Delhi Rape Case: यूपी के निकले ड्राइवर और हेल्पर, आधी रात 7 किमी तक महिला से दुष्कर्म; दोनों गिरफ्तार

Delhi Rape Case: यूपी के निकले ड्राइवर और हेल्पर, आधी रात 7 किमी तक महिला से दुष्कर्म; दोनों गिरफ्तार

Delhi Rape Case: दिल्ली के बाहरी इलाके नांगलोई में चलती बस में 30 वर्षीय महिला के साथ कथित सामूहिक दुष्कर्म के मामले में दिल्ली पुलिस ने 48 घंटे के भीतर बस चालक और उसके सहायक को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के मुताबिक पीड़िता मंगलवार रात करीब 12:30 बजे रानी बाग इलाके से दिल्ली से बिहार जा रही एक बस में सवार हुई थी। आरोप है कि बस नांगलोई की ओर बढ़ी, जहां चालक उमेश और उसके हेल्पर रामेंद्र ने महिला के साथ दुष्कर्म किया। दोनों आरोपी उत्तर प्रदेश के रहने वाले बताए जा रहे हैं और घटना के समय नांगलोई में सवारियां लेने जा रहे थे।

पुलिस के अनुसार, वारदात के बाद महिला को करीब 7 किलोमीटर तक बस में ले जाने के बाद नांगलोई इलाके में उतार दिया गया। सुबह करीब 4:45 बजे नांगलोई थाने में घटना की सूचना मिली, जिसके बाद मामला रानी बाग थाना पुलिस को ट्रांसफर कर दिया गया। पीड़िता का मेडिकल परीक्षण कराया गया और उसकी शिकायत के आधार पर मामला दर्ज किया गया। फिलहाल दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।

दोनों आरोपी गिरफ्तार

आपको बता दें कि इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए दिल्ली पुलिस ने बस के ड्राइवर और कंडक्टर को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने रानी बाग थाने में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 64(1), 70(1) और 3(5) के तहत मामला दर्ज किया है। वहीं, इस घटना में शामिल बस का नंबर BR 28P 3941 है, जो ‘रॉयल ट्रेवल्स एंड कार्गो’ कंपनी द्वारा संचालित की जा रही थी। नारंगी और काले रंग की इस बस के दस्तावेजों और परमिट की सघन जांच की जा रही है। पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि घटना के वक्त बस में अन्य कौन लोग मौजूद थे। फिलहाल मामले की विस्तृत जांच जारी है।

8, 6 और 4 साल के बच्चों की मां है पीड़िता

दरिंदों के चंगुल से छूटने के बाद पीड़िता ने सबसे पहले पुलिस को आपबीती सुनाई। शुरुआती सूचना नांगलोई पुलिस स्टेशन को दी गई, लेकिन घटना स्थल रानी बाग थाना क्षेत्र में आने के कारण मामला वहां ट्रांसफर कर दिया गया। इसके बाद एक महिला सब-इंस्पेक्टर पीड़िता को बाबा साहेब आंबेडकर अस्पताल लेकर पहुंचीं, जहां मेडिकल जांच में सामूहिक दुष्कर्म की पुष्टि हुई। डॉक्टरों ने पीड़िता की गंभीर हालत को देखते हुए उसे अस्पताल में भर्ती होने की सलाह दी, लेकिन उसने यह कहते हुए मना कर दिया कि उसके पति को टीबी है और वह घर पर ही रहते हैं। पीड़िता ने बताया कि उनकी तीन बेटियां हैं, जिनकी उम्र 8, 6 और 4 साल है। ऐसे में अस्पताल में भर्ती होने पर बच्चों की देखभाल कौन करेगा, इसी चिंता के चलते उसने गंभीर चोटों के बावजूद घर पर रहकर इलाज कराने का फैसला किया।

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