बेतिया के गांव पहुंचे इसरो वैज्ञानिक:बच्चों को मेहनत और अनुशासन का दिया मंत्र, बोले- सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं, बेटियों की पढ़ाई पर दिया जोर

बेतिया के गांव पहुंचे इसरो वैज्ञानिक:बच्चों को मेहनत और अनुशासन का दिया मंत्र, बोले- सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं, बेटियों की पढ़ाई पर दिया जोर

बेतिया जिले के लौरिया प्रखंड के खजुरिया गांव में मंगलवार को उत्साह का माहौल रहा। इसरो वैज्ञानिक डॉ. संजय कुमार श्रीवास्तव अपने पैतृक गांव स्थित राजकीय उत्क्रमित उच्चतर माध्यमिक विद्यालय पहुंचे। उनके आगमन की सूचना पर छात्र-छात्राओं, शिक्षकों और ग्रामीणों में खुशी की लहर दौड़ गई। विद्यार्थियों ने तालियों से उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। विद्यालय में आयोजित प्रेरणा कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डॉ. श्रीवास्तव ने बच्चों को शिक्षा, अनुशासन और कठिन परिश्रम का महत्व समझाया। आत्मविश्वास और सकारात्मक सोच आवश्यक है
उन्होंने कहा कि सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता। जीवन में ऊंचाइयों तक पहुंचने के लिए निरंतर मेहनत, आत्मविश्वास और सकारात्मक सोच आवश्यक है। उन्होंने विद्यार्थियों को बड़ा लक्ष्य निर्धारित कर उसे हासिल करने के लिए लगातार प्रयास करने की प्रेरणा दी। डॉ. श्रीवास्तव ने बताया कि उन्होंने बचपन में इसी विद्यालय से अपनी पढ़ाई शुरू की थी और आज वे बच्चों के लिए प्रेरणा स्रोत बनकर लौटे हैं। उन्होंने ग्रामीण क्षेत्र के बच्चों में प्रतिभा की कमी नहीं होने पर जोर दिया। उनके अनुसार, केवल सही मार्गदर्शन, नियमित अध्ययन और समय का सदुपयोग करने की आवश्यकता है। पढ़ाई पर विशेष ध्यान देने की अपील की
उन्होंने छात्रों से कहा कि यदि वे अपने लक्ष्य पर पूरी लगन और ईमानदारी से काम करें, तो वे देश-दुनिया में अपनी अलग पहचान बना सकते हैं। डॉ. श्रीवास्तव ने बच्चों से मोबाइल और अन्य अनावश्यक चीजों में समय बर्बाद न करने तथा पढ़ाई पर विशेष ध्यान देने की अपील की। बेटा-बेटी में भेदभाव न करने की अपील की
वैज्ञानिक ने छात्राओं की शिक्षा पर विशेष जोर दिया और अभिभावकों से बेटा-बेटी में भेदभाव न करने की अपील की। उन्होंने कहा कि बेटियां भी हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर रही हैं। उन्हें समान अवसर और बेहतर शिक्षा मिले तो वे परिवार, समाज और देश का नाम रोशन कर सकती हैं। उन्होंने सरकारी विद्यालयों में मिल रही सुविधाओं की सराहना करते हुए कहा कि सरकार शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए लगातार प्रयासरत है। विद्यार्थियों को इन सुविधाओं का पूरा लाभ उठाकर अपने भविष्य को उज्ज्वल बनाना चाहिए। कार्यक्रम के दौरान विद्यालय परिवार और ग्रामीणों ने डॉ. श्रीवास्तव का सम्मान भी किया। बेतिया जिले के लौरिया प्रखंड के खजुरिया गांव में मंगलवार को उत्साह का माहौल रहा। इसरो वैज्ञानिक डॉ. संजय कुमार श्रीवास्तव अपने पैतृक गांव स्थित राजकीय उत्क्रमित उच्चतर माध्यमिक विद्यालय पहुंचे। उनके आगमन की सूचना पर छात्र-छात्राओं, शिक्षकों और ग्रामीणों में खुशी की लहर दौड़ गई। विद्यार्थियों ने तालियों से उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। विद्यालय में आयोजित प्रेरणा कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डॉ. श्रीवास्तव ने बच्चों को शिक्षा, अनुशासन और कठिन परिश्रम का महत्व समझाया। आत्मविश्वास और सकारात्मक सोच आवश्यक है
उन्होंने कहा कि सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता। जीवन में ऊंचाइयों तक पहुंचने के लिए निरंतर मेहनत, आत्मविश्वास और सकारात्मक सोच आवश्यक है। उन्होंने विद्यार्थियों को बड़ा लक्ष्य निर्धारित कर उसे हासिल करने के लिए लगातार प्रयास करने की प्रेरणा दी। डॉ. श्रीवास्तव ने बताया कि उन्होंने बचपन में इसी विद्यालय से अपनी पढ़ाई शुरू की थी और आज वे बच्चों के लिए प्रेरणा स्रोत बनकर लौटे हैं। उन्होंने ग्रामीण क्षेत्र के बच्चों में प्रतिभा की कमी नहीं होने पर जोर दिया। उनके अनुसार, केवल सही मार्गदर्शन, नियमित अध्ययन और समय का सदुपयोग करने की आवश्यकता है। पढ़ाई पर विशेष ध्यान देने की अपील की
उन्होंने छात्रों से कहा कि यदि वे अपने लक्ष्य पर पूरी लगन और ईमानदारी से काम करें, तो वे देश-दुनिया में अपनी अलग पहचान बना सकते हैं। डॉ. श्रीवास्तव ने बच्चों से मोबाइल और अन्य अनावश्यक चीजों में समय बर्बाद न करने तथा पढ़ाई पर विशेष ध्यान देने की अपील की। बेटा-बेटी में भेदभाव न करने की अपील की
वैज्ञानिक ने छात्राओं की शिक्षा पर विशेष जोर दिया और अभिभावकों से बेटा-बेटी में भेदभाव न करने की अपील की। उन्होंने कहा कि बेटियां भी हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर रही हैं। उन्हें समान अवसर और बेहतर शिक्षा मिले तो वे परिवार, समाज और देश का नाम रोशन कर सकती हैं। उन्होंने सरकारी विद्यालयों में मिल रही सुविधाओं की सराहना करते हुए कहा कि सरकार शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए लगातार प्रयासरत है। विद्यार्थियों को इन सुविधाओं का पूरा लाभ उठाकर अपने भविष्य को उज्ज्वल बनाना चाहिए। कार्यक्रम के दौरान विद्यालय परिवार और ग्रामीणों ने डॉ. श्रीवास्तव का सम्मान भी किया।  

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *