कानपुर में चप्पल दिखाने वाले BJP पार्षद बोले:विधायक के गुंडों को दिखाई चप्पल, सपा MLA का पलटवार- संस्कारों की पढाई करें

कानपुर में चप्पल दिखाने वाले BJP पार्षद बोले:विधायक के गुंडों को दिखाई चप्पल, सपा MLA का पलटवार- संस्कारों की पढाई करें

कानपुर में परमट स्थित स्कूल के बाहर प्राइमरी स्कूल के पुनर्निर्माण के शिलान्यास कार्यक्रम को लेकर बुधवार को दोनों दल आमने-सामने आ गए थे। दोनों ही दलों के कार्यकर्ताओं ने एक-दूसरे के खिलाफ नारेबाजी और बहस की। इसी बीच बीजेपी पार्षद विकास जायसवाल ने चप्पल उतारकर दिखाई। इस पर दैनिक भास्कर ने वार्ड 79 चटाई मोहाल के पार्षद से बातचीत की, साथ ही विधायक अमिताभ बाजपेई से भी पक्ष जाना, जिनके सामने चप्पल दिखाई गई थी। पढ़िए रिपोर्ट में… विकास जायसवाल ने दैनिक भास्कर से बातचीत में बताया कि मैंने चप्पल समाजवादी पार्टी के विधायक मौलाना अमिताभ बाजपेई के साथ जो नई सड़क के गुंडे आए थे, वो बीजेपी के कार्यकर्ताओं के साथ मारपीट करने की कोशिश कर रहे थे, उनके लिए उठाई थी। लेकिन वो आए हुए अपराधी विधायक की आड़ में पीछे छुपे हुए थे। विधायक ने देखा तो उन्होंने उसे समझा भी। अगर वो इस तरह से बीजेपी के लोगों के साथ मारपीट कराएंगे तो ये बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। विधायक तो सम्मानित पद है, चप्पल उनके लिए नहीं थी। चप्पल तो उन अपराधियों के लिए थी, जो हमारे कार्यकर्ताओं के साथ मारपीट कर रहे थे। भगवान कृष्ण ने भी कहा है कि पापी को मारने के लिए थोड़ा पाप करना पड़े तो करना चाहिए।
सपा के विधायक लगातार गुमराह कर रहे हैं। विकास ने आरोप लगाया कि बाबुओं और ठेकेदारों के साथ इनकी सांठगांठ है। इसलिए इनकी विधानसभा में कई ऐसे निर्माण संदेह के घेरे में हैं। आरोप तो ये भी है कि इन्होंने ईंट तक बिकवा दी, जो भी तोड़फोड़ में लोहा निकला उसका भी कोई पता नहीं चल सका। इस तरह के आरोप लगते रहे। इसी तरह से परमट का विद्यालय भी जद में आ गया।
जब 15 मई को उनका शिलान्यास था तो वो 13 तारीख को क्या करने गए थे। वहीं कुछ पेड़ भी हैं, लेकिन वहां स्थानीय पार्षद जितेन्द्र बाजपेई और सुरेश अवस्थी ने गड़बड़ी होने से रोक लिया, उसका विरोध भी किया। शायद यहां से पेड़ भी चोरी कर ले जाते। इनके विरोध करने के तरीको को भी देखा गया है कि कभी बिना पानी के तरणताल में तैरने लगते हैं। कभी ये कूड़ा गाड़ी चलाते हैं। ये विधायक की गरिमा भी नहीं देख रहे हैं। अब मुझ पर आरोप लगा रहें है, कि मैंने ब्राह्मणों का अपमान किया है। मेरे घर में तो ब्राह्मण पूजे जाते हैं। मैं तो ब्राह्मण पूजता हूं और पूजता रहूंगा। ब्राह्मणों के अपमान करने का काम तो इन्होंने किया है। हमारे नेता सुरेश अवस्थी और सांसद रमेश अवस्थी का अपमान किया है।
पढ़िए, चप्पल दिखाए जाने के मामले में विधायक जो बोले
सपा विधायक अमिताभ बाजपेई ने कहा कि जो भी मामला हुआ उसमें बीजेपी और सपा के लोग आमने-सामने नहीं आए, बल्कि बीजेपी का एक गुट, जो बीजेपी के अच्छे लोगों की जगह-जगह शिकायत करता है, वही सामने आया। उस दिन बीजेपी का कोई भी जिम्मेदार नेता वहां नहीं था। मेरा बीजेपी के जो अच्छे लोग हैं उनसे सद्भावना है। किसी से कोई विरोध नहीं हुआ। चप्पल दिखाना क्या समाज में कोई उचित काम है क्या? कोई ये बताए। क्या संस्कार ये कहते हैं कि किसी को चप्पल दिखाई जानी चाहिए। उन्होंने कहा, मुझे नहीं दिखाई तो क्या किसी को चप्पल ऐसे दिखाई जा सकती है? जिन्होंने चप्पल दिखाई, वो फिर से सोचें कि उन्होंने किस स्कूल से पढ़ाई की है। उनके मोहल्ले का स्कूल भी मैंने बनवाया है, चाहें तो पुनः संस्कारों की पढ़ाई करने का काम करें।

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