रायसेन जिला अस्पताल में 4 से 10 मई तक ‘फायर सेफ्टी सप्ताह’ मनाया जा रहा है। गर्मी में आगजनी की बढ़ती आशंका के मद्देनजर, अस्पताल के डॉक्टर, स्टाफ नर्स और अन्य कर्मचारियों को आग से बचाव तथा आपात स्थिति से निपटने का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इसी क्रम में बुधवार को अस्पताल परिसर में एक मॉक ड्रिल आयोजित की गई। इसमें विशेषज्ञों ने फायर एक्सटिंगुइशर के सही उपयोग का सीधा प्रदर्शन किया। कर्मचारियों को सिखाया गया कि आग लगने की स्थिति में घबराने के बजाय सतर्कता और धैर्य से काम लेना महत्वपूर्ण है, ताकि आग पर जल्द काबू पाया जा सके और किसी भी प्रकार की जनहानि को रोका जा सके। सिविल सर्जन डॉ. यशपाल सिंह बाल्यान ने बताया कि अस्पताल जैसे संवेदनशील स्थानों पर फायर सेफ्टी की जानकारी होना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस अभियान का मुख्य उद्देश्य स्टाफ को आपातकालीन स्थितियों के लिए तैयार करना और उन्हें संबंधित उपकरणों के संचालन में कुशल बनाना है। इसके अतिरिक्त, मरीजों और उनके परिजनों को भी आग से बचाव के प्रति जागरूक किया जा रहा है। प्रशिक्षण सत्र के दौरान कर्मचारियों को सुरक्षित निकासी (इवैक्युएशन), आग लगने पर बरती जाने वाली प्राथमिक सावधानियों और जोखिम प्रबंधन (रिस्क मैनेजमेंट) के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई। अधिकारियों ने बताया कि इस प्रकार के नियमित अभ्यास आपदा के समय त्वरित और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने में सहायक होते हैं।


