Literary Award: राजस्थानी और हिंदी भाषा के युवा लेखक कुमार अजय को मिला सुरजाराम जालीवाला राजस्थानी सृजन सम्मान

Literary Award: राजस्थानी और हिंदी भाषा के युवा लेखक कुमार अजय को मिला सुरजाराम जालीवाला राजस्थानी सृजन सम्मान

Surajaram Jaliwala Award: जयपुर. राजस्थानी भाषा के युवा चर्चित कवि और लेखक कुमार अजय को प्रतिष्ठित सुरजाराम जालीवाला राजस्थानी सृजन सम्मान से सम्मानित किया गया है। यह सम्मान सृजन सेवा संस्थान, श्रीगंगानगर की ओर से रविवार को नोजगे ऑडिटोरियम में आयोजित विशेष कार्यक्रम में प्रदान किया गया। कार्यक्रम का आयोजन ‘कबीर: तब और अब’ विषय पर व्याख्यान के साथ किया गया, जिसमें साहित्य और विचार के विविध आयामों पर चर्चा हुई।

इस अवसर पर प्रख्यात विचारक, आलोचक और कथाकार प्रो. पुरुषोत्तम अग्रवाल सहित उपस्थित अतिथियों ने कुमार अजय को यह सम्मान प्रदान किया। संस्थान की ओर से उन्हें राजस्थानी साहित्य में उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए यह सम्मान दिया गया है। युवा लेखक की पहचान राजस्थानी और हिंदी दोनों भाषाओं में सशक्त लेखन के रूप में है।

कविता संग्रह ‘संजीवणी’, ‘ऊभौ हूं अजै’ और ‘रिंकी टेलर’ विशेष रूप से चर्चित

चूरू जिले के घांघू गांव में 24 जुलाई 1982 को जन्मे कुमार अजय ने साहित्यिक क्षेत्र में अपनी विशिष्ट पहचान बनाई है। राजस्थानी में उनके कविता संग्रह ‘संजीवणी’, ‘ऊभौ हूं अजै’ और ‘रिंकी टेलर’ विशेष रूप से चर्चित रहे हैं। हिंदी में उनका कविता संग्रह ‘कहना ही है तो कहो’, डायरी पुस्तकें ‘मैं चाहूं तो मुस्करा सकता हूं’ तथा ‘आत्माओं में घुले दुख’ पाठकों और समीक्षकों के बीच सराही गई हैं। इसके अलावा उन्होंने संपादन और अनुवाद के क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया है।

कुमार अजय इससे पूर्व भी कई प्रतिष्ठित सम्मान प्राप्त कर चुके

कुमार अजय इससे पूर्व भी कई प्रतिष्ठित सम्मान प्राप्त कर चुके हैं, जिनमें साहित्य अकादमी युवा पुरस्कार 2013, श्रीमती बसंती देवी धानुका युवा साहित्यकार पुरस्कार, ग्राम गदर पत्रकारिता पुरस्कार 2006, कुलिश स्मृति: कलम से स्वराज पत्रकारिता पुरस्कार 2007 तथा मायड़ रत्न अलंकरण शामिल हैं। वर्तमान में वे सूचना एवं जनसंपर्क विभाग, जयपुर में उप निदेशक पद पर कार्यरत हैं और विभागीय पत्रिका ‘सुजस’ का संपादन भी देख रहे हैं।

कार्यक्रम के दौरान सृजन सेवा संस्थान की ओर से कुल पंद्रह साहित्यकारों को भी सृजन सम्मान से अलंकृत किया गया। इनमें प्रो. पुरुषोत्तम अग्रवाल, कैलाश मनहर, मनीषा कुलश्रेष्ठ, शायर जिया टोंकी, शांतिलाल जैन, डॉ. मदन सैनी, सत्यनारायण ‘सत्य’, मोनिका गौड़, पूनम चौधरी सहित अन्य साहित्यकार शामिल रहे। इस अवसर पर साहित्य, कला, संस्कृति, शिक्षा और सामाजिक क्षेत्रों से जुड़े अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

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