आगामी 17 मई से धर्मनगरी राजगीर में शुरू होने वाले राजकीय मलमास मेला 2026 को लेकर जिला प्रशासन ने कमर कस ली है। मेले के दौरान उमड़ने वाली श्रद्धालुओं की भारी भीड़ और यातायात को सुचारू बनाए रखने के लिए 15 मई से ही प्रभावी होने वाला एक विस्तृत ट्रैफिक प्लान जारी किया गया है। इस योजना के तहत राजगीर शहर और उसके आसपास के क्षेत्रों में वाहनों के परिचालन के लिए कड़े नियम निर्धारित किए गए हैं, ताकि तीर्थयात्रियों को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि वनगंगा से राजगीर की ओर ट्रकों और ट्रैक्टरों जैसे सभी व्यावसायिक वाहनों का प्रवेश पूरी तरह वर्जित रहेगा। इसके साथ ही हसनपुर आरओबी से वनगंगा और हरियाली से कलाली मोड़ व ब्रह्मकुंड की ओर जाने वाले मार्गों पर सभी प्रकार के छोटे-बड़े वाहनों के चलने पर रोक लगा दी गई है। ब्रह्मकुंड और वैतरणी क्षेत्र को पूर्णतः ‘नो व्हीकल जोन’ घोषित श्रद्धालुओं की सुरक्षा को सर्वोपरि रखते हुए ब्रह्मकुंड और वैतरणी क्षेत्र को पूर्णतः ‘नो व्हीकल जोन’ घोषित किया गया है। इन पवित्र स्थलों के आसपास किसी भी वाहन को जाने की अनुमति नहीं होगी और श्रद्धालुओं को पैदल ही आवागमन करना होगा। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए ब्रह्मकुंड में प्रवेश विरायतन मोड़ से जिग-जैग मार्ग के जरिए होगा, जबकि निकासी के लिए काशी कुंड के पास से अलग रास्ता बनाया गया है। इसी तरह वैतरणी घाट पर प्रवेश और निकास के लिए भी एकतरफा मार्ग निर्धारित किए गए हैं। शहर के भीतर सुव्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन ने 30 से अधिक स्थानों पर बैरियर और ड्रॉप गेट लगाए हैं, वहीं विभिन्न प्रमुख चौराहों पर ट्रैफिक आउट पोस्ट बनाए गए हैं जहां पुलिस बल मुस्तैद रहेगा। भारी वाहन अब बख्तियारपुर-रजौली एनएच से होकर गुजरेंगे व्यावसायिक और निजी वाहनों के लिए वैकल्पिक मार्गों की व्यवस्था की गई है। बिहारशरीफ से गया और नवादा जाने वाले भारी वाहन अब राजगीर शहर के भीतर न आकर बख्तियारपुर-रजौली एनएच से होकर गुजरेंगे। गया की ओर से आने वाले वाहन इस्लामपुर मार्ग या नारदीगंज के रास्ते अपने गंतव्य की ओर भेजे जाएंगे। नियमित बसें केवल राजगीर बस स्टैंड तक ही आ सकेंगी। स्थानीय परिवहन को सुगम बनाने के लिए ऑटो, टोटो और टांगा के परिचालन हेतु विशेष रूट और कलर कोड (लाल और पीला) निर्धारित किए गए हैं, जिससे शहर के मुख्य हिस्सों में जाम की स्थिति पैदा न हो। गाड़ियों के ठहराव के लिए 12 पार्किंग स्थलों का चयन वाहनों के ठहराव के लिए प्रशासन ने 12 बड़े पार्किंग स्थलों का चयन किया है, जिनमें पीएएचईटी कैंपस, किला मैदान, हॉकी मैदान और स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स जैसे स्थान शामिल हैं। जिलाधिकारी ने संबंधित प्रखंड विकास पदाधिकारियों और नगर कार्यपालक पदाधिकारियों को निर्देश दिया है कि इन पार्किंग स्थलों और ड्रॉप गेट्स पर बिजली, पानी और साइनबोर्ड जैसी सभी आवश्यक व्यवस्थाएं समय रहते सुनिश्चित कर ली जाएं। प्रशासन का लक्ष्य है कि एक महीने तक चलने वाले इस आस्था के महाकुंभ में आने वाले लाखों श्रद्धालु शांतिपूर्ण और सुरक्षित तरीके से स्नान-ध्यान कर सकें। आगामी 17 मई से धर्मनगरी राजगीर में शुरू होने वाले राजकीय मलमास मेला 2026 को लेकर जिला प्रशासन ने कमर कस ली है। मेले के दौरान उमड़ने वाली श्रद्धालुओं की भारी भीड़ और यातायात को सुचारू बनाए रखने के लिए 15 मई से ही प्रभावी होने वाला एक विस्तृत ट्रैफिक प्लान जारी किया गया है। इस योजना के तहत राजगीर शहर और उसके आसपास के क्षेत्रों में वाहनों के परिचालन के लिए कड़े नियम निर्धारित किए गए हैं, ताकि तीर्थयात्रियों को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि वनगंगा से राजगीर की ओर ट्रकों और ट्रैक्टरों जैसे सभी व्यावसायिक वाहनों का प्रवेश पूरी तरह वर्जित रहेगा। इसके साथ ही हसनपुर आरओबी से वनगंगा और हरियाली से कलाली मोड़ व ब्रह्मकुंड की ओर जाने वाले मार्गों पर सभी प्रकार के छोटे-बड़े वाहनों के चलने पर रोक लगा दी गई है। ब्रह्मकुंड और वैतरणी क्षेत्र को पूर्णतः ‘नो व्हीकल जोन’ घोषित श्रद्धालुओं की सुरक्षा को सर्वोपरि रखते हुए ब्रह्मकुंड और वैतरणी क्षेत्र को पूर्णतः ‘नो व्हीकल जोन’ घोषित किया गया है। इन पवित्र स्थलों के आसपास किसी भी वाहन को जाने की अनुमति नहीं होगी और श्रद्धालुओं को पैदल ही आवागमन करना होगा। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए ब्रह्मकुंड में प्रवेश विरायतन मोड़ से जिग-जैग मार्ग के जरिए होगा, जबकि निकासी के लिए काशी कुंड के पास से अलग रास्ता बनाया गया है। इसी तरह वैतरणी घाट पर प्रवेश और निकास के लिए भी एकतरफा मार्ग निर्धारित किए गए हैं। शहर के भीतर सुव्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन ने 30 से अधिक स्थानों पर बैरियर और ड्रॉप गेट लगाए हैं, वहीं विभिन्न प्रमुख चौराहों पर ट्रैफिक आउट पोस्ट बनाए गए हैं जहां पुलिस बल मुस्तैद रहेगा। भारी वाहन अब बख्तियारपुर-रजौली एनएच से होकर गुजरेंगे व्यावसायिक और निजी वाहनों के लिए वैकल्पिक मार्गों की व्यवस्था की गई है। बिहारशरीफ से गया और नवादा जाने वाले भारी वाहन अब राजगीर शहर के भीतर न आकर बख्तियारपुर-रजौली एनएच से होकर गुजरेंगे। गया की ओर से आने वाले वाहन इस्लामपुर मार्ग या नारदीगंज के रास्ते अपने गंतव्य की ओर भेजे जाएंगे। नियमित बसें केवल राजगीर बस स्टैंड तक ही आ सकेंगी। स्थानीय परिवहन को सुगम बनाने के लिए ऑटो, टोटो और टांगा के परिचालन हेतु विशेष रूट और कलर कोड (लाल और पीला) निर्धारित किए गए हैं, जिससे शहर के मुख्य हिस्सों में जाम की स्थिति पैदा न हो। गाड़ियों के ठहराव के लिए 12 पार्किंग स्थलों का चयन वाहनों के ठहराव के लिए प्रशासन ने 12 बड़े पार्किंग स्थलों का चयन किया है, जिनमें पीएएचईटी कैंपस, किला मैदान, हॉकी मैदान और स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स जैसे स्थान शामिल हैं। जिलाधिकारी ने संबंधित प्रखंड विकास पदाधिकारियों और नगर कार्यपालक पदाधिकारियों को निर्देश दिया है कि इन पार्किंग स्थलों और ड्रॉप गेट्स पर बिजली, पानी और साइनबोर्ड जैसी सभी आवश्यक व्यवस्थाएं समय रहते सुनिश्चित कर ली जाएं। प्रशासन का लक्ष्य है कि एक महीने तक चलने वाले इस आस्था के महाकुंभ में आने वाले लाखों श्रद्धालु शांतिपूर्ण और सुरक्षित तरीके से स्नान-ध्यान कर सकें।


