बहन भारती बोलीं-‘तनावपूर्ण जीवन में मेडिटेशन मानसिक शांति का माध्यम’:शिवहर पुलिस लाइन में ब्रह्माकुमारी संस्थान का नशा मुक्ति कार्यक्रम

बहन भारती बोलीं-‘तनावपूर्ण जीवन में मेडिटेशन मानसिक शांति का माध्यम’:शिवहर पुलिस लाइन में ब्रह्माकुमारी संस्थान का नशा मुक्ति कार्यक्रम

शिवहर पुलिस लाइन परिसर में प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय ने ‘नशा मुक्त संकल्प एवं मेडिटेशन’ कार्यक्रम का आयोजन किया। इस कार्यक्रम में प्रशिक्षु पुलिसकर्मियों सहित कई अन्य लोगों ने भाग लिया। कार्यक्रम का संचालन केंद्र संचालिका बहन भारती ने किया। उन्होंने बताया कि इसका मुख्य उद्देश्य पुलिसकर्मियों और आम नागरिकों को तनावमुक्त जीवन जीने, राजयोग मेडिटेशन की तकनीक सिखाने और नशे से दूर रहने के लिए आध्यात्मिक रूप से सशक्त बनाना है। बहन भारती ने कहा कि आज के तनावपूर्ण जीवन में मेडिटेशन मानसिक शांति और आत्मविश्वास बढ़ाने का एक प्रभावी माध्यम बन सकता है। कार्यक्रम के दौरान ब्रह्माकुमारी संस्थान के सदस्यों ने नशे के शारीरिक, मानसिक और सामाजिक दुष्प्रभावों के बारे में विस्तृत जानकारी दी। उपस्थित सभी लोगों को किसी भी प्रकार का नशा न करने तथा स्वस्थ एवं सकारात्मक समाज के निर्माण में सहयोग देने की शपथ भी दिलाई गई। इच्छाशक्ति विकसित करने में मिलती मदद मेडिटेशन सत्र में प्रतिभागियों को ध्यान का अभ्यास कराया गया। इस दौरान बताया गया कि नियमित ध्यान से मन को एकाग्र करने, आत्म-नियंत्रण बढ़ाने और आंतरिक इच्छाशक्ति विकसित करने में मदद मिलती है, जिससे व्यक्ति नशे जैसी बुरी आदतों से दूर रह सकता है। इस अवसर पर डॉक्टर फणीश चंद्र, उमेश नंदन सिंह, अमरनाथ कुमार, चंदेश्वर, अमर कुमार और डीके संजय कुमार सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। शिवहर पुलिस लाइन परिसर में प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय ने ‘नशा मुक्त संकल्प एवं मेडिटेशन’ कार्यक्रम का आयोजन किया। इस कार्यक्रम में प्रशिक्षु पुलिसकर्मियों सहित कई अन्य लोगों ने भाग लिया। कार्यक्रम का संचालन केंद्र संचालिका बहन भारती ने किया। उन्होंने बताया कि इसका मुख्य उद्देश्य पुलिसकर्मियों और आम नागरिकों को तनावमुक्त जीवन जीने, राजयोग मेडिटेशन की तकनीक सिखाने और नशे से दूर रहने के लिए आध्यात्मिक रूप से सशक्त बनाना है। बहन भारती ने कहा कि आज के तनावपूर्ण जीवन में मेडिटेशन मानसिक शांति और आत्मविश्वास बढ़ाने का एक प्रभावी माध्यम बन सकता है। कार्यक्रम के दौरान ब्रह्माकुमारी संस्थान के सदस्यों ने नशे के शारीरिक, मानसिक और सामाजिक दुष्प्रभावों के बारे में विस्तृत जानकारी दी। उपस्थित सभी लोगों को किसी भी प्रकार का नशा न करने तथा स्वस्थ एवं सकारात्मक समाज के निर्माण में सहयोग देने की शपथ भी दिलाई गई। इच्छाशक्ति विकसित करने में मिलती मदद मेडिटेशन सत्र में प्रतिभागियों को ध्यान का अभ्यास कराया गया। इस दौरान बताया गया कि नियमित ध्यान से मन को एकाग्र करने, आत्म-नियंत्रण बढ़ाने और आंतरिक इच्छाशक्ति विकसित करने में मदद मिलती है, जिससे व्यक्ति नशे जैसी बुरी आदतों से दूर रह सकता है। इस अवसर पर डॉक्टर फणीश चंद्र, उमेश नंदन सिंह, अमरनाथ कुमार, चंदेश्वर, अमर कुमार और डीके संजय कुमार सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।  

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