राष्ट्रीय अधिकार मोर्चा के अध्यक्ष अलंकार अग्निहोत्री गुरुवार को कासगंज पहुंचे, जहां ब्राह्मण समाज के लोगों ने उनका फूल मालाओं से स्वागत किया। शहर की आवास विकास कॉलोनी में उनके सम्मान में विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान मौजूद लोगों ने ‘जय श्री राम’ के नारे भी लगाए। अलंकार अग्निहोत्री यूपी पीसीएस 2019 बैच के पूर्व अधिकारी हैं। उन्होंने बरेली में सिटी मजिस्ट्रेट (एडीएम) पद पर रहते हुए 2026 में इस्तीफा दे दिया था। उन्होंने यूजीसी के नए नियमों का विरोध और शंकराचार्य से जुड़े मामले में नाराजगी जताते हुए नौकरी छोड़ी थी। आईआईटी बीएचयू से पढ़े अग्निहोत्री मूल रूप से कानपुर के निवासी हैं और अब ‘राष्ट्रीय अधिकार मोर्चा’ के जरिए राजनीति में सक्रिय हैं। संगठन विस्तार पर जोर, यूपी में लगातार दौरे अग्निहोत्री इन दिनों अपनी पार्टी को मजबूत करने के लिए उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों का लगातार दौरा कर रहे हैं। उनका फोकस खास तौर पर ब्राह्मण समाज के बीच संगठन की पकड़ मजबूत करने पर है। कासगंज दौरा भी इसी रणनीति का हिस्सा बताया जा रहा है। “सनातनी समाज के लिए राजनीतिक विकल्प नहीं” — अग्निहोत्री मीडिया से बातचीत में अलंकार अग्निहोत्री ने कहा कि सनातनी समाज के लिए राजनीति में कोई मजबूत विकल्प मौजूद नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि सत्तारूढ़ व्यवस्था में कई योग्य लोग होते हुए भी वे “एक कंपनी के प्रतिनिधि” की तरह काम कर रहे हैं और जनता का वास्तविक प्रतिनिधित्व नहीं कर रहे। 2027 चुनाव लड़ने और सरकार बनाने का दावा उन्होंने कहा कि इसी स्थिति को बदलने के उद्देश्य से राष्ट्रीय अधिकार मोर्चा की स्थापना की गई है। अग्निहोत्री ने दावा किया कि उनकी पार्टी 2027 में उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव लड़ेगी और सरकार बनाने की दिशा में काम करेगी।


