इटावा के बकेवर थाना क्षेत्र के लखना कस्बे में बहुजन समाज पार्टी के झंडे के अपमान का मामला सामने आने के बाद राजनीतिक माहौल गरमा गया। आरोप है कि महाराणा प्रताप जयंती कार्यक्रम के दौरान कुछ लोगों ने बसपा का झंडा उतारकर उसे पैरों से रौंद दिया। घटना से नाराज बसपा कार्यकर्ताओं ने सोमवार को जिलाध्यक्ष नरेन्द्र कुमार जाटव के नेतृत्व में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपते हुए आरोपियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की। पार्टी पदाधिकारियों ने इसे बहुजन समाज की भावनाओं से जुड़ा मामला बताते हुए दोषियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग उठाई। सोमवार को बसपा कार्यकर्ताओं द्वारा दिए गए ज्ञापन में बताया गया कि 9 मई 2026 को लखना कस्बे में महाराणा प्रताप जयंती के अवसर पर कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा था। इसी दौरान वहां लगा बहुजन समाज पार्टी का झंडा कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा उतार दिया गया। झंडे पर संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अंबेडकर, बसपा संस्थापक मान्यवर कांशीराम और पूर्व मुख्यमंत्री मायावती के चित्र अंकित थे। कार्यकर्ताओं का आरोप है कि झंडा उतारने के बाद उसे पैरों से रौंदकर महापुरुषों का अपमान किया गया। घटना की जानकारी मिलने के बाद पार्टी कार्यकर्ताओं में नाराजगी फैल गई और बड़ी संख्या में पदाधिकारी कार्रवाई की मांग को लेकर एकत्र हो गए। बसपा जिलाध्यक्ष नरेन्द्र कुमार जाटव ने कहा कि यह घटना केवल एक राजनीतिक दल के झंडे का अपमान नहीं है, बल्कि बहुजन समाज की भावनाओं को ठेस पहुंचाने का प्रयास है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग जानबूझकर समाज में तनाव और वैमनस्य पैदा करना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए दोषियों पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए। उन्होंने पुलिस प्रशासन से मांग की कि घटना में शामिल लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ संगीन धाराओं में मुकदमा दर्ज किया जाए। साथ ही कहा कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो पार्टी कार्यकर्ता आगे बड़ा आंदोलन करने को मजबूर होंगे। ज्ञापन सौंपने के दौरान बसपा के कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे। पार्टी नेताओं ने प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग उठाई। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कार्यालय की ओर से कार्यकर्ताओं को आश्वासन दिया गया कि मामले की जांच कर उचित कार्रवाई की जाएगी। पुलिस का कहना है कि घटना से जुड़े तथ्यों की जांच की जा रही है और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। घटना के बाद क्षेत्र में चर्चा का माहौल बना हुआ है और राजनीतिक दल भी पूरे मामले पर नजर बनाए हुए हैं।


