पेट्रोल-डीजल के बढ़ते दामों के बीच आई बड़ी खुशखबरी, जयपुर को पहली बार मिली 45 E-बसों की सौगात, जानें कब से दौड़ेंगी?

पेट्रोल-डीजल के बढ़ते दामों के बीच आई बड़ी खुशखबरी, जयपुर को पहली बार मिली 45 E-बसों की सौगात, जानें कब से दौड़ेंगी?

Good News For Jaipur: राजधानी जयपुर के सार्वजनिक परिवहन को गति मिलने जा रही है। डीजल‑पेट्रोल के बढ़ते दाम और किल्लत के बीच 3 इलेक्ट्रिक बसें जयपुर पहुंच गई हैं। ये बसें सोमवार को जयपुर सिटी ट्रांसपोर्ट सर्विसेज लिमिटेड (जेसीटीएसएल) के बगराना डिपो में उतारी गईं। पहले चरण में 45 इलेक्ट्रिक बसें जयपुर को मिलनी हैं, जिन्हें सप्ताह के आखिर तक शहर के प्रमुख रूटों पर उतारने की तैयारी चल रही है। योजना के तहत शहर को कुल 150 इलेक्ट्रिक बसें मिलेंगी।

जेसीटीएसएल अधिकारियों के अनुसार पहले चरण की बसों के संचालन के लिए रूट निर्धारण और चार्जिंग व्यवस्था पूरी कर ली गई है। दरअसल, करीब पांच वर्ष से राजधानी में इलेक्ट्रिक बसें चलाने की कवायद जारी थी।

पत्रिका लगातार उठा रहा मुद्दा

राजस्थान पत्रिका ने शहर के कमजोर होते सार्वजनिक परिवहन और बढ़ती जरूरतों को लेकर लगातार अभियान चलाकर इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाया। पत्रिका की मुहिम के बाद मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने भी अधिकारियों को इलेक्ट्रिक बसों की प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए थे। अब पहली बसों के जयपुर पहुंचने के साथ ही शहरवासियों को आधुनिक, सुविधाजनक और प्रदूषण-मुक्त सफर की नई उम्मीद जगी है।

पीएम ई‑बस सेवा योजना के तहत आई बसें

हाल ही पीएम ई-बस सेवा योजना के तहत जयपुर में इलेक्ट्रिक बसों का सफल ट्रायल भी किया गया था। अग्रवाल फॉर्म से कूकस और आमेर तक पांच प्रमुख रूटों पर करीब 186 किलोमीटर का परीक्षण किया गया। ट्रायल के दौरान बसों की बैटरी क्षमता, ब्रेकिंग सिस्टम, सस्पेंशन, चार्जिंग परफॉर्मेंस और भीड़भाड़ वाले मार्गों पर संचालन क्षमता को बारीकी से परखा गया, ताकि यात्रियों को सुरक्षित और आरामदायक सफर मिल सके।

नई बसों में ये सुविधाएं

जयपुर में आने वाली नई इलेक्ट्रिक बसों को यात्रियों की सुविधा, सुरक्षा और आधुनिक सफर को ध्यान में रखते हुए हाईटेक फीचर्स से लैस किया गया है। इन बसों में एयर कंडीशनिंग सुविधा होगी, जिससे गर्मी में भी यात्रियों को आरामदायक सफर मिल सकेगा। सुरक्षा के लिए सीसीटीवी कैमरे और इमरजेंसी स्थिति में उपयोग होने वाले पैनिक बटन लगाए गए हैं। बसों में ऑटोमैटिक पैसेंजर काउंट सिस्टम और डिजिटल पैसेंजर डिस्प्ले भी होगा, जिससे यात्रियों को रूट और स्टॉप की जानकारी आसानी से मिल सकेगी। वहीं दिव्यांगजनों की सुविधा के लिए हाइड्रोलिक गेट और व्हीलचेयर स्पेस जैसी विशेष व्यवस्थाएं भी की गई हैं।

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