लुधियाना बना मर्डर कैपिटल्स:NCRB रिपोर्ट में देश में दूसरे नंबर पर शहर, 2024 में 56 हत्या के केस

लुधियाना बना मर्डर कैपिटल्स:NCRB रिपोर्ट में देश में दूसरे नंबर पर शहर, 2024 में 56 हत्या के केस

पंजाब का औद्योगिक शहर लुधियाना अब अपराध के आंकड़ों को लेकर बेहद गंभीर स्थिति में पहुंच गया है। सड़क हादसों में खराब रिकॉर्ड के बाद अब नेशनल क्राइम रिकॉर्ड्स ब्यूरो (NCRB) की ताजा रिपोर्ट में लुधियाना देश के उन शहरों में शामिल हो गया है, जहां हत्या के सबसे ज्यादा मामले दर्ज हुए है। NCRB रिपोर्ट में खुलासा NCRB की ओर से देश के 34 बड़े शहरों के अपराध आंकड़ों के विश्लेषण में सामने आया कि वर्ष 2024 में लुधियाना में हत्या के 56 मामले दर्ज हुए। इन घटनाओं में कुल 58 लोगों की मौत हुई, जिनमें 44 पुरुष और 14 महिलाएं शामिल हैं। देश में दूसरे नंबर पर लुधियाना
हत्या के मामलों में लुधियाना देशभर में दूसरे स्थान पर रहा। पहले नंबर पर हरियाणा का फरीदाबाद रहा, जहां 79 हत्या के मामले दर्ज किए गए। पश्चिम बंगाल का आसनसोल भी 56 मामलों के साथ लुधियाना के बराबर दूसरे स्थान पर रहा, जबकि आगरा 53 मामलों के साथ तीसरे नंबर पर रहा। हालांकि 2022 में शहर में 58 हत्या के मामले दर्ज हुए थे, लेकिन 2023 और 2024 में यह आंकड़ा 56 पर स्थिर रहा। इससे साफ है कि शहर में हिंसक अपराध लगातार चिंता का विषय बने हुए हैं। मामूली झगड़े बन रहे हत्या की सबसे बड़ी वजह
रिपोर्ट में सबसे चौंकाने वाली बात हत्या के कारणों को लेकर सामने आई। NCRB के अनुसार, लुधियाना में सबसे ज्यादा हत्याएं मामूली विवादों और झगड़ों के चलते हुईं। ऐसे 19 मामले दर्ज किए गए। इन कारणों से हुई हत्याएं 14 हत्याएं पुरानी रंजिश के कारण हुईं
8 मामलों में अवैध संबंध वजह बने
1 हत्या गैंगवार से जुड़ी रही
6 मामलों की गुत्थी अब तक नहीं सुलझ सकी
30 से 45 साल के लोग सबसे ज्यादा शिकार हत्या के मामलों में सबसे ज्यादा पीड़ित 30 से 45 वर्ष आयु वर्ग के रहे। इस वर्ग में 26 लोगों की मौत हुई, जिनमें 18 पुरुष और 8 महिलाएं शामिल थीं। इस आयु वर्ग के लोगों की हुई हत्याएं 45 से 60 वर्ष आयु वर्ग में 12 लोगों की हत्या हुई
18 से 30 वर्ष आयु वर्ग में 18 लोगों की जान गई
16 से 18 वर्ष आयु वर्ग में एक नाबालिग लड़की भी हत्या की शिकार बनी
NCRB की रिपोर्ट ने शहर में बढ़ती हिंसा और कानून-व्यवस्था को लेकर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब देखना है कि जिला पुलिस इन हत्याओं के बढ़ रहे ग्राफ को कैसे रोकती है।

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