इंदौर में बिना फायर सेफ्टी के संचालित हो रहे अस्पताल:जान-माल की सुरक्षा में लापरवाही; हाईकोर्ट ने शासन, अस्पताल संचालकों से मांगा जवाब

इंदौर में बिना फायर सेफ्टी के संचालित हो रहे अस्पताल:जान-माल की सुरक्षा में लापरवाही; हाईकोर्ट ने शासन, अस्पताल संचालकों से मांगा जवाब

इंदौर के 100 से अधिक बेड क्षमता वाले अस्पतालों को लेकर मप्र हाईकोर्ट की इंदौर बेंच में लगी याचिका पर शुक्रवार को जस्टिस विजय कुमार शुक्ला और जस्टिस आलोक अवस्थी सुनवाई हुई। याचिकाकर्ता चर्चित शास्त्री के एडवोकेट अदित रघुवंशी ने कोर्ट को बताया कि शहर के मयूर, इंदौर सिटी, लक्ष्मी मेमोरियल, सेवाकुंज, शुभदीप, आरएन कपूर, प्रमिला, एसएन एस और मेडिस्टा हॉस्पिटल अस्पतालों द्वारा बिना फायर सेफ्टी अनुमति के हॉस्पिटल संचालित किए जा रहे हैं। याचिकाकर्ता की ओर से बताया गया कि कुछ दिन पूर्व उड़ीसा के कटक शहर में हॉस्पिटल में आग लगने से 11 लोगों की जान चली गई थी। इसके बाद इंदौर कलेक्टर को जनसुनवाई में इंदौर शहर के हॉस्पिटलों की जांच हेतु आदेश किया गया था , जिस पर कलेक्टर द्वारा जांच सीएमएचओ डॉ. माधव हसानी को दी गई थी। मामले में सीएमएचओ द्वारा कोई कार्यवाही नहीं की गई। नगर निगम फेयर सेफ्टी शाखा से सूचना के अधिकार में प्राप्त जानकारी से पता चला कि इंदौर के 9 अ में फायर सेफ्टी की कोई अनुमति नहीं ली गई थी। ये अस्पताल बिना फायर सेफ्टी अनुमति के संचालित किए जा रहे थे। इसके बावजूद सीएमएचओ द्वारा इन अस्पतालों के संचालन के लिए रजिस्ट्रेशन प्रदान कर दिया गया, यह गंभीर स्वास्थ चूक है। माले में कोर्ट ने शासन और अस्पताल संचालकों को नोटिस जारी कर जवाब मागा है। कोर्ट ने कहा कि यह जनता की जान से जुड़ा विषय है। इसमें शासन तत्काल कार्यवाही करें।

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