डूंगरपुर में ‘जनजातीय गरिमा उत्सव-जन भागीदारी अभियान “सबसे दूर-सबसे पहले”’ का शुभारंभ किया गया। जिला कलेक्टर देशलदान की अध्यक्षता में हुए इस अभियान का मुख्य उद्देश्य जनजातीय क्षेत्रों के वंचित पात्र लोगों तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाना है। जिला कलेक्टर देशलदान ने सभी विभागों को सौंपे गए दायित्वों का सुव्यवस्थित संचालन कर अभियान को सफल बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आदि सेवा केंद्रों के माध्यम से गांव-गांव तक पहुंच बनाकर जरूरतमंद लोगों को योजनाओं से जोड़ा जाए, ताकि कोई भी पात्र व्यक्ति लाभ से वंचित न रहे। अभियान की जानकारी देते हुए उपायुक्त टीएडी सत्य प्रकाश कस्वा ने बताया कि इसके अंतर्गत 17 विभागों द्वारा 25 प्रकार के कार्य किए जाएंगे। उन्होंने यह भी बताया कि पिछले वर्ष संचालित ‘धरती आबा ग्राम उत्कर्ष अभियान’ के तहत जिले के 638 गांवों में स्थापित आदि सेवा केंद्रों पर संतृप्ति शिविर आयोजित होंगे, जहां पात्र वंचितों को विभिन्न योजनाओं से लाभान्वित किया जाएगा। इस अभियान में चिकित्सा, शिक्षा, पीडब्ल्यूडी, रसद, आईसीडीएस, पशुपालन, टीएडी और पीएचईडी सहित 17 विभाग सहयोग करेंगे। ‘आदि कर्मयोगी वॉलिंटियर्स’ के माध्यम से जनजातीय क्षेत्रों में सेवाएं पहुंचाई जाएंगी। अभियान की तैयारियों को लेकर जिला कलेक्टर ने डीओआईटी के वीसी कक्ष से जिला, ब्लॉक एवं ग्राम स्तरीय अधिकारियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से बैठक की। उन्होंने 18 से 25 मई तक अभियान के प्रभावी क्रियान्वयन, मॉनिटरिंग और सूचना आदान-प्रदान के लिए नोडल एवं सहायक नोडल अधिकारियों की नियुक्ति कर जिम्मेदारियां तय कीं। इस दौरान जिला कलेक्टर ने 25 मई से 5 जून तक आयोजित होने वाले ‘वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान’ की भी समीक्षा की। उन्होंने संबंधित विभागों को प्रतिदिन निर्धारित गतिविधियों के अनुसार कार्ययोजना बनाकर समन्वय के साथ अभियान संचालित करने के निर्देश दिए। बैठक में अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी अनिल पहाड़िया ने जल संरक्षण अभियान की विस्तृत जानकारी दी। बैठक में एडीएम सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे।


