किशनगंज जिले के प्राथमिक विद्यालय सिंधीमुनी, बैरबन्ना में सरकारी राशि के कथित गबन और फर्जी हस्ताक्षर का मामला सामने आया है। विद्यालय शिक्षा समिति की सचिव सबेरा बेगम ने प्रधान शिक्षिका नाजरा प्रवीण पर जालसाजी कर विद्यालय खाते से 54,991 रुपये निकालने का गंभीर आरोप लगाया है। इस मामले में मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी (सीजेएम) न्यायालय ने जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग से रिपोर्ट मांगी है। सीजेएम कोर्ट में एक परिवाद दायर किया
परिवादिनी सबेरा बेगम, जो बैरबन्ना की निवासी हैं, ने किशनगंज व्यवहार न्यायालय स्थित सीजेएम कोर्ट में एक परिवाद दायर किया है। इसमें आरोप लगाया गया है कि विद्यालय विकास कार्यों के लिए भारतीय स्टेट बैंक में विद्यालय शिक्षा समिति के खाते में लगभग 60,000 रुपये जमा थे। नियमानुसार, इस खाते से राशि निकालने के लिए विद्यालय शिक्षा समिति की सचिव और प्रधान शिक्षिका दोनों के संयुक्त हस्ताक्षर आवश्यक थे। दस्तावेजों में कथित जालसाजी कर राशि निकाल ली गई
शिकायत के अनुसार, 21 फरवरी 2026 को प्रधान शिक्षिका नाजरा प्रवीण ने कथित तौर पर सचिव की जानकारी और सहमति के बिना फर्जी हस्ताक्षर कर 54,991 रुपये की निकासी कर ली। परिवाद में कहा गया है कि राशि निकासी के लिए पीपीए (पेमेंट परमिशन अथॉरिटी) और वाउचर पर सचिव का हस्ताक्षर अनिवार्य था, लेकिन बिना अनुमति के दस्तावेजों में कथित जालसाजी कर राशि निकाल ली गई। सबेरा बेगम ने यह भी आरोप लगाया है कि निकाली गई राशि विद्यालय विकास कार्य में खर्च नहीं की गई, जिससे सरकारी राशि के गबन की आशंका बढ़ गई है। मामले की जानकारी मिलने के बाद उन्होंने 1 मार्च 2026 को टाउन थाना किशनगंज में लिखित आवेदन देकर प्राथमिकी दर्ज करने की मांग की थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद परिवादिनी ने 6 मार्च 2026 को जिला पदाधिकारी विशाल राज, जिला शिक्षा पदाधिकारी नासिर हुसैन, क्षेत्रीय शिक्षा उप निदेशक पूर्णिया प्रमंडल और शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव को आवेदन देकर पूरे मामले से अवगत कराया। किशनगंज जिले के प्राथमिक विद्यालय सिंधीमुनी, बैरबन्ना में सरकारी राशि के कथित गबन और फर्जी हस्ताक्षर का मामला सामने आया है। विद्यालय शिक्षा समिति की सचिव सबेरा बेगम ने प्रधान शिक्षिका नाजरा प्रवीण पर जालसाजी कर विद्यालय खाते से 54,991 रुपये निकालने का गंभीर आरोप लगाया है। इस मामले में मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी (सीजेएम) न्यायालय ने जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग से रिपोर्ट मांगी है। सीजेएम कोर्ट में एक परिवाद दायर किया
परिवादिनी सबेरा बेगम, जो बैरबन्ना की निवासी हैं, ने किशनगंज व्यवहार न्यायालय स्थित सीजेएम कोर्ट में एक परिवाद दायर किया है। इसमें आरोप लगाया गया है कि विद्यालय विकास कार्यों के लिए भारतीय स्टेट बैंक में विद्यालय शिक्षा समिति के खाते में लगभग 60,000 रुपये जमा थे। नियमानुसार, इस खाते से राशि निकालने के लिए विद्यालय शिक्षा समिति की सचिव और प्रधान शिक्षिका दोनों के संयुक्त हस्ताक्षर आवश्यक थे। दस्तावेजों में कथित जालसाजी कर राशि निकाल ली गई
शिकायत के अनुसार, 21 फरवरी 2026 को प्रधान शिक्षिका नाजरा प्रवीण ने कथित तौर पर सचिव की जानकारी और सहमति के बिना फर्जी हस्ताक्षर कर 54,991 रुपये की निकासी कर ली। परिवाद में कहा गया है कि राशि निकासी के लिए पीपीए (पेमेंट परमिशन अथॉरिटी) और वाउचर पर सचिव का हस्ताक्षर अनिवार्य था, लेकिन बिना अनुमति के दस्तावेजों में कथित जालसाजी कर राशि निकाल ली गई। सबेरा बेगम ने यह भी आरोप लगाया है कि निकाली गई राशि विद्यालय विकास कार्य में खर्च नहीं की गई, जिससे सरकारी राशि के गबन की आशंका बढ़ गई है। मामले की जानकारी मिलने के बाद उन्होंने 1 मार्च 2026 को टाउन थाना किशनगंज में लिखित आवेदन देकर प्राथमिकी दर्ज करने की मांग की थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद परिवादिनी ने 6 मार्च 2026 को जिला पदाधिकारी विशाल राज, जिला शिक्षा पदाधिकारी नासिर हुसैन, क्षेत्रीय शिक्षा उप निदेशक पूर्णिया प्रमंडल और शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव को आवेदन देकर पूरे मामले से अवगत कराया।


