ग्राम पंचायत जैमला के सत्यनगर गांव के पास जल जीवन मिशन योजना के अंतर्गत पाइपलाइन के लिए खोदे गए गड्ढ़े में गिरने से एक बाइक सवार की मौत हो गई। जिसके बाद परिजनों व ग्रामीणों ने कार्रवाई की मांग को लेकर धरना देकर विरोध प्रदर्शन किया। ग्राम पंचायत जैमला में जल जीवन मिशन योजना के अंतर्गत पाइपलाइन लगाने का कार्य किया जा रहा है। सत्यनगर गांव के पास करीब पांच-छह दिन पूर्व पाइपलाइन तो लगा दी गई, लेकिन गड्ढ़ों को नहीं भरा गया। बुधवार की रात सत्यनगर निवासी विशनाराम हींगड़ा पुत्र खंगारराम मेघवाल पोकरण से मजदूरी कर मोटरसाइकिल से अपने घर जा रहा था। घर से करीब एक-डेढ़ किलोमीटर पहले ही पाइपलाइन के गड्ढ़े में वह बाइक सहित गिर गया। काफी देर तक घर नहीं पहुंचने पर परिजनों ने तलाश की तो वह गड्ढ़े में मिला। जिस पर उसे गड्ढ़े से निकालकर पोकरण के राजकीय अस्पताल लेकर आए। यहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
खुले गड्ढ़े, नहीं कोई संकेतक… हो गया हादसा
परिजनों के साथ ग्रामीणों ने बताया कि जल जीवन मिशन योजना के अंतर्गत ठेकेदार की ओर से पाइपलाइन लगाने के बाद समय पर गड्ढ़े नहीं भरे जा रहे है। जिसके कारण यहां हर समय हादसे का भय बना रहता है। हालांकि हादसे के बाद गुरुवार को सुबह ठेकेदार ने यहां पहुंचकर आनन-फानन में गड्ढ़े भर दिए, लेकिन इस लापरवाही ने एक व्यक्ति की जान ले ली।
दिनभर दिया धरना, जताया रोष
हादसे की सूचना पर मेघवाल समाज अध्यक्ष खेताराम लीलड़, दलित अधिकार अभियान कमेटी के अध्यक्ष सुरेश नागौरा, सचिव गणपतराम गर्ग, अमानाराम हींगड़ा, राजूराम हींगड़ा, शेराराम पूनड़, भगाराम देवपाल सहित बड़ी संख्या में परिजन और ग्रामीण राजकीय अस्पताल की मोर्चरी के आगे एकत्रित हो गए एवं धरना शुरू कर दिया। उन्होंने जल जीवन मिशन योजना से जुड़े जिम्मेदार अधिकारियों और कार्यकारी जीआरजी कंपनी जयपुर के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई करने, कंपनी को ब्लैक लिस्टेड करने, मृतक के आश्रित को एक करोड़ रुपए मुआवजा व सरकारी नौकरी दिलाने की मांग की। दिनभर यहां धरना चलता रहा। उन्होंने लापरवाही से हुई घटना पर रोष जताया।
समझाइश के बाद माने, मामला दर्ज
धरने की सूचना पर उपखंड अधिकारी हीरसिंह चारण, तहसीलदार हजाराराम, जल जीवन मिशन योजना से जुड़े अधिकारी और सांकड़ा थानाधिकारी राणसिंह सोढ़ा धरनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने समझाइश की। जिसके बाद मृतक के भाई नाथूराम की ओर से दी गई रिपोर्ट पर मामला दर्ज किया गया। साथ ही मामले की निष्पक्ष जांच, कार्रवाई और उचित मुआवजे के आश्वासन के बाद धरना समाप्त किया गया। पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सुपुर्द किया।


