सतना में जनगणना कार्य में लापरवाही बरतने के आरोप में जिला शिक्षा अधिकारी ने प्राथमिक शिक्षिका शीला चक्रवैश्य को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई तहसीलदार एवं चार्ज जनगणना अधिकारी नागौद की रिपोर्ट के आधार पर की गई है। जानकारी के अनुसार, शीला चक्रवैश्य शासकीय प्राथमिक शाला जसो, संकुल केंद्र शासकीय उमावि जसो में प्राथमिक शिक्षिका हैं। उन्हें जनसंख्या गणना 2027 के तहत मकानों की सूची तैयार करने और आवास जनगणना कार्य के लिए प्रगणक नियुक्त किया गया था। यह कार्य 1 मई 2026 से शुरू होना था, लेकिन शिक्षिका ने इसे प्रारंभ नहीं किया। रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया कि उन्होंने जनगणना कार्य में कोई रुचि नहीं दिखाई। मामले की गंभीरता को देखते हुए, जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय ने 8 मई 2026 को चक्रवैश्य को कारण बताओ नोटिस जारी किया। उन्हें 24 घंटे के भीतर जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए थे। 9 मई को चक्रवैश्य कार्यालय में उपस्थित हुईं और अपना लिखित व मौखिक पक्ष रखा। हालांकि, सुनवाई के दौरान वे जनगणना कार्य किए जाने संबंधी कोई प्रमाण प्रस्तुत नहीं कर सकीं। विभाग ने उनके जवाब को असंतोषजनक पाया। प्रथम दृष्टया जनगणना कार्य में लापरवाही का दोषी पाए जाने पर, उन्हें मध्य प्रदेश सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम 1966 के तहत तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय विकासखंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय नागौद निर्धारित किया गया है। नियमानुसार, उन्हें जीवन निर्वाह भत्ते की पात्रता भी रहेगी।


