छिंदवाड़ा में रेप पीड़िता को मेडिकल जांच के लिए जिला अस्पताल लाने के बाद पुलिस और पीड़िता को करीब 5 घंटे तक इंतजार करना पड़ा। आरोप है कि ड्यूटी पर तैनात महिला डॉक्टर को कई बार सूचना देने के बावजूद वह समय पर अस्पताल नहीं पहुंचीं। इस दौरान पीड़िता अस्पताल में परेशान होती रही। ड्यूटी डॉक्टर शाम तक नहीं पहुंची
जानकारी के अनुसार, सावरी चौकी पुलिस गुरुवार दोपहर करीब 1:37 बजे पीड़िता को लेकर जिला अस्पताल पहुंची थी। यहां मेडिकल जांच के लिए ड्यूटी डॉक्टर निकिता शेख को सूचना दी गई, लेकिन शाम तक वह अस्पताल नहीं पहुंचीं। इस दौरान पीड़िता और पुलिस स्टाफ अस्पताल में ही परेशान होते रहे। पुलिस स्टाफ ने भी कई बार किए फोन
पुलिस स्टाफ के मुताबिक, डॉक्टर को कई बार फोन कर स्थिति बताई गई। आरोप है कि बातचीत के दौरान डॉक्टर ने यह तक कह दिया कि “क्या पीड़िता को मुझसे पूछकर लाए हैं” और “तुम्हारे हिसाब से काम थोड़ी करूंगी।” मामले को लेकर सीनियर डॉक्टरों को भी जानकारी दी गई, लेकिन इसके बाद भी तत्काल समाधान नहीं निकल सका। करीब 5 घंटे इंतजार के बाद शाम 6:20 बजे डॉक्टर अस्पताल पहुंचीं। हालांकि उसी समय अस्पताल की बिजली गुल हो गई, जिसके चलते जांच प्रक्रिया में और देरी हुई। पीड़िता के साथ लावाघोघरी थाने की ASI उषा जावरकर भी स्टाफ के साथ मौजूद थीं। बताया जा रहा है कि पीड़िता 40 किलोमीटर दूर क्षेत्र से अस्पताल लाई गई थी। डॉक्टर ने सफई दी- तबीयत खराब थी
वहीं अस्पताल पहुंचने के बाद डॉक्टर ने सफाई देते हुए कहा कि उनकी तबीयत खराब थी और उन्होंने पहले ही अस्पताल स्टाफ को आने में असमर्थता की जानकारी दे दी थी। हालांकि सवाल यह उठ रहा है कि इतने संवेदनशील मामले में समय पर वैकल्पिक व्यवस्था क्यों नहीं की गई।घटना के बाद जिला अस्पताल की कार्यप्रणाली और संवेदनशील मामलों में स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता पर सवाल खड़े हो रहे हैं।


