Hantavirus Pulmonary Syndrome: हाल ही में सामने आए हंता वायरस (Hantavirus outbreak) ने दुनिया भर के स्वास्थ्य विशेषज्ञों की चिंता बढ़ा दी है। इसी बीच भारत का एक पुराना लेकिन बेहद चौंकाने वाला मामला फिर चर्चा में है। साल 2016 में Holy Family Hospital के डॉक्टरों ने एक ऐसी महिला का केस रिपोर्ट किया था, जिसने बच्चे को जन्म देने के कुछ दिन बाद अचानक गंभीर बीमारी का सामना किया। यह मामला Indian Journal of Critical Care Medicine में प्रकाशित हुआ था।
डिलीवरी के बाद शुरू हुई परेशानी
रिपोर्ट के मुताबिक, 30 साल की महिला ने सामान्य डिलीवरी से बच्चे को जन्म दिया था। शुरुआत में सब कुछ ठीक था, लेकिन 8 दिन बाद उसे तेज बुखार, पेट दर्द और चक्कर आने लगे। धीरे-धीरे उसे सांस लेने में तकलीफ होने लगी और ब्लड प्रेशर तेजी से गिरने लगा।
जब महिला को अस्पताल में भर्ती किया गया, तब डॉक्टरों को पहले लगा कि यह डिलीवरी के बाद होने वाला कोई सामान्य संक्रमण है। लेकिन हालत लगातार बिगड़ती गई। महिला के फेफड़ों, किडनी और लिवर पर असर पड़ने लगा। आखिर में जांच में पता चला कि वह Hantavirus Pulmonary Syndrome से संक्रमित थी।
क्या होता है हंता वायरस?
हंता वायरस एक दुर्लभ लेकिन खतरनाक वायरस है, जो आमतौर पर चूहों के यूरिन, लार या मल के संपर्क से फैलता है। इसके शुरुआती लक्षण फ्लू जैसे होते हैं-
- तेज बुखार
- शरीर दर्द
- थकान
- सांस लेने में दिक्कत
लेकिन कुछ मामलों में यह तेजी से फेफड़ों को नुकसान पहुंचाकर Acute Respiratory Distress Syndrome (ARDS) का कारण बन सकता है।
गर्भावस्था और डिलीवरी के बाद क्यों बढ़ जाता है खतरा?
रिसर्च के मुताबिक, प्रेग्नेंसी और डिलीवरी के बाद महिलाओं का शरीर काफी कमजोर होता है। ऐसे में वायरस तेजी से असर दिखा सकता है। इस महिला के मामले में भी संक्रमण ने कुछ ही दिनों में मल्टी-ऑर्गन फेल्योर की स्थिति पैदा कर दी थी।
2026 में फिर चर्चा में आया हंता वायरस
हाल ही में World Health Organization ने दुर्लभ हंता वायरस की पुष्टि की है। यह संक्रमण एक डच क्रूज शिप MV Hondius पर फैला, जहां 3 लोगों की मौत हो गई और कई लोग संक्रमित पाए गए। इस बार Andes virus strain मिला है, जो इंसान से इंसान में भी फैल सकता है। हालांकि WHO ने साफ किया है कि यह COVID-19 जैसी महामारी बनने वाला वायरस नहीं है।
क्या रखें सावधानी?
- चूहों से संक्रमित जगहों से दूरी रखें
- बंद और धूलभरी जगह साफ करते समय मास्क पहनें
- तेज बुखार और सांस लेने में तकलीफ होने पर तुरंत जांच करवाएं
डिस्क्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प है। लेकिन पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।


