अररिया में पंचायत सहयोग शिविर शुरू:प्रत्येक माह के पहले एवं तीसरे मंगलवार को आयोजन,19 मई से होगा जन समस्याओं का समाधान

अररिया में पंचायत सहयोग शिविर शुरू:प्रत्येक माह के पहले एवं तीसरे मंगलवार को आयोजन,19 मई से होगा जन समस्याओं का समाधान

अररिया में जन समस्याओं के सरल और प्रभावी समाधान के लिए पंचायत स्तर पर सहयोग शिविर आयोजित किए जाएंगे। यह पहल जिलाधिकारी विनोद दूहन के नेतृत्व में शुरू हो रही है। बिहार के मुख्य सचिव के निर्देश पर जिलाधिकारी विनोद दूहन और पुलिस अधीक्षक जितेंद्र कुमार ने संयुक्त रूप से इसकी रूपरेखा तैयार की है। शिविर 19 मई से 16 फरवरी 2027 तक चलेंगे ये शिविर 19 मई से शुरू होकर 16 फरवरी 2027 तक चलेंगे। इनका आयोजन प्रत्येक माह के प्रथम एवं तृतीय मंगलवार को किया जाएगा। शिविर पंचायत सरकार भवन या उसके निकट सार्वजनिक स्थानों पर लगाए जाएंगे। इन शिविरों में राजस्व, भूमि संबंधी मामलों सहित सभी विभागों की लंबित शिकायतों का निपटारा किया जाएगा। आवेदन शिविर शुरू होने से 30 दिन पहले स्वीकार किए जाएंगे। लंबित मामलों की सूची शिविर में प्रदर्शित करेंगे जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं। अपर समाहर्ता, भूमि सुधार उप समाहर्ता और अंचल अधिकारी अपने न्यायालयों में लंबित मामलों की सूची शिविर में प्रदर्शित करेंगे और संबंधित पंचायत के मामलों का पूर्व निष्पादन सुनिश्चित करेंगे। शिविर में प्राप्त प्रत्येक आवेदन का अनिवार्य पंजीकरण होगा और उसका निपटारा निर्धारित समय सीमा में किया जाएगा। पारदर्शिता और त्वरित कार्रवाई के लिए ‘शिविर संवाद समाधान पोर्टल’ का उपयोग किया जाएगा। एक रियल टाइम मॉनिटरिंग सिस्टम भी संचालित होगा, जिसकी निगरानी नोडल अधिकारी करेंगे। यह सिस्टम आईटी मैनेजर द्वारा संचालित किया जाएगा। केंद्र और राज्य की योजनाओं की मिलेगी जानकारी इन शिविरों में केंद्र और राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं की जानकारी भी आम जनता को दी जाएगी। प्रखंड विकास पदाधिकारी शिविर स्थल पर बैठने, पेयजल और अन्य बुनियादी सुविधाओं की व्यवस्था सुनिश्चित करेंगे। शिविर समाप्त होने के तुरंत बाद प्रभारी अधिकारी एक संक्षिप्त रिपोर्ट जिलाधिकारी को सौंपेंगे। शिविरों में विधि-व्यवस्था बनाए रखने की जिम्मेदारी पुलिस उपाधीक्षक (रक्षित) को सौंपी गई है। जिला जन शिकायत कोषांग के प्रभारी पदाधिकारी नोडल अधिकारी के रूप में कार्य करेंगे, जबकि अपर समाहर्ता सह जिला लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी वरीय प्रभारी होंगे। जिलाधिकारी विनोद दूहन ने आम जनता से अपील की है कि वे अपने क्षेत्र के निर्धारित पंचायतवार सहयोग शिविरों में बढ़-चढ़कर भाग लें और अपनी समस्याओं का त्वरित समाधान प्राप्त करें। इस पहल को जिले में शिकायत निवारण को अधिक प्रभावी और पारदर्शी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। विस्तृत कैलेंडर पहले ही जारी कर दिया गया है। अररिया में जन समस्याओं के सरल और प्रभावी समाधान के लिए पंचायत स्तर पर सहयोग शिविर आयोजित किए जाएंगे। यह पहल जिलाधिकारी विनोद दूहन के नेतृत्व में शुरू हो रही है। बिहार के मुख्य सचिव के निर्देश पर जिलाधिकारी विनोद दूहन और पुलिस अधीक्षक जितेंद्र कुमार ने संयुक्त रूप से इसकी रूपरेखा तैयार की है। शिविर 19 मई से 16 फरवरी 2027 तक चलेंगे ये शिविर 19 मई से शुरू होकर 16 फरवरी 2027 तक चलेंगे। इनका आयोजन प्रत्येक माह के प्रथम एवं तृतीय मंगलवार को किया जाएगा। शिविर पंचायत सरकार भवन या उसके निकट सार्वजनिक स्थानों पर लगाए जाएंगे। इन शिविरों में राजस्व, भूमि संबंधी मामलों सहित सभी विभागों की लंबित शिकायतों का निपटारा किया जाएगा। आवेदन शिविर शुरू होने से 30 दिन पहले स्वीकार किए जाएंगे। लंबित मामलों की सूची शिविर में प्रदर्शित करेंगे जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं। अपर समाहर्ता, भूमि सुधार उप समाहर्ता और अंचल अधिकारी अपने न्यायालयों में लंबित मामलों की सूची शिविर में प्रदर्शित करेंगे और संबंधित पंचायत के मामलों का पूर्व निष्पादन सुनिश्चित करेंगे। शिविर में प्राप्त प्रत्येक आवेदन का अनिवार्य पंजीकरण होगा और उसका निपटारा निर्धारित समय सीमा में किया जाएगा। पारदर्शिता और त्वरित कार्रवाई के लिए ‘शिविर संवाद समाधान पोर्टल’ का उपयोग किया जाएगा। एक रियल टाइम मॉनिटरिंग सिस्टम भी संचालित होगा, जिसकी निगरानी नोडल अधिकारी करेंगे। यह सिस्टम आईटी मैनेजर द्वारा संचालित किया जाएगा। केंद्र और राज्य की योजनाओं की मिलेगी जानकारी इन शिविरों में केंद्र और राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं की जानकारी भी आम जनता को दी जाएगी। प्रखंड विकास पदाधिकारी शिविर स्थल पर बैठने, पेयजल और अन्य बुनियादी सुविधाओं की व्यवस्था सुनिश्चित करेंगे। शिविर समाप्त होने के तुरंत बाद प्रभारी अधिकारी एक संक्षिप्त रिपोर्ट जिलाधिकारी को सौंपेंगे। शिविरों में विधि-व्यवस्था बनाए रखने की जिम्मेदारी पुलिस उपाधीक्षक (रक्षित) को सौंपी गई है। जिला जन शिकायत कोषांग के प्रभारी पदाधिकारी नोडल अधिकारी के रूप में कार्य करेंगे, जबकि अपर समाहर्ता सह जिला लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी वरीय प्रभारी होंगे। जिलाधिकारी विनोद दूहन ने आम जनता से अपील की है कि वे अपने क्षेत्र के निर्धारित पंचायतवार सहयोग शिविरों में बढ़-चढ़कर भाग लें और अपनी समस्याओं का त्वरित समाधान प्राप्त करें। इस पहल को जिले में शिकायत निवारण को अधिक प्रभावी और पारदर्शी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। विस्तृत कैलेंडर पहले ही जारी कर दिया गया है।  

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