एडीजी ने पुलिसकर्मियों की समस्याओं, फैमिली क्वार्टर पर की चर्चा:बोले- पिछले साल कोटा ग्रामीण पुलिस की कानून व्यवस्था रही बेहतर, सड़क हादसों में आई कमी

एडीजी ने पुलिसकर्मियों की समस्याओं, फैमिली क्वार्टर पर की चर्चा:बोले- पिछले साल कोटा ग्रामीण पुलिस की कानून व्यवस्था रही बेहतर, सड़क हादसों में आई कमी

राजस्थान यातायात एडीजी बीएल मीणा सोमवार को कोटा ग्रामीण पुलिस के वार्षिक निरीक्षण के तहत शहर में पहुंचे। यहां उन्होंने पुलिस विभाग की गतिविधियों का जायजा लिया। इस दौरान एडीजी मीणा ने पुलिस लाइन में परेड का निरीक्षण किया। विभिन्न शाखाओं की व्यवस्थाओं को देखा। उन्होंने पुलिस अधिकारियों के साथ क्राइम मीटिंग कर जिले की कानून व्यवस्था, अपराध नियंत्रण और लंबित मामलों की समीक्षा की। पुलिसकर्मियों की समस्याओं, फैमिली क्वार्टर पर चर्चा एडीजी ने जवानों के साथ संपर्क सभा भी की। इसमें पुलिसकर्मियों की समस्याओं, फैमिली क्वार्टर और सुविधाओं को लेकर चर्चा हुई। इसके अलावा उन्होंने एसपी कार्यालय का भी निरीक्षण कर प्रशासनिक व्यवस्थाओं की जानकारी ली। निरीक्षण के दौरान वर्ष 2024, 2025 और अप्रैल 2026 तक के अपराध आंकड़ों पर चर्चा हुई। राजस्थान यातायात एडीजी बीएल मीणा ने बताया- वर्ष 2024 में कानून व्यवस्था को लेकर कुछ चुनौतियां सामने आई थीं, लेकिन वर्ष 2025 और 2026 में स्थिति में काफी सुधार देखने को मिला है। उन्होंने कहा कि अपराधों में कमी आई है और अवैध मादक पदार्थों, शराब तस्करी तथा अवैध हथियारों के खिलाफ पुलिस ने प्रभावी कार्रवाई की है। कोटा ग्रामीण क्षेत्र में सड़क हादसों और मृत्यु दर में कमी यातायात व्यवस्था को लेकर भी एडीजी ने संतोष जताया। उन्होंने बताया- पिछले साल की तुलना में इस वर्ष कोटा ग्रामीण क्षेत्र में सड़क हादसों और मृत्यु दर में कमी आई है। दुर्घटना संभावित स्थानों को चिन्हित कर लगातार बैठकें की गईं और संबंधित समितियों को निर्देश दिए गए, जिसके सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। उन्होंने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए दुर्घटना संभावित क्षेत्रों को ब्लैक स्पॉट के रूप में चिन्हित किया जा रहा है और इसकी जानकारी एनएचएआई अधिकारियों को दी जा रही है। कई स्थानों पर सुधार कार्य भी शुरू कराए गए हैं। एडीजी मीणा ने कहा- अन्य जिलों की तुलना में कोटा ग्रामीण पुलिस की स्थिति बेहतर है। पुराने मामलों, लंबित चालानों और कोर्ट में पेश होने वाले प्रकरणों में कार्रवाई की जा रही है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि पुराने मामलों का जल्द अनुसंधान कर कोर्ट में पेश किया जाए। उन्होंने बताया- पिछले तीन-चार वर्षों में कोटा ग्रामीण पुलिस ने गुमशुदा बच्चों, महिलाओं और पुरुषों को तलाशने में उल्लेखनीय कार्य किया है। करीब एक हजार गुमशुदा लोगों को उनके परिवारों तक सुरक्षित पहुंचाया गया है, जो पुलिस की बड़ी उपलब्धि मानी जा रही है।

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