बैतूल जिले के सारनी स्थित सतपुड़ा थर्मल पावर स्टेशन (STPS) में मंगलवार को डिस्मेंटलिंग कार्य के दौरान एक मजदूर करंट लगने से गंभीर रूप से झुलस गया। ठेका कंपनी चिनार स्टील के इस मजदूर को 55 फीसदी तक जलने के बाद इलाज के लिए निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। यह हादसा 6, 7, 8 और 9 नंबर यूनिट को तोड़ने के काम के दौरान हुआ। जानकारी के अनुसार, ठेका कंपनी चिनार स्टील द्वारा बंद पड़ी यूनिटों को तोड़ने का कार्य किया जा रहा है। हादसे के वक्त मजदूर अब्दुल रब करीब 15 फीट की ऊंचाई पर डिस्मेंटलिंग का काम कर रहे थे। इसी दौरान उन्होंने बिजली सप्लाई वाला एक केबल काट दिया, जिसमें करंट चालू था। केबल कटते ही तेज स्पार्क हुआ और वे करंट की चपेट में आ गए। सेफ्टी उपकरण पहन रखे थे
मजदूर ने सुरक्षा बेल्ट, हेलमेट और अन्य सेफ्टी उपकरण पहन रखे थे, जिसकी वजह से वह ऊंचाई से नीचे नहीं गिरे और एक बड़ा हादसा टल गया। घटना के तुरंत बाद, ठेका कंपनी के कर्मचारियों ने उन्हें रेस्क्यू कर नीचे उतारा और उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया। घायल मजदूर अब्दुल रब ने बताया कि उन्हें काम करने वाले स्थान पर बिजली सप्लाई बंद होने की जानकारी दी गई थी। हालांकि, वास्तविकता में सप्लाई चालू थी, जिसके कारण वे करंट की चपेट में आ गए। मामले में सतपुड़ा थर्मल पावर स्टेशन के चीफ इंजीनियर सुशील लिल्लोहरे ने बताया कि डिस्मेंटलिंग कार्य के दौरान मजदूर ने चालू बिजली सप्लाई वाला केबल काट दिया था, जिससे स्पार्क हुआ और मजदूर झुलस गया। उन्होंने यह भी बताया कि मजदूर ने सेफ्टी मानकों के अनुरूप बेल्ट और कैप लगाए हुए थे, जिससे वह नीचे गिरने से बच गया। 55 फीसदी तक जल चुका मजदूर
उधर इलाज कर रहे डॉ नूतन राठी ने बताया कि घायल मजदूर करीब 55 फीसदी तक जल चुका है। फिलहाल उसे 24 से 48 घंटे तक ऑब्जर्वेशन में रखा गया है। इस तरह के मामलों में संक्रमण सहित कई जटिल समस्याएं सामने आने की आशंका बनी रहती है। घटना के बाद STPS परिसर में सुरक्षा व्यवस्था, बिजली सप्लाई प्रबंधन और कार्यस्थल पर बरती जा रही सावधानियों को लेकर सवाल खड़े होने लगे हैं।


