Roopa Ganguly: पिछले दिनों पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों के रिजल्ट के बाद ममता बनर्जी की पार्टी TMC को मिली करारी हार और बीजेपी ने मारी बाजी। भाजपा की इस बड़ी जीत के बाद राज्य में नई सरकार को लेकर चर्चाएं चल रही हैं। ख़बरों के मुताबिक, भाजपा पश्चिम बंगाल में दो डिप्टी सीएम बनाने पर विचार कर रही है, जिसमें एक महिला नेता को शामिल करने की रणनीति पर भी काम हो रहा है। जहां एक ओर मुख्यमंत्री पद के लिए शुभेंदु अधिकारी सबसे मजबूत दावेदार माने जा रहे हैं। वहीं, ‘महाभारत’ में द्रौपदी का किरदार निभाने वाली रूपा गांगुली का नाम डिप्टी सीएम पद के लिए चर्चा में है। बता दें कि रूपा गांगुली ने टीएमसी कैंडिडेट और एक्ट्रेस अरुंधति मैत्रा को हरा कर सोनारपुर दक्षिण सीट पर जीत हासिल की है।
बता दें एक्ट्रेस से पॉलिटिशियन बनी रूपा गांगुली ने अपने फ़िल्मी करियर में कई फिल्में भी कीं, लेकिन बी.आर. चोपड़ा की ‘महाभारत’ में निभाए उनके द्रौपदी के किरदार ने दर्शकों के दिलों पर अमिट छाप छोड़ी। इस किरदार में आज भी कोई और एक्ट्रेस उनकी बराबरी नहीं कर पाई है।
द्रौपदी के किरदार से घर-घर में मशहूर हुईं रूपा गांगुली (Roopa Ganguly Iconic Role)
बी.आर. चोपड़ा की ‘महाभारत’ के किरदार आज भी दर्शकों के दिलों में बसे हुए हैं। ‘महाभारत’ में जहां नितीश भारद्वाज ने श्रीकृष्ण और मुकेश खन्ना ने भीष्म पितामह का अमर किरदार निभाया, वहीं द्रौपदी के किरदार में रूपा गांगुली ने भी खास पहचान हासिल की। उनके जबरदस्त अभिनय ने द्रौपदी के किरदार को जीवंत कर दिया। इतना ही नहीं 80-90 के दशक में लोग उनको असल में ‘द्रौपदी’ समझने लगे थे।
बीआर चोपड़ा की महाभारत में रूपा गांगुली का द्रौपदी का किरदार सबसे अहम किरदारों में से एक है। इंडिया टीवी की खबर के अनुसार, कहा जाता है कि रूपा गांगुली से पहले ये किरदार बॉलीवुड एक्ट्रेस जूही चावला को ऑफर हुआ था, लेकिन उन्होंने इसे करने से मना कर दिया था। और फिर ये किरदार रूपा गांगुली को मिल गया, जो उनके अभिनय करियर के लिए मील का पत्थर साबित हुआ और उनको घर-घर तक पहुंचा दिया।
रूपा गांगुली के करियर का सबसे अहम किरदार

बी.आर. चोपड़ा का मानना था कि अगर महाभारत में द्रौपदी का चीर हरण ना हुआ होता तो ‘महाभारत’ भी नहीं हुई होती। इसके साथ ही एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि महाभारत में ये सब हुआ था, इसलिए पर्दे पर भी इस घटना को अच्छे से दिखाना जरुरी था और उससे भी जरूरी था उस दर्द को दर्शकों तक पहुंचाना और रूपा गांगुली इस काम में सफल भी रहीं। इस सीन की शूटिंग से पहले बीआर चोपड़ा ने रूपा गांगुली को बुलाया और समझाया था कि अगर किसी महिला को भरी सभा में बाल से पकड़कर लाया जाए और उसके सारे कपडे़ उतारने की कोशिश की जाए तो उसका कैसा हाल होगा। उन्होंने रूपा गांगुली को इस सीन के लिए खुद को तैयार करने के लिए कहा और जैसे ही शूटिंग शुरू हुई उन्होंने बहुत ही कॉन्फिडेंस के साथ इसे निभाया। हालांकि, ये सीन इतना गंभीर और इमोशनल था कि रूपा गांगुली इस सीन को करते करते खुद ही रोने लगीं थीं और शूटिंग के बाद भी बहुत रोईं।
सेट पर फूट-फूटकर रो पड़ी थीं रूपा गांगुली
रिपोर्ट्स के मुताबिक, द्रौपदी के चीरहरण वाले सीन की शूटिंग के वक्त सेट का माहौल बहुत ही ग़मगीन और भावुक हो गया था। इस सीन को करते समय रूपा गांगुली सीन में इतना खो गईं थीं कि खुद को असल में द्रौपदी समझने लगीं थी और सेट पर फूट-फूटकर रोने लगीं थीं। बता दें कि महाभारत का ये सीन एक ही टेक में फिल्माया गया था। शूटिंग खत्म होने के बाद वो इतनी भावुक हो गईं थीं कि उन्होंने खुद को कमरे में बंद कर लिया था। यह सीन न सिर्फ दर्शकों के लिए, बल्कि कलाकारों के लिए भी यादगार साबित हुआ। इस सीन की शूटिंग के लिए रूपा गांगुली को 250 मीटर की साड़ी की पहनाई गई थी।


