Vitamin B12 and Cancer: विटामिन B12 भी ऐसा ही एक जरूरी पोषक तत्व है जो मांस, मछली, अंडे और दूध में मिलता है। लेकिन 2024 में प्रकाशित रिसर्च रिपोर्ट में कैंसर जोखिम की बात सामने आई है। अब वैज्ञानिक देख रहे हैं कि क्या जरूरत से ज्यादा B12 लेना कैंसर का कारण बन सकता है। साथ ही यह शरीर में किसी छिपी हुई बीमारी का संकेत भी हो सकता है।
क्या कहती है रिसर्च?
वियतनाम में हुए अध्ययन के मुताबिक, विटामिन B12 और कैंसर के बीच एक रिश्ता है। शरीर में विटामिन B12 का स्तर न तो बहुत कम होना चाहिए और न ही बहुत ज्यादा। अगर इसकी बहुत कमी हो जाए, तो DNA बनने की प्रक्रिया में गड़बड़ी हो सकती है, जिससे कैंसर का जोखिम बढ़ता है। अगर आप बिना जरूरत के सप्लीमेंट्स लेकर इसका लेवल बहुत बढ़ा देते हैं, तो यह कैंसर सेल्स को बढ़ने में मदद कर सकता है।
क्या B12 से कैंसर होता है?
रिसर्च के अनुसार, जरूरी नहीं कि विटामिन B12 कैंसर का कारण हो। कई बार यह सिर्फ एक संकेत (Indicator) होता है। अगर कोई व्यक्ति सप्लीमेंट नहीं ले रहा है, फिर भी उसके खून में B12 का लेवल बहुत हाई है, तो यह लिवर की बीमारी या शरीर में पनप रहे किसी ट्यूमर का इशारा भी हो सकता है। कैंसर सेल्स बहुत तेजी से बढ़ती हैं और उन्हें बढ़ने के लिए विटामिन B12 की जरूरत होती है। ज्यादा सप्लीमेंट लेने से उन्हें अनजाने में ‘ईंधन’ मिल सकता है।
कैंसर की कोशिकाएं बहुत तेजी से बढ़ती हैं। रिसर्च कहती है कि विटामिन B12 इन कैंसर सेल्स के लिए ईंधन का काम कर सकता है, जिससे वे और तेजी से फैलने लगती हैं। खून में B12 का लेवल बहुत ज्यादा होने पर फेफड़ों (Lung Cancer) और प्रोस्टेट कैंसर होने का डर बढ़ जाता है। जो लोग सिगरेट पीते हैं और साथ में हाई-डोज B12 सप्लीमेंट ले रहे हैं, उनके लिए खतरा दोगुना हो जाता है।
विटामिन B12 की कमी के लक्षण
हार्वर्ड मेडिकल स्कूल के अनुसार, B12 की कमी के संकेत अक्सर धीरे-धीरे सामने आते हैं, इसलिए कई बार लोग इन्हें मामूली थकान समझकर नजरअंदाज कर देते हैं। इसके मुख्य लक्षण ये हैं-
- हाथ-पैरों में झनझनाहट।
- चलते समय लड़खड़ाना।
- खून की कमी होना।
- जीभ का लाल हो जाना।
- छोटी-छोटी बातें भूल जाना।
- शरीर में जान न महसूस होना।
- जल्दी थक जाना।
इससे बचने के लिए क्या करें?
- ब्लड टेस्ट करवाए बिना गोलियां शुरू न करें।
- सप्लीमेंट्स की जगह नेचुरल डाइट अपनाएं।
- परिवार में किसी को पहले कैंसर रहा है, तो विटामिन सप्लीमेंट लेने से पहले डॉक्टर को बताएं।
डिस्क्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प है। लेकिन पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।


