प्रधामंत्री नरेंद्र मोदी ने फ्लूल बचाने की अपील की है। पीएम के अपील का असर औरंगाबाद में दिखने लगा है। व्वहार न्ययालय के जिला एवं सत्र न्यायाधीश राजवी रंजन कुमार ने फ्यूल बचाने के लिए अपनी लग्जरी कार छोड़ दी और साइकिल से कोर्ट पहुंचे। उनके साथ फैमिली कोर्ट के जज अरुण कुमार, पेशकार आत्मानंद राय और सुरक्षा ड्यूटी में तैनात जवान भी साइकिल पर नजर आए। इसका वीडियो भी सामने आया है। सरकारी आवास से 500 मीटर दूर साइकिल चलाकर कोर्ट पहुंचे जिला जज अपने सरकारी आवास से करीब 500 मीटर दूर व्यवहार न्यायालय साइकिल से पहुंचे। सुबह जब वे साइकिल से कोर्ट की ओर निकले तो रास्ते में मौजूद लोग उन्हें देखकर हैरान रह गए। कोर्ट परिसर पहुंचने के बाद भी कर्मचारियों, अधिवक्ताओं और आम लोगों की नजरें उन्हीं पर टिकी रहीं। कई लोगों ने इसे पर्यावरण संरक्षण और ईंधन बचत की दिशा में सकारात्मक संदेश बताया। हालांकि जिला जज की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है, लेकिन उनकी इस पहल को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हालिया अपील से जोड़कर देखा जा रहा है। पीएम ने पेट्रोल-डीजल की खपत कम करने की अपील की है दरअसल, प्रधानमंत्री मोदी ने हैदराबाद में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान देशवासियों से पेट्रोल और डीजल की खपत कम करने की अपील की थी। उन्होंने कहा था कि जहां तक संभव हो, लोग निजी वाहनों का कम उपयोग करें और मेट्रो, पब्लिक ट्रांसपोर्ट, साइकिल और इलेक्ट्रिक वाहनों को प्राथमिकता दें। इससे न केवल ईंधन की बचत होगी बल्कि पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ विदेशी मुद्रा पर पड़ने वाला दबाव भी कम होगा। प्रधामंत्री नरेंद्र मोदी ने फ्लूल बचाने की अपील की है। पीएम के अपील का असर औरंगाबाद में दिखने लगा है। व्वहार न्ययालय के जिला एवं सत्र न्यायाधीश राजवी रंजन कुमार ने फ्यूल बचाने के लिए अपनी लग्जरी कार छोड़ दी और साइकिल से कोर्ट पहुंचे। उनके साथ फैमिली कोर्ट के जज अरुण कुमार, पेशकार आत्मानंद राय और सुरक्षा ड्यूटी में तैनात जवान भी साइकिल पर नजर आए। इसका वीडियो भी सामने आया है। सरकारी आवास से 500 मीटर दूर साइकिल चलाकर कोर्ट पहुंचे जिला जज अपने सरकारी आवास से करीब 500 मीटर दूर व्यवहार न्यायालय साइकिल से पहुंचे। सुबह जब वे साइकिल से कोर्ट की ओर निकले तो रास्ते में मौजूद लोग उन्हें देखकर हैरान रह गए। कोर्ट परिसर पहुंचने के बाद भी कर्मचारियों, अधिवक्ताओं और आम लोगों की नजरें उन्हीं पर टिकी रहीं। कई लोगों ने इसे पर्यावरण संरक्षण और ईंधन बचत की दिशा में सकारात्मक संदेश बताया। हालांकि जिला जज की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है, लेकिन उनकी इस पहल को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हालिया अपील से जोड़कर देखा जा रहा है। पीएम ने पेट्रोल-डीजल की खपत कम करने की अपील की है दरअसल, प्रधानमंत्री मोदी ने हैदराबाद में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान देशवासियों से पेट्रोल और डीजल की खपत कम करने की अपील की थी। उन्होंने कहा था कि जहां तक संभव हो, लोग निजी वाहनों का कम उपयोग करें और मेट्रो, पब्लिक ट्रांसपोर्ट, साइकिल और इलेक्ट्रिक वाहनों को प्राथमिकता दें। इससे न केवल ईंधन की बचत होगी बल्कि पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ विदेशी मुद्रा पर पड़ने वाला दबाव भी कम होगा।


