Mutual Funds Returns 2026: भारतीय शेयर बाजार ने साल 2026 में काफी उतार चढ़ाव देखा। मिडिल ईस्ट का युद्ध इसका सबस बड़ा कारण रहा। बाजार में तेज गिरावट के चलते बेंचमार्क इंडेक्स एक समय 12 प्रतिशत तक गिर गए। SMID सेगमेंट यानी कि मिडकैप और स्मॉलकैप सेगमेंट में तो गिरावट और भी ज्यादा थी, यह करीबन 12 से 14 प्रतिशत के बीच गिरे।
लेकिन इस सब के बावजूद AMFI के आंकड़े बताते है कि जब बाजार में सुधार शुरु हुआ तो SMID इंडेक्स में ज्यादा मजबूती आई। Nifty Midcap 100 इंडेक्स मार्च के अपने निचले स्तर से लगभग 16 प्रतिशत ऊपर आ गया है। 8 मई को इस इंडेक्स ने 62,113.85 का नया उच्चतम स्तर छुआ। वहीं, Nifty Smallcap 100 इंडेक्स मार्च के अपने निचले स्तर से 20 प्रतिशत से भी ज्यादा ऊपर चढ़ा है।
जनवरी से अप्रैल तक इस तरह से बढ़ात रहा SMID इंडेक्स
AMFI के डेटा के मुताबिक, जनवरी 2026 में मिडकैप फंड्स में 4,176 करोड़ रुपए और स्मॉलकैप फंड्स में 3,824 करोड़ रुपए का निवेश दर्ज हुआ। वहीं अप्रैल में बढ़कर मिडकैप फंड्स में 6,551 करोड़ रुपए और स्मॉलकैप फंड्स में 6,886 करोड़ रुपए का निवेश हुआ।
| महीना (2026) | मिडकैप फंड्स में इनफ्लो (₹ करोड़) | स्मॉलकैप फंड्स में इनफ्लो (₹ करोड़) | खास बात |
|---|---|---|---|
| जनवरी | 4,176 | 3,824 | साल की शुरुआत में मजबूत निवेश |
| फरवरी | 4,003 | 3,811 | इनफ्लो स्थिर बना रहा |
| मार्च | 6,064 | 6,264 | बाजार गिरावट के बावजूद रिकॉर्ड खरीदारी |
| अप्रैल | 6,551 | 6,886 | निवेशकों का भरोसा और मजबूत हुआ |
निवेशकों को किसने दिलाया भरोसा
मिडिल ईस्ट युद्ध के बाद से ही बाजार में लगातार गिरावट देखी जा रही है लेकिन फिर भी SMID इंडेक्स में मजबूती बनी हुई है। HDFC AMC के MD और CEO नवनीत मुनोत कहते हैं कि मिड और स्मॉलकैप फंड्स में यह मजबूती इसलिए आई क्योंकि ज्यादातर निवेशक SIP के जरिए निवेश कर रहे हैं। उनके मुताबिक निवेशक बाजार में होने वाली छोटी मोटी हलचल पर ध्यान देने के बाजाय अब लंबे समय तक निवेश के इरादे से बाजार में कदम रख रहे हैं।
Abakkus म्यूचुअल फंड के CEO वैभव चुघ का कहना है कि पिछले तीन महीनों में मिडकैप और स्मॉलकैप दोनों ने मध्यम पॉजिटिव रिटर्न दिया है। लेकिन इनका असली दम लंबी अवधि में नजर आता है। तीन साल के आधार पर इन दोनों कैटेगरी का रिटर्न 18 से 20 फीसदी की रेंज में रहा है।


