मध्य प्रदेश श्रम विभाग ने दुकान एवं अन्य वाणिज्यिक संस्थान अधिनियम 1958 के तहत ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ को बढ़ावा देने के लिए ‘श्रम सेवा पोर्टल’ की शुरुआत की है। इस पोर्टल के माध्यम से न्यूनतम जानकारी और कम दस्तावेजों के आधार पर त्वरित पंजीयन और प्रमाण पत्र जारी करने की सुविधा प्रदान की जा रही है। विभाग को प्राप्त आवेदनों की जांच के दौरान यह पाया गया है कि कुछ आवेदक बैंक ऋण या अन्य लाभ प्राप्त करने के उद्देश्य से गलत जानकारी प्रस्तुत कर पंजीयन करा रहे हैं। इस संबंध में श्रम विभाग ने स्पष्ट किया है कि प्रत्येक आवेदन का सत्यापन निर्धारित प्रक्रिया के तहत अनिवार्य रूप से किया जाता है। श्रम पदाधिकारी कन्हैयालाल मोरे ने बताया कि वैधानिक कार्रवाई से बचने के लिए, यदि किसी संस्थान ने गलत जानकारी के आधार पर पंजीयन प्राप्त किया है, तो उसे स्वेच्छा से निरस्त किया जा सकता है। पंजीयन निरस्तीकरण की यह सुविधा श्रम सेवा पोर्टल पर ऑनलाइन उपलब्ध है। मोरे ने यह भी जानकारी दी कि जिन संस्थानों में 10 या अधिक श्रमिक कार्यरत हैं, उन्हें अपना ईएसआईसी (ESIC) पंजीयन नंबर पोर्टल पर अनिवार्य रूप से दर्ज करना होगा। इसी प्रकार, जिन संस्थानों में 20 या अधिक श्रमिक कार्यरत हैं, उन्हें ईएसआईसी और ईपीएफओ (EPFO) दोनों पंजीयन नंबर अनिवार्य रूप से दर्ज करने होंगे। विभाग ने सभी नियोजकों से आग्रह किया है कि वे सत्य और सटीक जानकारी प्रदान करें तथा नियमों का स्वप्रेरित अनुपालन सुनिश्चित करें। इससे श्रमिक हितों का संरक्षण होगा और एक पारदर्शी व उत्तरदायी कार्य वातावरण को बढ़ावा मिलेगा।


