ग्वालियर जिले के घाटीगांव थाना क्षेत्र में एक दर्दनाक घटना सामने आई है। शिवपुरी में पदस्थ एक होमगार्ड सैनिक चलती पुलिस ट्रक से कूद गया, जिससे उसकी मौत हो गई। घायल जवान को साथी तत्काल अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया। घटना 12 मई की सुबह आगरा-मुंबई नेशनल हाईवे स्थित सिमरिया मोड़ के पास हुई थी, जिसका खुलासा गुरुवार रात हुआ। पुलिस अब जवान के मोबाइल कॉल और घटना के पीछे की वजह की जांच कर रही है। पुलिस ट्रक से ग्वालियर आ रहा था जवान जानकारी के अनुसार शिवपुरी जिले के रन्नौद थाना क्षेत्र के विजयपुरा गांव निवासी धर्मेन्द्र आदिवासी (25) पुत्र भरोसा आदिवासी होमगार्ड कार्यालय शिवपुरी में पदस्थ था। 12 मई की सुबह वह अपने साथी जवानों कपिल सिनोरिया, प्लाटून कमांडर राघवेन्द्र हांकरे, पवन कुमार और विनोद चौहान के साथ पुलिस के मिनी ट्रक (टाटा-407) क्रमांक MP02 AV-7970 से ग्वालियर स्थित 13वीं बटालियन में राइफलों की रीब्राउनिंग के लिए जा रहा था। पुलिस वाहन शिवपुरी से ग्वालियर की ओर बढ़ते हुए मोहना और फिर घाटीगांव क्षेत्र में पहुंचा। मोबाइल कॉल के बाद बदला व्यवहार साथी जवानों के अनुसार मोहना क्षेत्र पार करने के बाद धर्मेन्द्र के मोबाइल पर घर से किसी का फोन आया था। वह काफी देर तक बातचीत करता रहा। इसके बाद उसका व्यवहार अचानक बदल गया और वह परेशान तथा उत्तेजित नजर आने लगा। जैसे ही वाहन घाटीगांव के सिमरिया मोड़ के पास पहुंचा, धर्मेन्द्र अचानक जोर-जोर से चिल्लाने लगा। इससे पहले कि साथी कुछ समझ पाते, वह सीट से उठा और चलती ट्रक से नीचे कूद गया। सिर के बल गिरा, अस्पताल में मौत चलती गाड़ी से कूदने के बाद धर्मेन्द्र सिर के बल सड़क पर गिरा, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। उसके नाक और कान से खून बहने लगा। साथी जवानों ने तत्काल वाहन रुकवाया और उसे पहले निजी अस्पताल, फिर जयारोग्य अस्पताल (JAH) के ट्रॉमा सेंटर पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। घटना की सूचना मिलते ही घाटीगांव थाना पुलिस अस्पताल पहुंची और शव को निगरानी में लेकर पोस्टमार्टम कराया। बाद में शव परिजनों को सौंप दिया गया। आखिरी कॉल की जांच में जुटी पुलिस पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि धर्मेन्द्र को आए आखिरी फोन कॉल में ऐसी क्या बात हुई थी, जिससे वह मानसिक रूप से विचलित हो गया। पुलिस जवान के मोबाइल की कॉल डिटेल (CDR) खंगाल रही है। साथ ही ट्रक में मौजूद प्लाटून कमांडर और अन्य जवानों के बयान भी दर्ज किए जा रहे हैं। घाटीगांव थाना पुलिस का कहना है कि प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि जवान फोन पर बातचीत के दौरान उत्तेजित हो गया था। फिलहाल पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है और घटना के वास्तविक कारणों का पता लगाया जा रहा है।


