बिना मेडिकल सलाह नींद और तनाव दूर करने वाली मैग्नीशियम टॉफियां खाना कितना सुरक्षित? डॉक्टर से जानिए इसके साइड इफेक्ट

बिना मेडिकल सलाह नींद और तनाव दूर करने वाली मैग्नीशियम टॉफियां खाना कितना सुरक्षित? डॉक्टर से जानिए इसके साइड इफेक्ट

Magnesium Side Effects: आजकल सोशल मीडिया पर मैग्नीशियम टॉफियां (Magnesium Gummies) काफी वायरल हो रही हैं। इन्हें बेहतर नींद, कम तनाव, मांसपेशियों को आराम और शरीर को रिलैक्स करने वाला सप्लीमेंट बताया जा रहा है। रंग-बिरंगी कैंडी जैसी दिखने वाली ये Gummies लोगों को काफी आकर्षित कर रही हैं और कई लोग बिना डॉक्टर की सलाह के इन्हें रोज खाना शुरू कर चुके हैं। लेकिन डॉक्टरों का कहना है कि मैग्नीशियम टॉफियां कोई साधारण टॉफी नहीं हैं और इन्हें बिना जरूरत लेना नुकसानदायक हो सकता है।

शरीर के लिए क्यों जरूरी है मैग्नीशियम ?

इंटरनल मेडिसिन विशेषज्ञ डॉ. टी. पी. शर्मा के मुताबिक, मैग्नीशियम एक जरूरी मिनरल है जो शरीर में कई अहम काम करता है। यह मांसपेशियों और नसों को सही तरीके से काम करने में मदद करता है। इसके अलावा हार्ट की धड़कन को संतुलित रखने, हड्डियों को मजबूत बनाने और शरीर में ऊर्जा बनाने में भी इसकी बड़ी भूमिका होती है।

डॉक्टर के अनुसार, जिन लोगों में मैग्नीशियम की कमी होती है, उन्हें इससे फायदा मिल सकता है। ऐसे लोगों में नींद की परेशानी, मांसपेशियों में ऐंठन, कमजोरी या थकान जैसी समस्याएं कम हो सकती हैं।

हर थकान का मतलब मैग्नीशियम की कमी नहीं

आजकल लोग सोशल मीडिया देखकर खुद ही तय कर लेते हैं कि उन्हें मैग्नीशियम की जरूरत है। जबकि हर बार थकान, खराब नींद या तनाव का कारण मैग्नीशियम की कमी नहीं होता। इसके पीछे कई दूसरी स्वास्थ्य समस्याएं भी हो सकती हैं। डॉ. शर्मा बताते हैं कि मैग्नीशियम की कमी का सही पता सिर्फ ब्लड टेस्ट से ही लगाया जा सकता है। बिना जांच के सप्लीमेंट लेना सही तरीका नहीं माना जाता।

ज्यादा मैग्नीशियम लेने से हो सकते हैं नुकसान

कई लोग यह सोचकर Gummies खाना शुरू कर देते हैं कि यह तो सिर्फ एक सप्लीमेंट है, इससे क्या नुकसान होगा। लेकिन जरूरत से ज्यादा मैग्नीशियम लेने पर शरीर पर बुरा असर पड़ सकता है। इसके कारण दस्त और पेट खराब होना, जी मिचलाना, पेट में दर्द, कमजोरी महसूस होना और लो ब्लड प्रेशर जैसी समस्याएं हो सकती हैं। जिन लोगों को किडनी या दिल से जुड़ी बीमारी है, उनके लिए ज्यादा मैग्नीशियम और भी खतरनाक साबित हो सकता है क्योंकि शरीर इसे बाहर नहीं निकाल पाता।

दूसरी दवाओं पर भी पड़ सकता है असर

डॉक्टर के मुताबिक, मैग्नीशियम कुछ दवाओं के असर को भी कम कर सकता है। खासकर एंटीबायोटिक्स, थायरॉइड की दवाएं और हड्डियों की दवाओं के साथ इसे बिना सलाह लेना सही नहीं है।

डॉक्टर क्या सलाह देते हैं?

उनका कहना है कि मैग्नीशियम की जरूरत सबसे पहले खाने से पूरी करने की कोशिश करनी चाहिए। इसके लिए डाइट में मेवे, बीज, हरी पत्तेदार सब्जियां, दालें, साबुत अनाज शामिल करें। अगर फिर भी कमी महसूस हो, तो डॉक्टर की सलाह और सही जांच के बाद ही सप्लीमेंट लें। क्योंकि हर वायरल चीज शरीर के लिए सुरक्षित हो, यह जरूरी नहीं है।

डिस्क्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प है। लेकिन पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।

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