एमपी के पचोर में 27 बच्चों को ब्लड कैंसर, सांसद ने बताया- जिम्मेदार कौन?

Rodmal Nagar- “हम जो कुछ भी करते हैं, अपनी औलाद के लिए करते हैं… लेकिन क्या हम उसी पीढ़ी की सेहत से खिलवाड़ कर रहे हैं?” राजगढ़ सांसद रोडमल नागर ने मिलावट और जहरीले खानपान के मुद्दे पर बोलते हुए यह सवाल उठाया। मोहनपुरा डैम के पंप हाउस पर आयोजित कार्यक्रम में उनका यह संबोधन एक सामान्य भाषण से आगे बढ़कर समाज के लिए चेतावनी बन गया। सांसद रोडमल नागर ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि पचोर क्षेत्र में पिछले चार साल के भीतर 27 बच्चों को ब्लड कैंसर हुआ है। उन्होंने इसे “भयावह संकेत” बताते हुए कहा कि इसकी जड़ में मिलावट और खराब खानपान है। सांसद रोडमल नागर ने साफ कहा कि यह केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि समाज के हर व्यक्ति को मिलकर मिलावट के खिलाफ लड़ाई लड़नी होगी, तभी आने वाली पीढ़ी सुरक्षित रह सकेगी।

“दुश्मन के घर भी ऐसा दिन न आए, जब किसी को अपनी ही औलाद को कंधा देना पड़े ”

कार्यक्रम में सांसद रोडमल नागर ने कहा “दुश्मन के घर भी ऐसा दिन न आए, जब किसी को अपनी ही औलाद को कंधा देना पड़े। ” उन्होंने सवाल खड़ा किया कि आखिर क्यों कम उम्र में हार्ट अटैक, किडनी खराब होने जैसे मामले सामने आ रहे हैं। जवाब भी उन्होंने खुद ही दिया “हमारा खानपान जहर बनता जा रहा है और इसके पीछे हमारा लालच, लापरवाही और जागरूकता की कमी है।”

गांव-गांव में बन रहा नकली दूध

नकली दूध के बढ़ते कारोबार पर सांसद रोडमल नागर ने खास तौर पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि गांव-गांव में यह धंधा चल रहा है और इसमें बाहरी नहीं, अपने ही लोग शामिल हैं। उन्होंने लोगों से अपील की कि ऐसे मामलों की सूचना बिना नाम उजागर किए जनप्रतिनिधियों या प्रशासन को दें ताकि कार्रवाई हो सके।

खेती पर भी आत्ममंथन की जरूरत- एक बीघा में तीन-तीन बोरी यूरिया, पंजाब की जमीन 50 साल में खराब हुई, हमारी 10 साल में ही हो जाएगी

किसानों को आईना दिखाते हुए सांसद रोडमल नागर ने कहा कि उत्पादन बढ़ाने की होड़ में जरूरत से ज्यादा यूरिया और रासायनिक खाद का उपयोग हो रहा है। किसान जानता है कि कितनी खाद डालनी है, फिर भी एक बीघा में तीन-तीन बोरी यूरिया डाली जा रही है। उन्होंने चेताया कि पंजाब की जमीन 50 साल में खराब हुई, हमारी 10 साल में ही हो जाएगी। कार्यक्रम में विधायक अमर सिंह यादव और परियोजना प्रशासक विकास राजोरिया सहित बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे।

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