जल संकट और बढ़ा:600 टैंकर, फिर भी लोग प्यासे, अब 52 निजी हाईड्रेंट के भरोसे

जल संकट और बढ़ा:600 टैंकर, फिर भी लोग प्यासे, अब 52 निजी हाईड्रेंट के भरोसे

शहर में जल संकट बढ़ता जा रहा है। नगर निगम का दावा है कि रोज 600 टैंकरों से पानी की आपूर्ति की जा रही है, जबकि हकीकत में दर्जनों इलाकों में लोग पानी के लिए परेशान हो रहे हैं। जिन इलाकों में टैंकर से पानी सप्लाई हो रहा, वहां भी लोगों को पर्याप्त पानी नहीं मिल पा रहा है। 15 से 20 फीसदी क्षेत्रों में बोरिंग सूख गए हैं। हाईड्रेंट से बड़ी मात्रा में टैंकर भरने से टंकियों के प्रेशर में कमी आने लगी है। इस समस्या के निदान के लिए नगर निगम ने अब 52 निजी हाईड्रेंट से टैंकर भरने की तैयारी की है। बोरिंग सूखे, पानी खरीदने को मजबूर
गर्मी की तपिश से बोरिंग सूख रहे हैं। लोग निजी टैंकरों का पानी खरीदने को मजबूर हैं। जलसंकट को देखते हुए छोटे टैंकर के दाम 400-500 रुपए से बढ़कर 800 से 900 रुपए तक पहुंच गए हैं। ये टैंकर पानीदार क्षेत्रों में हाईड्रेंट लगाकर भूजल दोहन कर रहे हैं। निगमायुक्त क्षितिज सिंघल ने टंकियों के हाईड्रेंट से भरे जा रहे पानी की मात्रा में कमी लाने के लिए पानी वाले क्षेत्रों की तलाश करने के लिए कहा है। रोज बिक रहा हजारों लीटर पानी
अपर आयुक्त आशीष पाठक के अनुसार शहर के अलग-अलग क्षेत्रों में 52 निजी हाईड्रेंट चिह्नित किए हैं। इनसे रोजाना हजारों लीटर पानी टैंकरों के माध्यम से बेचा जा रहा है। निगम ने जल संकट की स्थिति को देखते हुए इन्हें अधिग्रहित कर यहां से टैंकर भरने का निर्णय लिया है। इन हाईड्रेंट से रोजाना 10 से 12 टैंकर भरे जाते हैं। वेस्ट वाटर का भी उपयोग करेंगे
शहर में 132 आरओ वाटर प्लांट हैं। इनसे रोजाना कैन और कैम्पर में पानी बेचा जा रहा है। आरओ वाटर बनाने की प्रक्रिया में एक तिहाई से ज्यादा पानी बहा दिया जाता है। अधिकारियों के अनुसार अब इस पानी को रिचार्ज शाफ्ट बनाकर जमीन में उतारेंगे और जहां मात्रा अधिक है, वहां से लेकर टैंकर के माध्यम से अन्य उपयोग के लिए वितरण करेंगे। इससे भी नर्मदा टंकियों के हाईड्रेंट पर दबाव कम होगा।

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