भास्कर न्यूज| शिवहर डीएम प्रतिभा रानी ने मंगलवार को सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन परियोजना के कार्यों की प्रगति का जायजा लिया। इस दौरान डीएम ने निर्माण स्थल का निरीक्षण किया। जिला कृषि कार्यालय के पास बन रहे निर्माणाधीन डीसीओ पॉइंट का डीएम ने बारीकी से अध्ययन किया। मौके पर डीएम को कार्यकारी एजेंसी भारत पेट्रोलियम (बीपीसीएल) के प्रतिनिधियों ने बताया कि अगले 5 दिनों के भीतर डीआरएस की स्थापना का कार्य शुरू कर दिया जाएगा। भारत पेट्रोलियम कंपनी के प्रतिनिधि ने डीएम को बताया कि वर्तमान में शहर के वार्ड नं. 10 में पाइप लाइन बिछाने और कनेक्शन का कार्य चल रहा है। साथ ही, बभनटोली वार्ड नं. 12 एवं शिवहर शहर के वार्ड नं. 10 के 25 घरों में प्राप्त आवेदनों के आधार पर गैस पाइपलाइन कनेक्शन के साथ मीटर भी स्थापित कर दिए गए हैं। परियोजना की पहुंच आम जनता तक सुनिश्चित करने के लिए डीएम ने शहर के प्रमुख सार्वजनिक स्थानों पर प्रतिदिन विशेष कैंप लगाने का आदेश दिया। जिसमें रजिस्ट्री चौक, फतहपुर, शिवहर सब्जी मंडी, राजस्थान चौक, नगर परिषद कार्यालय, जीरो माइल चौक और शिवहर कोर्ट/जिला गेट शामिल हैं। इन कैंपों का मुख्य उद्देश्य अधिक से अधिक नागरिकों से आवेदन प्राप्त करना है, ताकि योजना का लाभ जन-जन तक पहुंच सके।सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन (सीजीडी) परियोजना भारत सरकार की एक प्रमुख पहल है, जिसका उद्देश्य घरों में पाइप्ड नेचुरल गैस (पीएनजी) और वाहनों के लिए कंप्रेस्ड नेचुरल गैस (सीएनजी) की निर्बाध आपूर्ति करना है। यह पर्यावरण के अनुकूल स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने और प्राकृतिक गैस आधारित अर्थव्यवस्था की ओर बढ़ने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इससे शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छ ईंधन पहुंचाया जाएगा। यह परियोजना उत्तर बिहार के शिवहर, सीतामढ़ी, दरभंगा आदि क्षेत्रों में घरों को कवर करेगी। बताया जाता है कि पीएनजी से रसोई ईंधन का खर्च कम होता है। जबकि सीएनजी वाहनों में प्रदूषण कम करती है। यह रसोई गैस सिलेंडर की आपूर्ति के लिए सुरक्षित व आसान माध्यम है। यह परियोजना न केवल परिवहन के लिए स्वच्छ ईंधन प्रदान करती है, बल्कि यह संपीड़ित बायोगैस संयंत्रों को भी बढ़ावा देती है, जिससे ग्रामीण इलाकों में स्थानीय ऊर्जा उत्पादन में वृद्धि होती है। इस निरीक्षण के दौरान अपर समाहर्ता सह जिला आपूर्ति पदाधिकारी, जिला योजना पदाधिकारी, अनुमंडल पदाधिकारी एवं बीपीसीएल के प्रतिनिधि सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे। भास्कर न्यूज| शिवहर डीएम प्रतिभा रानी ने मंगलवार को सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन परियोजना के कार्यों की प्रगति का जायजा लिया। इस दौरान डीएम ने निर्माण स्थल का निरीक्षण किया। जिला कृषि कार्यालय के पास बन रहे निर्माणाधीन डीसीओ पॉइंट का डीएम ने बारीकी से अध्ययन किया। मौके पर डीएम को कार्यकारी एजेंसी भारत पेट्रोलियम (बीपीसीएल) के प्रतिनिधियों ने बताया कि अगले 5 दिनों के भीतर डीआरएस की स्थापना का कार्य शुरू कर दिया जाएगा। भारत पेट्रोलियम कंपनी के प्रतिनिधि ने डीएम को बताया कि वर्तमान में शहर के वार्ड नं. 10 में पाइप लाइन बिछाने और कनेक्शन का कार्य चल रहा है। साथ ही, बभनटोली वार्ड नं. 12 एवं शिवहर शहर के वार्ड नं. 10 के 25 घरों में प्राप्त आवेदनों के आधार पर गैस पाइपलाइन कनेक्शन के साथ मीटर भी स्थापित कर दिए गए हैं। परियोजना की पहुंच आम जनता तक सुनिश्चित करने के लिए डीएम ने शहर के प्रमुख सार्वजनिक स्थानों पर प्रतिदिन विशेष कैंप लगाने का आदेश दिया। जिसमें रजिस्ट्री चौक, फतहपुर, शिवहर सब्जी मंडी, राजस्थान चौक, नगर परिषद कार्यालय, जीरो माइल चौक और शिवहर कोर्ट/जिला गेट शामिल हैं। इन कैंपों का मुख्य उद्देश्य अधिक से अधिक नागरिकों से आवेदन प्राप्त करना है, ताकि योजना का लाभ जन-जन तक पहुंच सके।सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन (सीजीडी) परियोजना भारत सरकार की एक प्रमुख पहल है, जिसका उद्देश्य घरों में पाइप्ड नेचुरल गैस (पीएनजी) और वाहनों के लिए कंप्रेस्ड नेचुरल गैस (सीएनजी) की निर्बाध आपूर्ति करना है। यह पर्यावरण के अनुकूल स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने और प्राकृतिक गैस आधारित अर्थव्यवस्था की ओर बढ़ने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इससे शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छ ईंधन पहुंचाया जाएगा। यह परियोजना उत्तर बिहार के शिवहर, सीतामढ़ी, दरभंगा आदि क्षेत्रों में घरों को कवर करेगी। बताया जाता है कि पीएनजी से रसोई ईंधन का खर्च कम होता है। जबकि सीएनजी वाहनों में प्रदूषण कम करती है। यह रसोई गैस सिलेंडर की आपूर्ति के लिए सुरक्षित व आसान माध्यम है। यह परियोजना न केवल परिवहन के लिए स्वच्छ ईंधन प्रदान करती है, बल्कि यह संपीड़ित बायोगैस संयंत्रों को भी बढ़ावा देती है, जिससे ग्रामीण इलाकों में स्थानीय ऊर्जा उत्पादन में वृद्धि होती है। इस निरीक्षण के दौरान अपर समाहर्ता सह जिला आपूर्ति पदाधिकारी, जिला योजना पदाधिकारी, अनुमंडल पदाधिकारी एवं बीपीसीएल के प्रतिनिधि सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।


