बिहार-झारखंड के बीच 3 रेल परियोजनाओं को मंजूरी:गयाजी, औरंगाबाद और चतरा के लोगों को होगा फायदा, नई रेल लाइन बनेगी

बिहार-झारखंड के बीच 3 रेल परियोजनाओं को मंजूरी:गयाजी, औरंगाबाद और चतरा के लोगों को होगा फायदा, नई रेल लाइन बनेगी

गया और आसपास के इलाकों के लिए बड़ी खुशखबरी है। बिहार और झारखंड के बीच रेल कनेक्टिविटी को मजबूत करने के लिए केंद्र सरकार ने 3 अहम रेल परियोजनाओं को मंजूरी दे दी है। लंबे समय से अटकी इन योजनाओं को हरी झंडी मिलने के बाद मगध के गया, औरंगाबाद, बोधगया और झारखंड के कई क्षेत्रों के लोगों में खुशी है। अब सड़क के भरोसे सफर करने वाले लाखों लोगों को आने वाले समय में ट्रेन की बेहतर सुविधा मिल सकेगी। औरंगाबाद सांसद अभय कुशवाहा ने बताया कि गया-डाल्टेनगंज भाया रफीगंज, गया-बोधगया-चतरा और गया-नटेश्वर भाया नालंदा रेल परियोजनाओं को स्वीकृति मिली है। गया-डाल्टेनगंज भाया रफीगंज रेल लाइन करीब 136.88 किलोमीटर लंबी होगी। इसके लिए 44.26 करोड़ रुपए मंजूर किए गए हैं। वहीं, गया-बोधगया-चतरा रेल परियोजना के लिए 551.75 करोड़ रुपए की स्वीकृति दी गई है।
वर्षों पहले हुआ था शिलान्यास गया-डाल्टेनगंज रेल परियोजना का शिलान्यास पूर्व रेल मंत्री लालू प्रसाद यादव ने वर्षों पहले किया था, लेकिन बाद में काम ठंडे बस्ते में चला गया। अब दोबारा मंजूरी मिलने के बाद लोगों को उम्मीद जगी है कि इस बार शायद परियोजना जमीन पर उतरेगी।
नई ब्रॉडगेज रेल लाइन बिछाने की तैयारी तेज इधर गया जिले के परैया रेलवे स्टेशन से झारखंड के चतरा तक नई ब्रॉडगेज रेल लाइन बिछाने की तैयारी भी तेज हो गई है। रेल मंत्रालय ने इसे विशेष रेल परियोजना घोषित कर राजपत्र प्रकाशित कर दिया है। इस योजना के तहत परैया से चतरा तक 75.1 किलोमीटर लंबी रेल लाइन बनेगी। साथ ही कष्ठा की ओर 4.95 किलोमीटर लंबा वाई कनेक्शन भी तैयार होगा। इस परियोजना का सबसे बड़ा फायदा परैया को मिलेगा। नई रेल लाइन बनने के बाद परैया स्टेशन की अहमियत बढ़ेगी और इसे जंक्शन का दर्जा मिलने की संभावना है। इससे गया और झारखंड के बीच सफर आसान होगा। छात्रों, मजदूरों, महिलाओं और नौकरीपेशा लोगों को सीधा लाभ मिलेगा।
सर्वे और डीपीआर की प्रक्रिया जल्द शुरू होगी पूर्व मध्य रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी सरस्वती चंद्र ने बताया कि अब सर्वे और डीपीआर की प्रक्रिया जल्द शुरू होगी। इसके बाद अंतिम रूट और नए स्टेशनों पर फैसला लिया जाएगा।
कुल मिलाकर यह सिर्फ रेल परियोजना नहीं, बल्कि गया और आसपास के इलाकों के विकास की नई पटरी है। गया और आसपास के इलाकों के लिए बड़ी खुशखबरी है। बिहार और झारखंड के बीच रेल कनेक्टिविटी को मजबूत करने के लिए केंद्र सरकार ने 3 अहम रेल परियोजनाओं को मंजूरी दे दी है। लंबे समय से अटकी इन योजनाओं को हरी झंडी मिलने के बाद मगध के गया, औरंगाबाद, बोधगया और झारखंड के कई क्षेत्रों के लोगों में खुशी है। अब सड़क के भरोसे सफर करने वाले लाखों लोगों को आने वाले समय में ट्रेन की बेहतर सुविधा मिल सकेगी। औरंगाबाद सांसद अभय कुशवाहा ने बताया कि गया-डाल्टेनगंज भाया रफीगंज, गया-बोधगया-चतरा और गया-नटेश्वर भाया नालंदा रेल परियोजनाओं को स्वीकृति मिली है। गया-डाल्टेनगंज भाया रफीगंज रेल लाइन करीब 136.88 किलोमीटर लंबी होगी। इसके लिए 44.26 करोड़ रुपए मंजूर किए गए हैं। वहीं, गया-बोधगया-चतरा रेल परियोजना के लिए 551.75 करोड़ रुपए की स्वीकृति दी गई है।
वर्षों पहले हुआ था शिलान्यास गया-डाल्टेनगंज रेल परियोजना का शिलान्यास पूर्व रेल मंत्री लालू प्रसाद यादव ने वर्षों पहले किया था, लेकिन बाद में काम ठंडे बस्ते में चला गया। अब दोबारा मंजूरी मिलने के बाद लोगों को उम्मीद जगी है कि इस बार शायद परियोजना जमीन पर उतरेगी।
नई ब्रॉडगेज रेल लाइन बिछाने की तैयारी तेज इधर गया जिले के परैया रेलवे स्टेशन से झारखंड के चतरा तक नई ब्रॉडगेज रेल लाइन बिछाने की तैयारी भी तेज हो गई है। रेल मंत्रालय ने इसे विशेष रेल परियोजना घोषित कर राजपत्र प्रकाशित कर दिया है। इस योजना के तहत परैया से चतरा तक 75.1 किलोमीटर लंबी रेल लाइन बनेगी। साथ ही कष्ठा की ओर 4.95 किलोमीटर लंबा वाई कनेक्शन भी तैयार होगा। इस परियोजना का सबसे बड़ा फायदा परैया को मिलेगा। नई रेल लाइन बनने के बाद परैया स्टेशन की अहमियत बढ़ेगी और इसे जंक्शन का दर्जा मिलने की संभावना है। इससे गया और झारखंड के बीच सफर आसान होगा। छात्रों, मजदूरों, महिलाओं और नौकरीपेशा लोगों को सीधा लाभ मिलेगा।
सर्वे और डीपीआर की प्रक्रिया जल्द शुरू होगी पूर्व मध्य रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी सरस्वती चंद्र ने बताया कि अब सर्वे और डीपीआर की प्रक्रिया जल्द शुरू होगी। इसके बाद अंतिम रूट और नए स्टेशनों पर फैसला लिया जाएगा।
कुल मिलाकर यह सिर्फ रेल परियोजना नहीं, बल्कि गया और आसपास के इलाकों के विकास की नई पटरी है।  

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