हमीरपुर में मंगलवार शाम आई तेज आंधी, मूसलाधार बारिश और ओलावृष्टि ने भारी तबाही मचा दी। सैकड़ों पेड़ और बिजली के खंभे गिरने से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया, जबकि कई इलाकों में बिजली आपूर्ति ठप हो गई। पेड़ गिरने के साथ ही कच्चे मकानों के टीन शेड उड़ गए। कई कारों और बाइकों पर पेड़ गिरने से वे क्षतिग्रस्त हो गईं। जिले के कई हिस्सों में सड़कों पर पेड़ गिरने से यातायात बाधित हो गया है। वहीं, बिजली के पोल गिरने से कई इलाकों में विद्युत आपूर्ति ठप होने के आसार हैं। सड़कों पर जगह-जगह टूटे बिजली के तार फैले पड़े हैं, जिससे खतरा बना हुआ है। सबसे ज्यादा असर मौदहा क्षेत्र में देखा गया, जहां आंधी-बारिश ने व्यापक तबाही मचाई। यहां सैकड़ों पेड़ गिरने के साथ ही कच्चे मकानों के टीन शेड उड़ गए। कई कारों और बाइकों पर पेड़ गिरने से वे क्षतिग्रस्त हो गईं। नगर क्षेत्र में गिरे पेड़ों के कारण यातायात पूरी तरह बाधित हो गया। मौदहा तहसील परिसर में एक विशाल नीम का पेड़ गिरने से अफरा-तफरी मच गई। पेड़ गिरने से तहसील का मुख्य गेट बंद हो गया, जिससे अंदर खड़े वाहन फंस गए। मौके पर मौजूद अधिवक्ता विनय तिवारी ने बताया कि आंधी के दौरान लोग जान बचाने के लिए इधर-उधर भाग रहे थे, तभी अचानक पेड़ गिर गया, जिससे कई अधिवक्ताओं के बस्ते भी क्षतिग्रस्त हो गए। स्थिति को सामान्य करने के लिए नगर पालिका की टीमें सड़कों पर गिरे पेड़ों को हटाने में जुटी हैं। नगर पालिका अध्यक्ष रज़ा मुहम्मद के अनुसार, विभिन्न स्थानों पर गिरे पेड़ों को हटाने का कार्य जारी है। वहीं, विद्युत विभाग की टीमें भी गिरे खंभों और तारों को दुरुस्त करने में लगी हुई हैं, ताकि जल्द से जल्द बिजली आपूर्ति बहाल की जा सके।


