Stock Market Updates: भारतीय शेयर बाजार ने लगातार दूसरे दिन गिरावट के साथ शुरुआत की। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव का असर मंगलवार को वैश्विक बाजारों में देखने को मिला। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बयान के बाद निवेशकों में चिंता बढ़ गई है। ट्रंप ने कहा कि ईरान के साथ हुआ एक महीने का सीजफायर अब कमजोर स्थिति में है।
West Asia में बढ़ते तनाव का असर कच्चे तेल की कीमतों पर भी पड़ा। ब्रेंट क्रूड 105 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंच गया। माना जा रहा है कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में सप्लाई बाधित रहने से तेल की कीमतों में तेजी बनी रह सकती है।
बाजार ने गिरावट के साथ की शुरुआत
बाजार में शुरुआती तौर पर बीएसई सेंसेक्स 400 से ज्यादा अंकों की गिरावट के साथ खुला। इसके बाद भी इसमें गिरावट का दौर जारी है। फिलहाल सेंसेक्स में 666 अंकों की गिरावट है और यह 75,348 के स्तर पर करोबार कर रहा है। इसके साथ ही निफ्टी Nifty 23,800 के नीचे खुला। लेकिन बाजार में जारी गिरावट के कारण अब यह 175 अंकों की गिरावट के साथ 23,640 के स्तर पर करोबार कर रहा है।
इन शेयरों में रही तेज गिरावट
Sensex के 30 पैक वाले शेयरों में, Infosys, Tech Mahindra, TCS, HCL Tech, और Adani Ports सबसे ज्यादा गिरे। सिर्फ SBI, Bharti Airtel, Tata Steel, में बढ़त देखने को मिली। वहीं, निफ्टी के सेक्टोरल इंडेक्स में Nifty IT में सबसे ज्यादा गिरावट आई, इसमें लगभग 2.3 प्रतिशत की गिरावट आई। Nifty Bank, Financial Services, Media, FMCG, Pharma, Realty, Healthcare, और Chemicals भी गिरावट के साथ कारोबार कर रहे हैं।

बाजार में गिरावट के मुख्य कारण
बाजार में इस गिरावट के दौर की सबस बड़ी वजह कच्चे तेल की कीमतों का 100 डॉलर प्रति बैरल के पार बने रहना है। फिलहाल कच्चे तेल की कीमत 105 डॉलर प्रति बैरल के पास है। भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा तेल आयातक देश है और अपनी जरूरत का 80 से 85 फीसदी तेल का आयात करता है। कच्चे तेल की कीमतों में तेजी से होने वाली महंगाई का सीधा असर आर्थिक विकास और कंपनियों की कमाई पर पड़ता है।
मिडिल ईस्ट में चल रहे तनाव में कमी के कोई संकेत नजर नहीं आ रहे हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के शांति वार्ता प्रस्ताव को ठुकरा दिया है, इसके बाद वैश्विक बाजारों में गिरावट देखने को मिल रही है।
India VIX में बढ़ोतरी हो रही है, जोकि बढ़करकर 18.56 पर पहुंच चुका है। इसके बढ़ने का मतलब है कि बाजार में अभी घबराहट का महौल है और उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है।


