हाथ की हड्डी टूट गई और गंभीर फ्रैक्चर हो गया। बदमाश उसे लहूलुहान हालत में सड़क पर पड़ा देखकर मरा हुआ समझकर वहां से भाग निकले। बाद में घायल प्रदीप को गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां काफी इलाज के बाद उसकी जान बच सकी।
मर्डर केस में भी मुख्य आरोपी
पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, अभयराज उर्फ दानव साल 2019 से ही अपराध की दुनिया में एक्टिव है। उसके खिलाफ आर्म्स एक्ट, अवैध हथियार रखने, मारपीट करने, सरेआम फायरिंग और हत्या जैसे कई संगीन मामले दर्ज हैं। इतना ही नहीं, साल 2020 में झुंझुनूं के खेतड़ी इलाके में एक लीज विवाद को लेकर हुई ताबड़तोड़ फायरिंग और मर्डर केस में भी वह मुख्य आरोपी रहा है। पुलिस अब इस गैंग के अन्य नेटवर्क को खंगालने में जुटी है।


