लखनऊ बंगाली अड्डा ने मदर्स डे के अवसर पर विश्वैसरैया हॉल में एक भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया। इस आयोजन में साहित्य, संगीत, नाटक और कला का अनूठा संगम देखने को मिला। यह कार्यक्रम रवींद्रनाथ टैगोर की जयंती के उपलक्ष्य में आयोजित किया गया था, जिसने दर्शकों को बंगाली संस्कृति से परिचित कराया। कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण कोलकाता की प्रसिद्ध रवींद्र संगीत गायिका श्रावनी सेन रहीं। उन्होंने रवींद्रनाथ टैगोर के लोकप्रिय गीतों की मधुर प्रस्तुति दी, जिससे श्रोता भावविभोर हो गए। उनकी गायकी पर सभागार देर तक तालियों से गूंजता रहा। टैगोर की प्रसिद्ध कहानी ‘महामाया’ का नाट्य मंचन नई दिल्ली के नाट्य समूह जापानोचित्रो के कलाकारों ने टैगोर की प्रसिद्ध कहानी ‘महामाया’ का प्रभावशाली नाट्य मंचन प्रस्तुत किया। उनके अभिनय और मंच सज्जा ने दर्शकों को कहानी से जोड़े रखा। इसी अवसर पर साहित्य और संगीत के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए डॉ. अनिल रस्तोगी और सरोद वादक अभिजीत राय चौधरी को ‘रवींद्र सम्मान’ से सम्मानित किया गया। दोनों ने इस सम्मान को अपने लिए गर्व का क्षण बताया। रामकृष्ण मठ के पुस्तक स्टॉल विशेष आकर्षण रहा कार्यक्रम के दौरान त्रिभाषी पत्रिका ‘सृजन’ का भी लोकार्पण किया गया। पत्रिका की संपादक और संस्था की उपाध्यक्ष प्रो. सीमा सरकार ने बताया कि यह पत्रिका साहित्य और संस्कृति को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का माध्यम बनेगी।आयोजन में कोलकाता से आए आनंद पब्लिकेशन, दे पब्लिकेशन और रामकृष्ण मठ के पुस्तक स्टॉल विशेष आकर्षण का केंद्र रहे। इसके अतिरिक्त, बंगाली जामदानी साड़ियों और मुगल घराना की चिकनकारी के स्टॉल पर भी काफी भीड़ देखी गई।संस्था के संस्थापक सचिव प्रतीक सिन्हा ने अपनी टीम के साथ मिलकर कार्यक्रम का सफल संचालन किया। पूरे आयोजन में सांस्कृतिक उत्साह और पारंपरिक बंगाली विरासत की स्पष्ट झलक दिखाई दी।


