बरेली। बरेली जंक्शन पर अपने दो साल के बच्चे के साथ उतरी महिला को पहचान के दो युवक बहाने से अपने साथ ले गए। आरोप है कि दोनों ने बच्चे को जान से मारने की धमकी देकर महिला को बंधक बना लिया और कई दिनों तक एक कमरे में बंद कर गैंगरेप किया। किसी तरह आरोपियों के चंगुल से निकली महिला ने महीनों बाद पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। अब कोतवाली पुलिस ने मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि दूसरा अब भी फरार चल रहा है।
पीड़िता के मुताबिक वह 13 दिसंबर 2025 को मायके कुशीनगर से अपने दो साल के बच्चे के साथ बरेली आई थी। सुबह के समय जैसे ही वह बरेली जंक्शन पर उतरी, तभी उसकी मुलाकात पहचान के गुलाब सिंह उर्फ सीताराम और रिंकू से हुई। दोनों ने भरोसा दिलाया कि वह भी घर की तरफ जा रहे हैं और उसे अपने साथ चलने को कहा।
बच्चे को गोद में लेकर दी हत्या की धमकी
महिला का आरोप है कि कुछ दूर जाने के बाद दोनों का व्यवहार बदल गया। आरोपियों ने उसके बच्चे को गोद में उठा लिया और धमकी दी कि अगर उसने शोर मचाया या विरोध किया तो बच्चे को जान से मार देंगे। मासूम की जान बचाने के लिए महिला डर गई और चुपचाप उनके साथ जाने को मजबूर हो गई। पीड़िता ने बताया कि दोनों आरोपी उसे एक कमरे में ले गए, जहां कई दिनों तक बंधक बनाकर उसके साथ दुष्कर्म किया गया। वह लगातार डर और दहशत में जी रही थी। इसी दौरान 15 दिसंबर को मौका मिलते ही उसने अपने पति को फोन कर पूरी बात बताई। पति ने उसे वहां से निकालने की योजना बनाई और महिला किसी तरह आरोपियों के कब्जे से बाहर निकल आई।
हिमाचल चली गई थी पीड़िता
घटना के बाद महिला अपने पति के साथ हिमाचल प्रदेश चली गई। लंबे समय तक सदमे में रहने के बाद वह जनवरी 2026 में वापस बरेली आई और 31 मार्च को कोतवाली थाने में दोनों आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया। पुलिस ने बीएनएस की गंभीर धाराओं में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी। कोतवाली पुलिस ने रविवार को आरोपी गुलाब सिंह उर्फ सीताराम निवासी चैना मुरारपुर, थाना हाफिजगंज को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में आरोपी महिला के साथ मर्जी से जाने की बात कहता रहा, लेकिन पुलिस ने उसके दावों को जांच का हिस्सा बताया है। कोतवाली इंस्पेक्टर धनंजय पांडे ने बताया कि दूसरे आरोपी की तलाश में लगातार दबिश दी जा रही है और जल्द ही उसे भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा।


