जल संकट को लेकर कांग्रेस का निगम पर जन आंदोलन:सभी जोनल कार्यालयों पर कांग्रेस प्रदर्शन करेगी, मटके फोड़कर विरोध जताएगी

जल संकट को लेकर कांग्रेस का निगम पर जन आंदोलन:सभी जोनल कार्यालयों पर कांग्रेस प्रदर्शन करेगी, मटके फोड़कर विरोध जताएगी

शहर में गहराते जल संकट को लेकर कांग्रेस ने नगर निगम और भारतीय जनता पार्टी पर बड़ा हमला बोला है। इंदौर शहर कांग्रेस कमेटी और नगर निगम कांग्रेस पार्षद दल ने गुरुवार 15 मई को पूरे शहर में एक साथ आंदोलन करने की घोषणा की है। कांग्रेस कार्यकर्ता और स्थानीय नागरिक नगर निगम के सभी 22 जोनल कार्यालयों पर प्रदर्शन करेंगे। इस दौरान जल संकट और अव्यवस्थित जल वितरण के विरोध में मटके फोड़कर प्रदर्शन भी किया जाएगा। आधी आबादी तक नहीं पहुंच रहा नर्मदा का पानी इंदौर शहर कांग्रेस अध्यक्ष चिंटू चौकसे ने आरोप लगाया कि नगर निगम की लापरवाही के कारण शहर गंभीर जल संकट से गुजर रहा है। उन्होंने कहा कि शहर की आधी आबादी तक नर्मदा का पानी नहीं पहुंच पा रहा है और जहां पानी पहुंच रहा है वहां भी पर्याप्त दबाव और समय तक सप्लाई नहीं मिल रही। उन्होंने कहा कि कई क्षेत्रों में गंदा पानी आने की समस्या अब भी बनी हुई है। चौकसे ने आरोप लगाया कि 35 लोगों की मौत के बाद भी नगर निगम ने स्थिति सुधारने के लिए ठोस कदम नहीं उठाए। 27 साल के शासन में भी हर घर तक पानी नहीं कांग्रेस ने भाजपा के 27 वर्षों के नगर निगम शासन पर सवाल उठाते हुए कहा कि इतने लंबे समय के बाद भी शहर के प्रत्येक नागरिक तक नर्मदा जल पहुंचाने की व्यवस्था नहीं हो सकी। चौकसे ने कहा कि नर्मदा परियोजना के तीसरे चरण के समय दावा किया गया था कि साल 2040 तक की आबादी के लिए पर्याप्त पानी उपलब्ध रहेगा, लेकिन वर्तमान में साल 2026 की आबादी को भी पर्याप्त पानी नहीं मिल पा रहा। बोरिंग और मोटर खराब होने से बढ़ी परेशानी कांग्रेस का आरोप है कि जिन क्षेत्रों में नर्मदा पाइपलाइन नहीं है वहां लोग बोरिंग के पानी पर निर्भर हैं। तेज गर्मी के कारण कई बोरिंग सूख गए हैं या मोटरें खराब हो गई हैं। चौकसे ने आरोप लगाया कि नगर निगम के सरकारी बोरिंगों की स्थिति और खराब है। उन्होंने कहा कि पूरे शहर की मोटर सुधारने का ठेका केवल एक ठेकेदार को दिया गया है, जो काम छोड़ने की बात कह चुका है, लेकिन निगम ने वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की। वीआईपी क्षेत्रों में ज्यादा पानी, आम जनता परेशान कांग्रेस ने आरोप लगाया कि शहर में जल वितरण असमान है। कुछ वीआईपी क्षेत्रों में लंबे समय तक और अधिक दबाव से पानी दिया जा रहा है, जबकि आम लोग पानी के लिए परेशान हैं। उन्होंने कहा कि लोग निजी टैंकरों से महंगा पानी खरीदने को मजबूर हैं। पार्षदों को दिए गए टैंकर भी पर्याप्त पानी नहीं भर पा रहे क्योंकि कई हाइड्रेंट बंद पड़े हैं। शहर के किन क्षेत्रों में पानी की ज्यादा किल्लत कई कॉलोनियों और वार्डों में लोग टैंकर और बोरिंग के सहारे हैं। गर्मी बढ़ने के साथ संकट और गहरा गया है। आज कांग्रेसी इन क्षेत्रों के बारे में बताएंगे कि कहां-कहां जल संकट है, कम पानी आ रहा है या गंदा आ रहा है। कितने स्थानों पर होगा प्रदर्शन मटके फोड़कर जताएंगे विरोध कांग्रेस नेताओं के अनुसार जल संकट के विरोध में विभिन्न जोनल कार्यालयों पर मटके फोड़े जाएंगे, ताकि नगर निगम प्रशासन का ध्यान शहर की गंभीर जल समस्या की ओर आकर्षित किया जा सके।

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