15 सूत्री मांगों के समर्थन में हड़ताल पर गए शिक्षकेतर कर्मचारी

जहानाबाद|बिहार राज्य विश्वविद्यालय एवं महाविद्यालय कर्मचारी महासंघ के आह्वान पर बिहार के सभी अंगीभूत महाविद्यालयों के शिक्षकेतर कर्मचारियों के साथ स्थानीय एसएन सिन्हा कॉलेज के शिक्षकेतर कर्मचारी दो दिवसीय कलमबंद हड़ताल पर चले गए हैं। हड़ताल के पहले दिन कर्मचारियों ने कामकाज ठप रखकर अपनी मांगों के समर्थन में धरना प्रदर्शन एवं नारेबाजी की। कर्मचारियों की प्रमुख मांगों में सर्वोच्च न्यायालय के आदेश का अनुपालन, सेवानिवृत्ति की आयु 65 वर्ष करने, विश्वविद्यालय एवं महाविद्यालय के सहायकों के वेतनमान में सुधार, पुरानी पेंशन योजना लागू करने, राज्य सरकार के कर्मियों की भांति अनुसूची दो का लाभ देने, स्टाफिंग पैटर्न, दैनिक वेतनभोगी आउटसोर्सिंग एवं व्यावसायिक पाठ्यक्रम के कर्मियों की सेवा नियमित करना, सीनेट सिंडिकेट एवं अन्य स्टेच्यूरी पदों पर कर्मियों का प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करना, सामंजित कर्मियों को उच्च न्यायालय के न्यायादेश के आलोक में प्रोन्नति एवं अन्य बकायों का भुगतान इत्यादि प्रमुख हैं। मौके पर मौजूद राज्य कार्यकारिणी की सदस्य नीलम कुमारी, मगध प्रक्षेत्र के उपाध्यक्ष राजीव नयन, इकाई संघ के अध्यक्ष डॉ. ब्रजेश कुमार, सचिव धर्मेंद्र कुमार, संजय कुमार ने कहा की सरकार एवं विश्वविद्यालय प्रशासन कर्मियों की मांगों के प्रति उदासीन है। अपनी मांगों के समर्थन में इस दो दिवसीय हड़ताल के उपरांत आगामी बीस मई को विश्वविद्यालय मुख्यालय पर प्रदर्शन करने का कार्यक्रम आहूत है। जहानाबाद|बिहार राज्य विश्वविद्यालय एवं महाविद्यालय कर्मचारी महासंघ के आह्वान पर बिहार के सभी अंगीभूत महाविद्यालयों के शिक्षकेतर कर्मचारियों के साथ स्थानीय एसएन सिन्हा कॉलेज के शिक्षकेतर कर्मचारी दो दिवसीय कलमबंद हड़ताल पर चले गए हैं। हड़ताल के पहले दिन कर्मचारियों ने कामकाज ठप रखकर अपनी मांगों के समर्थन में धरना प्रदर्शन एवं नारेबाजी की। कर्मचारियों की प्रमुख मांगों में सर्वोच्च न्यायालय के आदेश का अनुपालन, सेवानिवृत्ति की आयु 65 वर्ष करने, विश्वविद्यालय एवं महाविद्यालय के सहायकों के वेतनमान में सुधार, पुरानी पेंशन योजना लागू करने, राज्य सरकार के कर्मियों की भांति अनुसूची दो का लाभ देने, स्टाफिंग पैटर्न, दैनिक वेतनभोगी आउटसोर्सिंग एवं व्यावसायिक पाठ्यक्रम के कर्मियों की सेवा नियमित करना, सीनेट सिंडिकेट एवं अन्य स्टेच्यूरी पदों पर कर्मियों का प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करना, सामंजित कर्मियों को उच्च न्यायालय के न्यायादेश के आलोक में प्रोन्नति एवं अन्य बकायों का भुगतान इत्यादि प्रमुख हैं। मौके पर मौजूद राज्य कार्यकारिणी की सदस्य नीलम कुमारी, मगध प्रक्षेत्र के उपाध्यक्ष राजीव नयन, इकाई संघ के अध्यक्ष डॉ. ब्रजेश कुमार, सचिव धर्मेंद्र कुमार, संजय कुमार ने कहा की सरकार एवं विश्वविद्यालय प्रशासन कर्मियों की मांगों के प्रति उदासीन है। अपनी मांगों के समर्थन में इस दो दिवसीय हड़ताल के उपरांत आगामी बीस मई को विश्वविद्यालय मुख्यालय पर प्रदर्शन करने का कार्यक्रम आहूत है।  

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