सिरसा में इन दिनों हुई गेहूं फसल अवशेष में आगजनी पर कृषि विभाग एवं प्रशासन ने संज्ञान लिया है। विभाग ने तीन किसानों पर आगजनी मामले में एफआईआर करवा दी है। साथ ही किसानों पर 30-30 हजार रुपए जुर्माना लगाया है। इनमें से एक रानियां और डबवाली में दो किसानों पर दर्ज करवाई है। इसे लेकर विभाग के पास शिकायतें आई थी, जिन पर कार्रवाई की है। इससे किसानों में सरकार के प्रति रोष का माहौल है। जानकारी के अनुसार, कृषि विभाग के पास 254 आगजनी की शिकायतें आई थी। जिन पर विभाग की टीम ने मौके पर जाकर निरीक्षण किया। इस दौरान 69 ऐसी जगह मिली, जहां पर खुद या जानबूझकर खेत में गेहूं फसल के बचे अवशेष में आग लगाई हुई मिली और एरिया भी ज्यादा था, जिससे काफी नुकसान होने का डर था। इसके अलावा तीन जगह ऐसी है, जहां पर किसानों द्वारा फसल अवशेष में बेवजह मर्जी से जानबूझकर आग लगाई हुई मिली। इससे आसपास के खेतों में भी नुकसान होने का डर था। इसे लेकर विभाग के खेत पड़ोसियों की शिकायत आई हुई थी। जब विभाग की टीम मौके पर पहुंची तो वास्तविक स्थिति गंभीर मिली। टीम ने पहले आग बुझाई और बाद में इन किसानों पर 30-30 हजार रुपए तक जुर्माना लगाया। इसके बाद विभाग ने इन किसानों पर संबंधित थाने में शिकायत दी। 182 जगह पर आगजनी का नहीं सुराग खास बात है कि विभाग के आगजनी की शिकायत आई हुई थी। करीब 182 जगहों पर आगजनी का कोई सुराग ही नहीं लगा। विभागीय टीम के पहुंचने से पहले किसी ने आग को समय पर पहले ही बुझा दिया तो गेहूं फसल अवशेष के बजाय सामान्य आगजनी मिली। कुछ जगह की लोकेशन ही नहीं मिली। हर सूचना पर टीम ने मौके पर जाकर किया आंकलन :डीडीए कृषि विभाग से डीडीए सुखबीर सिंह ने दैनिक भास्कर एप की टीम से बताया, आगजनी को लेकर ज्यादा शिकायतें हरसेक से मिली थी और कुछ अन्य सोर्स से शिकायत मिली थी। जिन पर विभाग की टीम ने मौके पर जाकर आंकलन किया है और उसी अनुसार किसान पर जुर्माना तय किया। जिले में अब तक तीन किसानों पर एफआईआर हुई है।


