बिजनौर जिला जेल में बंद बंदी दीपक की मौत के बाद दूसरे दिन भी हंगामा जारी है। परिजन हत्या का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग पर अड़े हैं। सोमवार को बड़ी संख्या में ग्रामीण और परिजन पोस्टमार्टम हाउस पर इकट्ठा होकर प्रदर्शन कर रहे हैं। मौके पर भारी पुलिस बल तैनात है। यह घटना रविवार को सामने आई, जब दीपक की मौत की सूचना मिलते ही परिजन और ग्रामीण पोस्टमार्टम हाउस पहुंच गए। उन्होंने दीपक की हत्या का आरोप लगाते हुए हंगामा शुरू कर दिया। परिजनों का आरोप है कि मौत को आत्महत्या का रूप दिया जा रहा है। पोस्टमार्टम हाउस पर परिजनों की पुलिस अधिकारियों से तीखी नोकझोंक हुई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, पुलिस और परिजनों के बीच धक्का-मुक्की भी हुई, जब उन्हें पोस्टमार्टम हाउस के अंदर जाने से रोका गया। हंगामे के विजुअल एएसपी समेत कई थानों का फोर्स पहुंचा ग्रामीणों के हंगामे की सूचना पर एएसपी सिटी डॉ. केजी सिंह, सीओ सिटी संग्राम सिंह और शहर कोतवाली थानाध्यक्ष रामप्रताप सिंह भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन आक्रोशित भीड़ ने नारेबाजी करते हुए जजी चौक पर पहुंचकर जाम लगा दिया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, जाम के दौरान डीआईजी बरेली अजय साहनी जजी चौक से गुजर रहे थे। ग्रामीणों ने उनकी गाड़ी को घेर लिया। महिलाओं ने डीआईजी की गाड़ी के सामने लेटकर जमकर हंगामा किया। देर रात तक हंगामा जारी रहा। रात करीब 8 बजे पुलिस अधिकारियों के आश्वासन के बाद परिजन और ग्रामीण घर लौट गए थे। हालांकि, सोमवार सुबह एक बार फिर बड़ी संख्या में ग्रामीण और परिजन पोस्टमार्टम हाउस पर इकट्ठा हो गए और प्रदर्शन करने लगे। पोस्टमॉर्टम हाउस पर हंगामा सोमवार को एसपी सिटी डॉ. कृष्ण गोपाल सिंह, सीओ सिटी संग्राम सिंह, सीओ नजीबाबाद अंजनी कुमार चतुर्वेदी और शहर कोतवाल राम प्रताप सिंह भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। बाद में एसडीएम सदर रितु रानी भी घटनास्थल पर पहुंचीं और ग्रामीणों को शांत करने का प्रयास किया। अभी तक शव का पोस्टमार्टम नहीं हो पाया है। ग्रामीण और परिजन लगातार हत्या का आरोप लगा रहे हैं और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। मृतक के जीजा प्रमोद कुमार का कहना है कि उन्होंने कई दिन पहले मृतक की जमानत की अपील डाल रखी थी उसकी जमानत मंजूर हुई थी आज उसे जेल से बाहर आना था। हमने एक दिन पहले ही जेल में जाकर उसको बताया था। उन्होंने बताया कि हम जब भी मिलने जाते थे, तभी दीपक जेल के अंदर कुछ लड़कों का नाम बताता था, जो उससे बद्तमीजी और मारपीट करने पर उतारू रहते थे। इसकी हमने जेल प्रशासन से शिकायत की लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। उन्होंने कहा कि हमारी मांग है कि दीपक की मौत के 10 घंटे पहले 10 घंटे बाद सीसीटीवी फुटेज हमें दी जाए और और मुलजिम के खिलाफ केस दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जाए।


