अररिया में 12 दिन का पशुपालन ट्रेनिंग पूरा:58 ट्रेनी को मिला प्रमाणपत्र, महिलाओं की रही बड़ी भागीदारी, गाय पालन से रोजगार पर जोर

अररिया में 12 दिन का पशुपालन ट्रेनिंग पूरा:58 ट्रेनी को मिला प्रमाणपत्र, महिलाओं की रही बड़ी भागीदारी, गाय पालन से रोजगार पर जोर

एसबीआई आरसेटी अररिया में 12 दिवसीय लघु उद्यमी पशुपालन प्रशिक्षण कार्यक्रम सोमवार को संपन्न हो गया। इस अवसर पर कुल 58 प्रशिक्षुओं को प्रमाणपत्र प्रदान किए गए, जिनमें 53 महिलाएं और 5 पुरुष शामिल थे। यह प्रशिक्षण मुख्य रूप से गाय पालन पर केंद्रित था। प्रशिक्षण में पशुपालन की आधुनिक तकनीकों, उन्नत नस्ल चयन, आहार प्रबंधन, रोग नियंत्रण, दूध उत्पादन वृद्धि, विपणन और डेयरी उद्यमिता से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी विस्तार से दी गई। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण युवाओं और महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना तथा स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन को बढ़ावा देना था। मुद्रा लोन जैसी विस्तृत जानकारी प्रदान की
समापन समारोह में निदेशक किशोर कुमार यादव और जीविका जॉब मैनेजर नील नीरज ने प्रशिक्षुओं को प्रमाणपत्र वितरित किए। उन्होंने बैंकिंग सुविधाओं, विभिन्न सरकारी योजनाओं और मुद्रा लोन जैसी वित्तीय सहायता के बारे में विस्तृत जानकारी प्रदान की। उन्होंने आश्वासन दिया कि यदि कोई प्रशिक्षु उद्यम शुरू करना चाहता है, तो आरसेटी बैंक से वित्तीय सहायता प्राप्त करने में पूर्ण सहयोग करेगा। वरिष्ठ संकाय सदस्य शशांक शेखर ने प्रशिक्षुओं को संबोधित करते हुए कहा कि प्रशिक्षण के बाद किसी भी प्रकार की समस्या या संदेह होने पर वे बिना किसी हिचकिचाहट के कार्यालय से संपर्क कर सकते हैं। स्थानीय स्तर पर रोजगार भी सृजित कर पाएंगे
उन्होंने निरंतर मार्गदर्शन उपलब्ध कराने का वादा किया। संकाय सदस्य राम मोहन झा ने सभी प्रशिक्षुओं के उज्ज्वल भविष्य की कामना की और उन्हें व्यावसायिक सफलता के लिए प्रेरित किया। यह प्रशिक्षण महिलाओं की भागीदारी को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ है। एसबीआई आरसेटी की यह पहल अररिया जिले में पशुपालन को व्यावसायिक रूप देने और आत्मनिर्भर भारत अभियान को मजबूत करने में सराहनीय है। प्रशिक्षित युवा अब गाय पालन आधारित डेयरी फार्मिंग, दूध प्रसंस्करण इकाई और संबंधित लघु उद्योग शुरू करके न केवल आर्थिक रूप से सशक्त हो सकेंगे, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार भी सृजित कर पाएंगे। आरसेटी प्रबंधन ने भविष्य में भी ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रमों को नियमित रूप से संचालित करने की बात कही है। एसबीआई आरसेटी अररिया में 12 दिवसीय लघु उद्यमी पशुपालन प्रशिक्षण कार्यक्रम सोमवार को संपन्न हो गया। इस अवसर पर कुल 58 प्रशिक्षुओं को प्रमाणपत्र प्रदान किए गए, जिनमें 53 महिलाएं और 5 पुरुष शामिल थे। यह प्रशिक्षण मुख्य रूप से गाय पालन पर केंद्रित था। प्रशिक्षण में पशुपालन की आधुनिक तकनीकों, उन्नत नस्ल चयन, आहार प्रबंधन, रोग नियंत्रण, दूध उत्पादन वृद्धि, विपणन और डेयरी उद्यमिता से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी विस्तार से दी गई। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण युवाओं और महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना तथा स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन को बढ़ावा देना था। मुद्रा लोन जैसी विस्तृत जानकारी प्रदान की
समापन समारोह में निदेशक किशोर कुमार यादव और जीविका जॉब मैनेजर नील नीरज ने प्रशिक्षुओं को प्रमाणपत्र वितरित किए। उन्होंने बैंकिंग सुविधाओं, विभिन्न सरकारी योजनाओं और मुद्रा लोन जैसी वित्तीय सहायता के बारे में विस्तृत जानकारी प्रदान की। उन्होंने आश्वासन दिया कि यदि कोई प्रशिक्षु उद्यम शुरू करना चाहता है, तो आरसेटी बैंक से वित्तीय सहायता प्राप्त करने में पूर्ण सहयोग करेगा। वरिष्ठ संकाय सदस्य शशांक शेखर ने प्रशिक्षुओं को संबोधित करते हुए कहा कि प्रशिक्षण के बाद किसी भी प्रकार की समस्या या संदेह होने पर वे बिना किसी हिचकिचाहट के कार्यालय से संपर्क कर सकते हैं। स्थानीय स्तर पर रोजगार भी सृजित कर पाएंगे
उन्होंने निरंतर मार्गदर्शन उपलब्ध कराने का वादा किया। संकाय सदस्य राम मोहन झा ने सभी प्रशिक्षुओं के उज्ज्वल भविष्य की कामना की और उन्हें व्यावसायिक सफलता के लिए प्रेरित किया। यह प्रशिक्षण महिलाओं की भागीदारी को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ है। एसबीआई आरसेटी की यह पहल अररिया जिले में पशुपालन को व्यावसायिक रूप देने और आत्मनिर्भर भारत अभियान को मजबूत करने में सराहनीय है। प्रशिक्षित युवा अब गाय पालन आधारित डेयरी फार्मिंग, दूध प्रसंस्करण इकाई और संबंधित लघु उद्योग शुरू करके न केवल आर्थिक रूप से सशक्त हो सकेंगे, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार भी सृजित कर पाएंगे। आरसेटी प्रबंधन ने भविष्य में भी ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रमों को नियमित रूप से संचालित करने की बात कही है।  

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