रिटायर्ड फौजी को घर में गोली लगी, जबड़ा उड़ा:राइफल की सफाई करते समय फायरिंग, हालत गंभीर होने पर कानपुर रेफर

रिटायर्ड फौजी को घर में गोली लगी, जबड़ा उड़ा:राइफल की सफाई करते समय फायरिंग, हालत गंभीर होने पर कानपुर रेफर

कन्नौज के एक मोहल्ले में रहने वाले रिटायर्ड फौजी को मंगलवार शाम संदिग्ध परिस्थितियों में गोली लग गई। आनन-फानन में उन्हें जिला अस्पताल ले जाया गया। डॉक्टर ने कानपुर रेफर कर दिया। घरवाले बोल रहे कि राइफल की सफाई करते समय फायर हो गया। वहीं मोहल्ले में सुसाइड की कोशिश की चर्चा होती रही। हालांकि पुलिस मामले की जांच कर रही है। सदर कोतवाली क्षेत्र के हर्षवर्धन मोहल्ला निवासी रिटायर्ड फौजी प्रदीप दीक्षित उर्फ गुड्डू के मंगलवार की शाम 6 बजे घर के अंदर गोली लग गई। जिससे उनका जबड़ा उड़ गया। फायरिंग की आवाज से परिजन और मोहल्ले के लोग एकत्र हो गए। कमरे में लहूलुहान हालत में पड़े प्रदीप दीक्षित को आनन-फानन में जिला अस्पताल ले जाया गया। यहां उनकी हालत गम्भीर देखकर डॉक्टरों ने कानपुर रेफर कर दिया। रिटायर्ड फौजी प्रदीप दीक्षित की पत्नी संगीता ने बताया कि वह घर में शाम के समय राइफल की सफाई कर रहे थे, तभी अचानक से गोली चल गई जोकि उनके ठोड़ी में जा लगी। जिससे जबड़ा उड़ गया। हालांकि पुलिस इस मामले को संदिग्ध मानकर जांच कर रही है। 35 मिनट बाद पहुंची एम्बुलेंस जिला अस्पताल से घायल प्रदीप दीक्षित को डॉक्टरों ने कानपुर रेफर कर दिया। यहां एम्बुलेंस को सूचना देकर रेफर लेटर उनके परिजनों को थमा दिया गया। परिजन बार-बार एम्बुलेंस ड्राइवर को फोन करते रहे, लेकिन एम्बुलेंस नहीं पहुंची। करीब 35 मिनट इंतजार करने के बाद एम्बुलेंस वहां पहुंची और फिर घायल पूर्व फौजी को लेकर कानपुर के लिए रवाना हुई। एम्बुलेंस के लेट आने पर परिजनों ने गुस्से का इजहार भी किया। पूर्व सैनिक प्रदीप दीक्षित मूलरूप से हरदोई जिले के राघवपुर कस्बे के निवासी हैं। उन्होंने कन्नौज के हर्षवर्धन मोहल्ले में मकान बनवाया था, जहां वह परिवार के साथ रहते हैं। उनके घर में पत्नी व दो बेटियां हैं। एक बेटी बाहर रहकर आर्मी की तैयारी कर रही और दूसरी बेटी कानपुर में रहकर इंटरमीडिएट की पढ़ाई कर रही है। पूर्व फौजी के गोली लगने को लेकर सुसाइड के प्रयास की भी चर्चा होती रही। मोहल्लेवासियों की मानें तो वह अक्सर ड्रिंक करते थे। जिस कारण मोहल्ले के लोग कम सम्पर्क रखते थे। कुछ लोगों ने संदेह जताते हुए कहा फौजी को असलहे साफ करने की ट्रेनिंग दी जाती है। अनलोड कर के ही असलहे साफ करने के बारे में बताया जाता है। इसके बावजूद लोडेड राइफल की सफाई करने की बात गले से नीचे नहीं उतर रही।

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